Indian home remedies: रसोई में छिपे दादी-नानी के 6 घरेलू नुस्खे, छोटी-मोटी तकलीफ में आते थे बड़े काम

Last Updated:September 18, 2026, 15:06 IST
Indian home remedies: दादी-नानी के जमाने में लौंग, अजवाइन, सौंफ, अदरक और हल्दी जैसी रसोई की चीजों से छोटी-मोटी सेहत समस्याओं के घरेलू उपाय किए जाते थे. जानिए इन पारंपरिक नुस्खों का इस्तेमाल कैसे होता था और किन लक्षणों में घरेलू उपाय के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
दादी-नानी के जमाने में छोटी-मोटी सेहत संबंधी परेशानियों के लिए घर की रसोई में मौजूद चीजों से ही नुस्खे तैयार कर लिए जाते थे. लौंग, अजवाइन, सौंफ, दही, अदरक और हल्दी जैसी चीजों का इस्तेमाल आज भी कई पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता है.
उल्टी की समस्या में लौंग को पानी में उबालकर पीने का घरेलू उपाय बताया जाता है, वहीं पेट दर्द में अजवाइन में थोड़ा नमक मिलाकर लेने का चलन है. चक्कर आने पर सौंफ में थोड़ी चीनी मिलाकर खाने का नुस्खा भी घरों में अपनाया जाता है. इन उपायों से राहत मिले या न मिले, समस्या का कारण पता करना जरूरी है, खासकर अगर लक्षण बार-बार हो रहे हों.
दस्त होने पर चावल को दही के साथ खाने का घरेलू उपाय किया जाता है. दस्त में शरीर में पानी और नमक की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना जरूरी है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों या ज्यादा कमजोरी की स्थिति में लापरवाही नहीं करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
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दांत दर्द में अदरक का रस लगाने का घरेलू नुस्खा भी बताया जाता है. हालांकि, दांत में दर्द का कारण कैविटी, संक्रमण या मसूड़ों की समस्या हो सकती है. लेकिन दर्द लगातार बना रहे तो घरेलू नुस्खों के बजाय दंत चिकित्सक से जांच करवाना बेहतर है.
घाव पर हल्दी को तेल में गर्म करके लगाने जैसे पारंपरिक नुस्खे भी कई जगह अपनाए जाते हैं. लेकिन खुले, गहरे या संक्रमित घाव पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई घरेलू चीज लगाना नुकसानदायक हो सकता है. इसी तरह निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी में हींग का पानी पीना इलाज का विकल्प नहीं है। निमोनिया में डॉक्टर की जांच और उचित उपचार जरूरी होता है.
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September 18, 2026, 15:06 IST



