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Jahazpur Jain Temple: जहाज जैसा दिखता है राजस्थान का ये अनोखा जैन मंदिर, जमीन से निकली थीं प्राचीन प्रतिमाएं

Last Updated:September 19, 2026, 12:43 IST

Jahazpur Jain Temple: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्थित स्वस्तिधाम जैन मंदिर अपनी अनोखी जहाज जैसी बनावट के लिए खास पहचान रखता है. मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार यहां जमीन की खुदाई के दौरान प्राचीन जैन प्रतिमाएं मिली थी. तीन मंजिला मंदिर में 1008 प्रतिमाओं वाली सहस्त्रकूट वेदी, 24 तीर्थंकरों की वेदियां और भगवान मुनि सुव्रतनाथ की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं.

भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्तिधाम अपनी अनोखी बनावट और धार्मिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है. मंदिर को पानी के जहाज के आकार में बनाया गया है. मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार, खिड़कियां और पूरी संरचना जहाज जैसी दिखाई देती है, यही वजह है कि इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.

इस मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता जमीन से प्राचीन जैन प्रतिमाओं के मिलने की है। बताया जाता है कि 23 अप्रैल 2013 को महावीर जयंती के दिन एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान 11 प्राचीन जिन प्रतिमाएं और चार पद्मासन प्रतिमाएं जमीन के अंदर से मिली थी. इनमें भगवान मुनि सुव्रतनाथ की प्रतिमा प्रमुख थी, प्रतिमा के रंग बदलने की बात भी श्रद्धालुओं के बीच आस्था का विषय बनी हुई है. जहाजपुर में प्राचीन प्रतिमाओं के मिलने का सिलसिला वर्ष 1984 से बताया जाता है.

स्वस्तिधाम मंदिर में 31 जनवरी से 7 फरवरी 2020 के बीच आचार्य ज्ञानसागर सागर के सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था. इसके बाद भगवान मुनि सुव्रतनाथ को मंदिर में विराजमान किया. मंदिर की पहली मंजिल पर सफेद पत्थरों से बना विशाल हॉल है जिसमें सहस्त्रकूट वेदी स्थापित है, इसमें 1008 प्रतिमाएं विराजमान हैं.

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मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्वर्ण कार्य से सुसज्जित मुख्य वेदी है। यहां मूलनायक भगवान मुनि सुव्रतनाथ विराजमान हैं. उनके दाईं ओर भगवान आदिनाथ और बाईं ओर भगवान महावीर की वेदी है. मंदिर की सबसे ऊपरी मंजिल पर 24 तीर्थंकरों के लिए 24 वेदियां बनाई गई हैं. मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर विशाल मानस्तंभ भी स्थापित है.

जहाजपुर सड़क मार्ग से भीलवाड़ा, शाहपुरा, देवली और कोटा से जुड़ा हुआ है. भीलवाड़ा और कोटा दोनों से जहाजपुर की दूरी करीब 100 किलोमीटर है. रेल से आने वाले यात्रियों के लिए भीलवाड़ा और कोटा प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं. स्टेशन से बस या निजी टैक्सी के जरिए जहाजपुर पहुंचा जा सकता है.

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September 19, 2026, 12:43 IST

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