Recipe: हरी मिर्च का ऐसा अचार कभी खाया है? तेल नहीं पानी में तैयार होती है राजस्थान की चटपटी कांजी, स्वाद रहेगा याद

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राजस्थान की चटपटी कांजी, तेल नहीं पानी में तैयार होता है हरी मिर्च का अचार
Last Updated:September 19, 2026, 12:22 IST
Water-Based pickle Making Recipe: अचार का नाम सुनते ही अक्सर तेल और मसालों से भरे जार का ख्याल आता है, लेकिन राजस्थान का पानी वाला मिर्च का अचार इस धारणा से अलग है. इसमें हरी मिर्च को राई, सौंफ, मेथी और जीरे जैसे मसालों से भरकर पानी में रखा जाता है. खट्टापन बढ़ाने के लिए इसमें सफेद सिरका भी डाला जा सकता है. तीन से चार दिनों में मिर्च मसालों का स्वाद सोखने लगती है और अचार खट्टा-तीखा बन जाता है. इसे दाल-बाटी, रोटी, पराठे और चावल के साथ खाया जा सकता है. चूंकि इसमें तेल नहीं होता, इसलिए साफ जार, सूखे चम्मच और फ्रिज में स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है.
राजस्थानी खाने की थाली में अचार का खास महत्व है. दाल-बाटी, पराठे या दाल-चावल के साथ अचार खाने का स्वाद बढ़ा देता है. लेकिन अगर आप ज्यादा तेल वाला अचार पसंद नहीं करते, तो राजस्थान का पानी वाला मिर्च का अचार ट्राई कर सकते हैं. इसे कुछ जगहों पर मिर्ची की कांजी भी कहा जाता है. इस अचार में तेल की जरूरत नहीं पड़ती. हरी मिर्च, राई, सौंफ, मेथी, जीरा और पानी से इसे तैयार किया जाता है. कुछ लोग खट्टापन बढ़ाने के लिए सिरका भी डालते हैं. कुछ दिनों में मिर्च खट्टी-तीखी और मसालेदार हो जाती है.
आमतौर पर अचार बनाने में तेल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन पानी वाला मिर्च का अचार इससे अलग है. इसमें हरी मिर्च को हल्का नरम करके मसालों से भरा जाता है और फिर पानी में रखा जाता है. राई, सौंफ, मेथी दाना और भुना जीरा इसके स्वाद को खास बनाते हैं. धीरे-धीरे मिर्च मसालों का स्वाद सोखती है और इसमें खट्टापन आने लगता है. कुछ घरों में सिरका भी मिलाया जाता है. यह अचार उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो तेल की मात्रा कम रखना चाहते हैं. हालांकि, इसे बनाते और स्टोर करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है.
राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार बनाने के लिए करीब 500 ग्राम ताजी हरी मिर्च लें. मिर्च बहुत ज्यादा नरम, काली पड़ी या खराब नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा एक से दो चम्मच राई, एक चम्मच सौंफ, एक चम्मच मेथी दाना और एक चम्मच भुना हुआ जीरा चाहिए. स्वाद के अनुसार नमक, आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी हींग डालें. खट्टापन लाने के लिए करीब दो चम्मच सफेद सिरका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा जरूरत के अनुसार पानी लें. सभी सामग्री ताजी और साफ होनी चाहिए, ताकि अचार जल्दी खराब न हो.
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पानी वाला मिर्च का अचार बनाने के लिए सबसे पहले हरी मिर्च को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद साफ कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखाना जरूरी है. मिर्च पर पानी की नमी नहीं रहनी चाहिए. अब एक बर्तन में पानी गर्म करें. उबाल आने पर उसमें हरी मिर्च डालें और गैस बंद कर दें. बर्तन को करीब 10 मिनट तक ढककर रखें. इससे मिर्च थोड़ी नरम हो जाएगी, लेकिन पूरी तरह गलनी नहीं चाहिए. इसके बाद मिर्च को पानी से निकालकर ठंडा करें. इस प्रक्रिया से मिर्च में मसाला भरना आसान हो जाता है और उसका स्वाद भी बना रहता है.
अचार के लिए सबसे पहले राई, सौंफ, मेथी दाना और भुने हुए जीरे को दरदरा पीस लें. अब इसमें हल्दी, हींग और स्वाद के अनुसार नमक मिलाकर मसाला तैयार करें. ठंडी हो चुकी हरी मिर्च में लंबाई की ओर हल्का चीरा लगाएं. ध्यान रखें कि मिर्च पूरी तरह दो हिस्सों में अलग न हो. अब तैयार मसाले को एक-एक करके मिर्च के अंदर भर दें. सभी मिर्चियों में मसाला भरने के बाद उन्हें साफ और सूखे कांच के जार में रखें. जार में रखने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें किसी तरह की नमी या गंदगी न हो.
मसाला भरी मिर्चियों को कांच के जार में रखने के बाद उस पानी को पूरी तरह ठंडा कर लें, जिसमें मिर्च को हल्का गर्म किया था. अब इतना पानी जार में डालें कि सभी मिर्चियां अच्छी तरह डूब जाएं. इसके बाद करीब दो चम्मच सफेद सिरका डालकर हल्के हाथ से मिला दें. जार को तुरंत कसकर बंद करने के बजाय साफ सूती कपड़े से ढककर रखा जा सकता है. इसे तीन से चार दिन तक साफ जगह पर रखने की सलाह दी जाती है. इस दौरान मिर्च मसालों और खट्टेपन का स्वाद सोखने लगती है.
पानी वाले मिर्च के अचार में तेल का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए साफ-सफाई और सही स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है. अचार रखने वाला कांच का जार पूरी तरह साफ और सूखा होना चाहिए. अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. जार में गंदा पानी या अतिरिक्त नमी जाने से अचार जल्दी खराब हो सकता है. स्वाद पसंद आने के बाद अचार को फ्रिज में रखना बेहतर रहता है. अगर अचार में फफूंदी दिखाई दे, खराब गंध आए या रंग और बनावट में असामान्य बदलाव नजर आए, तो उसे खाने से बचें.
राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार दाल-चावल, दाल-बाटी, पराठे, पूरी और सादी रोटी के साथ परोसा जा सकता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद साधारण खाने को भी चटपटा बना देता है. कुछ लोग मिर्च के साथ उसके मसालेदार पानी को भी पसंद करते हैं. खासकर जब भोजन में ज्यादा मसाले न हों, तब यह अचार स्वाद बढ़ाने का काम करता है. हालांकि, इसे किसी बीमारी के इलाज या खास स्वास्थ्य लाभ के विकल्प के तौर पर नहीं लेना चाहिए. यह एक पारंपरिक स्वादिष्ट रेसिपी है. इसे बनाते समय साफ-सफाई, सही सामग्री और सुरक्षित स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है.
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September 19, 2026, 12:22 IST



