IIT Bombay student Death | Sahil Wakode death – ‘वह ज़िंदादिल था, बैडमिंटन खेलता था’, साहिल के दोस्त ने बताया आखिरी मुलाकात का पूरा सच

अनन्या गुप्ता
मुंबई. IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच जारी है. साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जाति आधारित भेदभाव और संस्थागत दबाव का सामना करना पड़ा था. वहीं, साहिल के एक करीबी दोस्त ने इन दावों से अलग तस्वीर सामने रखी है. दोस्त का कहना है कि साहिल ने उससे कभी जाति आधारित भेदभाव या उत्पीड़न की बात नहीं की थी और मौत से कुछ दिन पहले जब वह उससे मिला था, तब साहिल सामान्य और खुश नजर आ रहा था.
‘साहिल काफी ज़िंदादिल था, बैडमिंटन खेलता था’साहिल के करीबी दोस्त ने बताया कि वह IIT बॉम्बे में उसके शुरुआती दोस्तों में शामिल था. दोनों पहले साल में आसपास के कमरों में रहते थे और साथ में बैडमिंटन भी खेलते थे. दोस्त के मुताबिक, साहिल पढ़ाई के अलावा कैंपस की जिंदगी में भी काफी सक्रिय था और दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करता था. दोस्त ने बताया कि साहिल का स्वभाव मिलनसार था. वह अक्सर दोस्तों से मिलने आता था और कैंपस के कैफे या खाने-पीने की जगहों पर भी समय बिताता था. दोनों के बीच पहले साल के बाद भी संपर्क बना रहा.
मौत से कुछ दिन पहले भी साहिल अपने दोस्त से मिलने आया था. दोस्त के मुताबिक, यह मुलाकात बिल्कुल सामान्य थी. साहिल स्नैक्स लेकर आया था और दोनों ने कुछ मिनट साथ बिताए. उस समय उसके व्यवहार से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि वह किसी बड़ी परेशानी से गुजर रहा है.
‘उसने कभी जाति या उत्पीड़न की बात नहीं की’साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जाति आधारित टिप्पणियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा था. परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है.
हालांकि, साहिल के करीबी दोस्त का कहना है कि उसने कभी उससे जाति आधारित भेदभाव या उत्पीड़न की शिकायत नहीं की थी. साहिल के एक दोस्त ने कहा कि उसे खुद साहिल की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी और उसने कैंपस में ऐसा कोई व्यवहार भी नहीं देखा था. यह दोस्त की व्यक्तिगत जानकारी और अनुभव है. इससे परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही या गलत साबित नहीं होते. इन आरोपों की जांच फिलहाल पुलिस कर रही है.
प्रोफेसर डूला को लेकर दोस्त ने क्या कहा?साहिल के दोस्त के मुताबिक, प्रोफेसर डूला छात्रों के प्रति सख्त रवैया रखने वाले शिक्षक के तौर पर जाने जाते थे. लेकिन साहिल ने उनसे कभी डूला की ओर से जाति को लेकर किसी कथित टिप्पणी या उत्पीड़न की बात नहीं की थी. साहिल की मौत से पहले हुई परीक्षा की घटना में प्रोफेसर डूला की भूमिका भी जांच का हिस्सा है. रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन पाए जाने के बाद डूला ने उससे पूछताछ की और उसे परीक्षा हॉल से बाहर ले गए. बाद में सामने आए CCTV फुटेज की भी क्राइम ब्रांच जांच कर रही है.
दोस्त ने कहा कि उसे यह नहीं पता कि परीक्षा हॉल से बाहर ले जाने के बाद साहिल के साथ क्या हुआ. उसका कहना है कि दोनों अलग-अलग विभागों में थे, इसलिए उस दिन की पूरी घटना की जानकारी उसे नहीं थी.
JEE रैंक को लेकर क्या मामला था?
साहिल के दोस्त से जुड़ी रिपोर्टों में आईआईटी बॉम्बे में छात्रों की जेईई रैंक से जुड़ी जानकारी तक फैकल्टी की पहुंच को लेकर पुराने विवाद का भी जिक्र किया गया है. इस दावे के मुताबिक, कुछ शिक्षकों की छात्रों की जेईई रैंक संबंधी जानकारी तक पहुंच को लेकर सवाल उठे थे. हालांकि, इस दावे के बारे में उपलब्ध स्रोतों से पूरी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए इसे जांच में स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं लिखा जाना चाहिए.
‘उसने कभी जाति या उत्पीड़न की बात नहीं की’साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जाति आधारित टिप्पणियों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा था. परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है.
