राजस्थान में मानसून का पिछले साल टूटा था 108 साल का पॉजीटिव रिकॉर्ड, इस बार ब्रेक हुआ 17 साल का नेगेटिव ‘रिकॉर्ड’

Last Updated:September 23, 2026, 15:54 IST
Rajasthan Rain News : राजस्थान में इस बार मानसून ने निराश कर दिया. राजस्थान में बीते 17 की अवधि में साल 2009 में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई थी. उसके बाद अब सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश हुई है. बारिश के अभाव में कई जिलों में फसलों ने दम तोड़ दिया. वहीं ताल तैलया खाली रह गए. जयपुर समेत कई जिलों की प्यास बुझाने वाला बीसलपुर बांध भी भरने से रह गया है.राजस्थान में इस बार सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है.
जयपुर. राजस्थान से मानसून की विदाई का सिलसिला अब तेज हो गया है. प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के साथ-साथ मानसून की वापसी की रेखा अब राजस्थान में बाड़मेर से कोटपूतली तक पहुंच चुकी है. यानी आधे से ज्यादा राजस्थान से मानसून विदा हो चुका है. अगले करीब एक सप्ताह में मानसून प्रदेश की सीमा से पूरी तरह बाहर निकल सकता है. राजस्थान में मानसून का पिछले साल 108 साल का पॉजीटिव रिकॉर्ड टूटा था. इस बार 17 साल का नेगेटिव रिकॉर्ड ब्रेक हुआ है. बारिश के इन हालात ने किसानों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान से मानसून की औपचारिक विदाई आमतौर पर सितंबर के आखिर तक पूरी हो जाती है. इस बार भी मानसून की वापसी का सिलसिला करीब 25 से 30 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है. बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मानसून सीजन में राजस्थान में 21 सितम्बर की रात तक 335.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. जबकि आमतौर इस अवधि में बारिश का आंकड़ा 425.4 मिलीमीटर होता है. इस लिहाज से प्रदेश में बारिश 21 फीसदी कम हुई है. राजस्थान के कई इलाके इस बार औसत बारिश को भी तरस गए. बांधों में भी इस बार काफी कम पानी है। कई बांध तक को बेहद कम पानी पहुंचा है.
17 साल में राजस्थान का सबसे कमजोर
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक यह पिछले करीब 17 साल में राजस्थान का सबसे कमजोर मानसून बनता दिखाई दे रहा है. इससे पहले वर्ष 2009 में प्रदेश में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई थी. उसके बाद ज्यादातर वर्षों में मानसून की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही. हालांकि मानसून की विदाई के बीच कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में आगामी दिनों में हल्की बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं. लेकिन उससे बारिश का आंकड़ा कोई बहुत ज्यादा बढ़ने की संभावना नहीं है.
बड़े पैमाने पर फसल उत्पादन प्रभावित होने के आसारमौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश की संभावना जताई है. इस बार का मानसून इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि महज एक साल पहले यानी 2025 में राजस्थान में बारिश ने 108 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. अब अगले ही साल बारिश सामान्य से 21 फीसदी कम है. यह सीजन पिछले 17 साल के कमजोर मानसून में शामिल हो रहा है. बारिश कम होने के कारण प्रदेश में फसल उत्पादन काफी प्रभावित होने के आसार हैं.
चिंता में डूबे प्रदेश के किसानएक साल रिकॉर्ड बारिश और अगले साल बारिश में इतनी बड़ी गिरावट मौसम के ये दो बिल्कुल अलग रूप बदलते मौसम के पैटर्न पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं. राजस्थान में अब मानसून की विदाई लगभग अंतिम दौर में है. अगले करीब एक सप्ताह में मानसून की वापसी की रेखा प्रदेश की सरहद से भी बाहर निकल सकती है. इसके साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर काफी हद तक थमने जाएगा. कमजोर बारिश ने इस बार किसानों को फिर से चिंता में डाल दिया है.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 23, 2026, 15:54 IST



