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शेखर कपूर की ‘बैंडिट क्वीन’ से मिली पहचान, छोटे पर्दे ने रातोंरात बनाया स्टार, दर्दनाक रहे एक्टर के अंतिम दिन

Last Updated:September 19, 2026, 12:46 IST

अनुपम श्याम ओझा की आज 20 सितंबर को बर्थ एनिवर्सरी है. एक्टर ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थी और धीरे-धीरे उन्होंने बड़े पर्दे और छोटे पर्दे पर अपनी छाप छोड़ी. अनुपम ओझा ने इंटरनेशनल फिल्म से करियर की शुरुआत की थी और फिर वो शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में दिखे थे. एक्टर को असली पहचान छोटे पर्दे के सीरियल ‘प्रतिज्ञा’ से मिली थी.शेखर कपूर की 'बैंडिट क्वीन' से मिली पहचान, छोटे पर्दे ने रातोंरात बनाया स्टारZoomआज एक्टर की बर्थ एनिवर्सरी है.

नई दिल्ली. मशहूर अभिनेता अनुपम श्याम ओझा आज भी घर-घर में लोकप्रिय धारावाहिक ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ के अपने आइकॉनिक किरदार ‘ठाकुर सज्जन सिंह’ के लिए जाने जाते हैं. अपनी भारी-भरकम आवाज, दमदार अभिनय और खास अंदाज के दम पर उन्होंने छोटे पर्दे से लेकर फिल्मों तक में अपनी एक अलग और गहरी छाप छोड़ी थी. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में 20 सितंबर 1957 को जन्मे अनुपम श्याम को बचपन से ही एक्टिंग का बेहद शौक था.

अनुपम श्याम ओझा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई प्रतापगढ़ से पूरी करने के बाद उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित ‘भारतेंदु नाट्य अकादमी’ से थिएटर की विधिवत शिक्षा ली और अभिनय की बारीकियां सीखीं. ट्रेनिंग के बाद वह दिल्ली के ‘श्रीराम सेंटर रंगमंडल’ से जुड़ गए और लंबे समय तक वो थिएटर में सक्रिय रहे.

थिएटर से एक्टिंग की कला और गुण सीखने के बाद वह अपने सपनों को पंख देने मायानगरी मुंबई चले गए. मुंबई का शुरुआती सफर उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई. उनके फिल्मी करियर की शुरुआत इंटरनेशनल फिल्म ‘लिटिल बुद्धा’ से हुई थी. इसके बाद उन्होंने शेखर कपूर की चर्चित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में काम किया.

कई फिल्मों में किया था काम

अपने बेजोड़ अभिनय के दम पर अनुपम श्याम ओझा ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘नायक’, ‘शक्ति’, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’, ‘वांटेड’, ‘हल्ला बोल’ और ‘रक्त चरित्र’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई. फिल्मों में उनकी मजबूत शख्सियत के चलते उन्हें ज्यादातर खलनायक या दबंग किरदार ही निभाने को मिले.

छोटे पर्दे पर मिली असली पहचान और लोकप्रियता

फिल्मों में लंबे संघर्ष और काम के बावजूद उन्हें असली घर-घर वाली पहचान साल 2009 में आए लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ से मिली. इस धारावाहिक में निभाए गए ‘ठाकुर सज्जन सिंह’ के किरदार ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और ‘सज्जन सिंह’ के रूप में ज्यादा जानने लगे. इसके बाद उन्होंने ‘प्रतिज्ञा 2’, ‘कृष्णा चली लंदन’ और ‘डोली अरमानों की’ जैसे सीरियल्स में भी शानदार अभिनय किया.

संघर्ष भरे रहे आखिरी दिन

जीवन का अंतिम समय उनके लिए काफी संघर्षपूर्ण रहा. वह किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ता था. इलाज का खर्च अधिक होने के कारण वित्तीय संकट भी खड़ा हो गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जब उनकी स्थिति का पता चला, तो उन्होंने अस्पताल के खाते में 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भिजवाई थी, जिससे उनका इलाज संभव हो सका. तबीयत में थोड़ा सुधार होने के बाद उन्होंने वापसी भी की और ‘प्रतिज्ञा 2’ की शूटिंग शुरू की, लेकिन स्वास्थ्य लगातार गिरता गया. अंतत 8 अगस्त 2021 को मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया.

About the AuthorPranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…

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New Delhi,Delhi

First Published :

September 19, 2026, 12:46 IST

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