हालांकि, साहिल के करीबी दोस्त का कहना है कि उसने कभी उससे जाति आधारित भेदभाव या उत्पीड़न की शिकायत नहीं की थी. साहिल के एक दोस्त ने कहा कि उसे खुद साहिल की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी और उसने कैंपस में ऐसा कोई व्यवहार भी नहीं देखा था. यह दोस्त की व्यक्तिगत जानकारी और अनुभव है. इससे परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही या गलत साबित नहीं होते. इन आरोपों की जांच फिलहाल पुलिस कर रही है.
प्रोफेसर डूला को लेकर दोस्त ने क्या कहा?साहिल के दोस्त के मुताबिक, प्रोफेसर डूला छात्रों के प्रति सख्त रवैया रखने वाले शिक्षक के तौर पर जाने जाते थे. लेकिन साहिल ने उनसे कभी डूला की ओर से जाति को लेकर किसी कथित टिप्पणी या उत्पीड़न की बात नहीं की थी. साहिल की मौत से पहले हुई परीक्षा की घटना में प्रोफेसर डूला की भूमिका भी जांच का हिस्सा है. रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन पाए जाने के बाद डूला ने उससे पूछताछ की और उसे परीक्षा हॉल से बाहर ले गए. बाद में सामने आए CCTV फुटेज की भी क्राइम ब्रांच जांच कर रही है.
दोस्त ने कहा कि उसे यह नहीं पता कि परीक्षा हॉल से बाहर ले जाने के बाद साहिल के साथ क्या हुआ. उसका कहना है कि दोनों अलग-अलग विभागों में थे, इसलिए उस दिन की पूरी घटना की जानकारी उसे नहीं थी.
JEE रैंक को लेकर क्या मामला था?साहिल के दोस्त से जुड़ी रिपोर्टों में आईआईटी बॉम्बे में छात्रों की जेईई रैंक से जुड़ी जानकारी तक फैकल्टी की पहुंच को लेकर पुराने विवाद का भी जिक्र किया गया है. इस दावे के मुताबिक, कुछ शिक्षकों की छात्रों की जेईई रैंक संबंधी जानकारी तक पहुंच को लेकर सवाल उठे थे. हालांकि, इस दावे के बारे में उपलब्ध स्रोतों से पूरी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए इसे जांच में स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं लिखा जाना चाहिए.
परीक्षा में मोबाइल और चैटजीपीटी का क्या मामला था?साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले वह एक परीक्षा में शामिल हुआ था. आईआईटी बॉम्बे ने शुरुआती बयान में कहा था कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन पाया गया और उसने प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड कर जवाब लेने की कोशिश की थी. संस्थान ने बाद में अपनी शुरुआती सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए माफी मांगी और कहा कि घटना से जुड़ी परिस्थितियां जांच का विषय हैं. वहीं, साहिल के परिवार ने परीक्षा में कथित नकल के आरोपों पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि जांच पूरी होने से पहले इस तरह की बातों को अंतिम तथ्य की तरह नहीं देखा जाना चाहिए.
अब क्राइम ब्रांच कर रही है जांचसाहिल की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है. जांच एजेंसी परीक्षा हॉल, हॉस्टल और कैंपस के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ छात्रों और फैकल्टी के बयान भी देख रही है. पुलिस साहिल की मौत से पहले के घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है. रिपोटर्स के मुताबिक, परीक्षा हॉल के सीसीटीवी में प्रोफेसर डूला को साहिल से बातचीत करते और उसे दूसरे छात्रों से अलग ले जाते हुए देखा गया है. इसके बाद साहिल के हॉस्टल लौटने का फुटेज भी जांच का हिस्सा है.
परिवार के आरोप और दोस्त के दावे अलग-अलगइस पूरे मामले में फिलहाल दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. साहिल का परिवार जाति आधारित उत्पीड़न और संस्थागत दबाव का आरोप लगा रहा है, जबकि उसके करीबी दोस्त का कहना है कि उसने साहिल से कभी इस तरह की शिकायत नहीं सुनी और मौत से कुछ दिन पहले वह सामान्य और खुश था.
इसी वजह से अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि परीक्षा वाले दिन वास्तव में क्या हुआ, साहिल और प्रोफेसर डूला के बीच क्या बातचीत हुई और इसके बाद की घटनाओं का उसकी मौत से क्या संबंध था. इन सवालों का अंतिम जवाब जांच और उपलब्ध सबूतों से ही सामने आएगा.
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