जोधपुर के आसमान में भारत-जापान का शक्ति प्रदर्शन, तेजस में साथ बैठे दोनों देशों के वायुसेना, फोटो ने खींचा ध्यान

Last Updated:September 20, 2026, 21:50 IST
Tejas Fighter Jet: जोधपुर में भारत और जापान की वायुसेनाओं के संयुक्त अभ्यास वीर गार्जियन के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की खास तस्वीर देखने को मिली. भारत और जापान के वायुसेना प्रमुखों ने तेजस फाइटर जेट में साथ उड़ान भरी. इस दौरान जोधपुर के आसमान में दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने अभ्यास और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया. संयुक्त अभ्यास से दोनों वायुसेनाओं के बीच तालमेल और सहयोग को मजबूत करने का संदेश मिला.
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तेजस में साथ उड़े भारत-जापान के वायुसेना
जोधपुर: जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से रविवार को भारत-जापान के मजबूत होते रक्षा संबंधों की एक खास तस्वीर सामने आई. वीर गार्जियन-2026 युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जापान एयर एंड सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोरिता ताकेहिरो ने तेजस लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरकर दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का संदेश दिया. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सोलो उड़ान भरते हुए तेजस विमानों के फॉर्मेशन का नेतृत्व किया, जबकि जापानी एयर चीफ जनरल मोरिता ताकेहिरो विंगमैन के रूप में शामिल रहे और ग्रुप कैप्टन आई सम्राट के साथ सह-पायलट के तौर पर तेजस में उड़ान भरी.
उड़ान से पहले दोनों एयर चीफ अपने-अपने तेजस विमानों की ओर साथ बढ़े और कॉकपिट में सवार होकर उड़ान भरी. आसमान में दोनों विमानों ने निर्धारित फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट किया और इसके बाद एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षित लैंडिंग की. लैंडिंग से पहले विमानों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्मेशन से अलग होकर अपनी-अपनी पोजीशन संभाली. इस दौरान जापानी एयर चीफ को भारतीय वायुसेना के स्वदेशी तेजस की क्षमताओं, आधुनिक प्रणालियों और ऑपरेशनल प्रदर्शन को करीब से समझने का अवसर मिला. दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों की मौजूदगी और संयुक्त उड़ान ने वीर गार्जियन अभ्यास के दौरान भारत-जापान के बीच सैन्य तालमेल की तस्वीर को और मजबूत किया.
9 सितंबर से जारी है वीर गार्जियन-2026 अभ्यासभारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच वीर गार्जियन-2026 का दूसरा संस्करण जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर 9 सितंबर से जारी है और यह अभ्यास 22 सितंबर तक चलेगा. जापानी वायुसेना का दल C-2 विमान के जरिए जोधपुर पहुंचा था, जबकि जापान के त्सुइकी एयर बेस से F-2 लड़ाकू विमान भी अभ्यास में शामिल हुए हैं. भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30MKI, स्वदेशी तेजस और राफेल जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को अभ्यास में उतारा है. दोनों देशों के पायलट विभिन्न जटिल कॉम्बैट मिशनों में हिस्सा लेने के साथ ऑपरेशनल अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा कर रहे हैं. रविवार को अभ्यास का 12वां दिन रहा और एयरबेस पर दोनों देशों के वायु सैनिकों के बीच समन्वय और प्रशिक्षण गतिविधियां जारी रहीं.
एयर चीफ बोले- साथ अभ्यास से दोनों को सीखने का मौकाभारतीय वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तरंग शक्ति-2024 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जापानी टीम भारत आई थी और उन्होंने उप वायुसेना प्रमुख के तौर पर उनसे मुलाकात की थी. हालांकि दक्षिण-पूर्व एशिया के हिस्से में खराब मौसम के कारण जापानी विमान भारत नहीं पहुंच सके थे और संयुक्त उड़ान का अवसर नहीं मिल पाया था. उन्होंने कहा कि इस बार उस कमी को पूरा करने का मौका मिला है. एयर चीफ मार्शल ने संयुक्त अभ्यासों को दोनों देशों के लिए सीखने और अपनी क्षमताओं को बेहतर करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया. उनके मुताबिक साथ उड़ान भरने, प्रशिक्षण लेने और एक-दूसरे की संचालन पद्धतियों को समझने से दोनों वायुसेनाओं के बीच आपसी समन्वय और अनुभव को मजबूती मिलती है. इसी बीच दोनों देशों के वायुसेना प्रमुख मीडिया से भी रूबरू हुए और वीर गार्जियन-2026 के दौरान चल रही गतिविधियों और दोनों वायुसेनाओं के बीच सहयोग को लेकर जानकारी साझा की.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 20, 2026, 21:50 IST



