क्या है बीजेपी के खिलाफ बंगाल में ममता का नया प्लान, बाजी पलट देंगी या सुवेंदु अधिकारी का रौब रहेगा कायम?

Last Updated:September 19, 2026, 14:36 IST
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले टीएमसी को एक के बाद एक दो बड़े झटके लगे हैं. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया है. सुवेंदु अधिकारी के इस मास्टरस्ट्रोक ने बंगाल में ‘ममता बनाम सुवेंदु पार्ट-2’ की जंग को और दिलचस्प बना दिया है.ममता बनर्जी का बंगाल उपचुनाव को लेकर नया प्लान. (फाइल फोटो)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सियासत में आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के खेमे में हड़कंप मच गया है. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर टीएमसी प्रत्याशी के अचानक मैदान छोड़ने के महज 24 घंटे के भीतर अब रेजीनगर सीट से टीएमसी उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी अपना नामांकन वापस लेने की बात कहकर पूरी टीएमसी लीडरशिप को हैरान कर दिया है. राजनीतिक गलियारों में इसे ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी पार्ट-2 की सीधी जंग के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें फिलहाल सुवेंदु अधिकारी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. लेकिन ममता बनर्जी भी बड़ी चाल चलने का प्लान तैयार कर रही है. आइए जानते हैं कि बंगाल के पॉलिटिक्स में क्या होने जा रहा है.
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाने हैं, जबकि नतीजों की घोषणा 9 अक्टूबर को होगी. लेकिन चुनाव में लगभग एक महीने का समय बाकी रहते ही टीएमसी उम्मीदवारों का इस तरह मैदान छोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. शुक्रवार को नंदीग्राम से टीएमसी की अधिकृत उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नामांकन वापस लेने से महज कुछ घंटे पहले उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नंदीग्राम के मौजूदा बीजेपी विधायक व नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी.
चुनाव से पहले नंदीग्राम में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ममता गुट को बड़ा झटका दिया है. फाइल फोटो
नंदीग्राम से रेजीनगर तक, कैसे टीएमसी ने टेके घुटने?
नंदीग्राम के झटके से टीएमसी उबरी भी नहीं थी कि रेजीनगर सीट से पार्टी प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने भी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया. बीजेपी ने रेजीनगर सीट से शाखारव सरकार को चुनावी मैदान में उतारा है, जिन्हें अब वाकओवर जैसी स्थिति मिलती दिख रही है.
ममता बनाम सुवेंदु पार्ट-2, किसकी जमेगी धाक?
साल 2021 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की हाई-प्रोफाइल सीट पर खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मात दी थी. उस ऐतिहासिक जीत के बाद से ही सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी का सबसे बड़ा सियासी प्रतिद्वंद्वी माना जाने लगा. अब 2026 के इस उपचुनाव में उम्मीदवारों के इस अप्रत्याशित सरेंडर के बाद बंगाल में तीन बड़े समीकरण बनते दिख रहे हैं.
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
राजनीतिक जानकारों की मनें तो टीएमसी के भीतर वोटिंग से पहले ही उम्मीदवारों का पीछे हटना पार्टी कैडर के गिरते मनोबल को दर्शाता है. सुवेंदु अधिकारी ने साबित किया है कि दक्षिण बंगाल के अपने गढ़ में उनका दबदबा आज भी कायम है. टीएमसी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी कलह और बागियों के तेवर से प्रत्याशी असहज थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं में 2026 के आगामी सभी सियासी संग्रामों के लिए भारी उत्साह भर गया है.
ममता बनर्जी के लिए अपने सबसे भरोसेमंद गढ़ों में फिर से पकड़ बनाना बड़ी चुनौती बन गया है. सुवेंदु अधिकारी ने दिखा दिया है कि वे न केवल अपनी सीट बचा सकते हैं, बल्कि टीएमसी को रणनीतिक मात भी दे सकते हैं. पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले टीएमसी प्रत्याशियों द्वारा इस तरह मैदान छोड़ना यह साफ संकेत देता है कि राज्य में सुवेंदु अधिकारी का रणनीतिक चक्रव्यूह ममता बनर्जी के किले में सेंध लगाने में सफल हो रहा है. 9 अक्टूबर को आधिकारिक नतीजे भले ही आएं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ‘ममता बनाम सुवेंदु पार्ट-2’ की इस शुरुआती लड़ाई में सुवेंदु अधिकारी ने बाजी मार ली है.
About the Authorरविशंकर सिंहChief Reporter
I am an alumnus of Bharatiya Vidya Bhavan, Delhi with a career in journalism that spans across several prestigious newsrooms. Over the years, I have honed my craft at Sahara Samay, Tehelka, P7 and Live India, a…
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Kolkata,Kolkata,West Bengal
First Published :
September 19, 2026, 13:29 IST



