सीकर में बदलने वाला है पब्लिक ट्रांसपोर्ट, 50 ई-बसों के लिए यहां बनेगा 10 करोड़ का डिपो

Last Updated:September 24, 2026, 11:20 IST
Sikar E-Bus Service: सीकर में पीएम ई-बस सेवा के दूसरे चरण के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी है. इसके लिए भढ़ाढर में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से ई-बस डिपो बनाया जाएगा. प्रस्तावित राशि में केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. डिपो में 50 बसों की पार्किंग, चार्जिंग और संचालन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शहर में अभी सार्वजनिक परिवहन में ऑटो की बड़ी भूमिका है, ऐसे में ई-बसें यात्रियों को नया विकल्प देंगी. बसों के रूट और किराए का फैसला संयुक्त कमेटी करेगी. योजना में शहर के साथ नगर परिषद क्षेत्र से सटे गांव-ढाणियों को भी जोड़ने पर जोर रहेगा.
सीकर शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी है. पीएम ई-बस सेवा के तहत शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पहले भढ़ाढर में ई-बस डिपो विकसित किया जाएगा. नगर परिषद ने डिपो के निर्माण और जरूरी सुविधाओं के लिए करीब 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा है. डिपो तैयार होने के बाद यहां से 50 ई-बसों के संचालन की तैयारी है.
डिपो निर्माण में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी रहेगी: प्रस्तावित करीब 10 करोड़ रुपए की लागत में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी. यानी केंद्र की ओर से करीब 6 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. डिपो में ई-बसों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा.
चार्जिंग से लेकर बस पार्किंग तक की होगी व्यवस्था: नगर परिषद के एईएन प्रवीण कुमार के अनुसार डिपो में ई-बसों की पार्किंग, चार्जिंग पॉइंट, संचालन से जुड़ी सुविधाएं और कर्मचारियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी. इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग व्यवस्था डिपो का अहम हिस्सा होगी, ताकि बसों का नियमित संचालन सुचारू रूप से किया जा सके.
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दूसरे चरण में सीकर को मिलेंगी ई-बसें: पीएम ई-बस सेवा के तहत सीकर में दूसरे चरण में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है. डिपो तैयार होने के बाद बसों के संचालन का रास्ता साफ होगा. शहर में फिलहाल सार्वजनिक परिवहन के लिए ऑटो की बड़ी हिस्सेदारी है. ऐसे में ई-बसें शुरू होने पर यात्रियों के सामने सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा.
रूट तय करना भी बड़ी चुनौती होगी: ई-बसें शहर के किन-किन हिस्सों से होकर गुजरेंगी, इसका फैसला जिला प्रशासन, नगर परिषद, यूआईटी, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त कमेटी करेगी. कमेटी शहर की जरूरत, यात्री संख्या, प्रमुख बाजार, शिक्षण संस्थानों और महत्वपूर्ण स्थानों को ध्यान में रखते हुए रूट निर्धारित करेगी. इससे बस सेवा को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की योजना है.
यात्रियों के लिए किराया भी कमेटी ही तय करेगी: ई-बस सेवा शुरू होने से पहले किराए को लेकर भी फैसला किया जाएगा. संयुक्त कमेटी रूट के साथ किराया तय करेगी। शहर के साथ नगर परिषद क्षेत्र से सटे गांव-ढाणियों के लोगों को भी इन बसों से आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है. खासकर रोजाना शहर आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सेवा उपयोगी हो सकती है.
प्रदूषण और शोर कम करने पर भी रहेगा जोर: इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल-पेट्रोल आधारित वाहनों की तुलना में प्रदूषण और शोर कम करने में मदद मिल सकती है. सीकर में ई-बस सेवा शुरू होने के बाद शहर के सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप भी बदलने की उम्मीद है. फिलहाल पूरा फोकस भढ़ाढर में डिपो विकसित करने और इसके बाद 50 बसों के संचालन की तैयारी पर है.
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September 24, 2026, 11:20 IST



