333 रन बनाकर हारा ऑस्ट्रेलिया, भारी पड़े दक्षिण अफ्रीका के दो शतकवीर, जीत का सिलसिला बरकरार

नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका ने जोहानसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 32 रन से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली. इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने 2016/17 के बाद से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी लगातार छठी वनडे सीरीज जीतने का शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखा. इस ऐतिहासिक और रोमांचक जीत के मुख्य सूत्रधार रहे कप्तान टेम्बा बावुमा और आक्रामक बल्लेबाज डेविड मिलर, जिनके शानदार शतकों के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने मैच में अपना दबदबा बनाए रखा.
दक्षिण अफ्रीका की टीम अपने विशेष ‘पिंक डे’ के अवसर पर स्तन कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से गुलाबी जर्सी पहनकर मैदान पर उतरी थी. इस खास दिन पर एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला, जब दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों की पीठ पर उनके अपने नाम के बजाय कैंसर से जंग जीत चुके लोगों के नाम लिखे थे. डेविड मिलर (David Miller) ने इस दौरान अपनी मां ‘जेनी’ के नाम वाली जर्सी पहनी थी, जो खुद कैंसर की बीमारी से उबर चुकी हैं. मैच के बाद मिलर ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी मां ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है और उनके नाम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद खास पल रहा.
दक्षिण अफ्रीकी पारी और शतकीय साझेदारीमैच की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया. वांडरर्स की पिच पर शुरुआत में बल्लेबाजी करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था, लेकिन कप्तान टेम्बा बावुमा ने एक छोर संभालते हुए धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की. इसके बाद मैदान पर डेविड मिलर का तूफान देखने को मिला. बावुमा और मिलर के बीच चौथे विकेट के लिए मात्र 135 गेंदों में 156 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी हुई, जिसने दक्षिण अफ्रीकी पारी का रुख पूरी तरह बदल दिया.
बावुमा का धैर्य और मिलर का आक्रामक शतककप्तान बावुमा ने 103 रनों की कप्तानी पारी खेली और अपनी टीम को एक मजबूत आधार प्रदान किया. वहीं दूसरी तरफ डेविड मिलर अपने रौद्र रूप में नजर आए. मिलर ने महज 93 गेंदों का सामना करते हुए अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 142 रनों की पारी खेली. अपनी इस आक्रामक पारी में उन्होंने 12 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़े. 37 वर्षीय मिलर का यह एकदिवसीय क्रिकेट में आठवां शतक था, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका चौथा शतक था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने बेहतरीन प्रदर्शन पर मिलर ने कहा कि जब भी आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खेलते हैं, तो आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाहर निकलकर आता है. इन दोनों शतकों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 365 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.
ऑस्ट्रेलिया का जवाब और विस्फोटक शुरुआत366 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तूफानी शुरुआत की. वांडरर्स स्टेडियम का मैदान अक्सर बड़े स्कोरों और सफल रनों के पीछा करने के लिए जाना जाता है, और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने शुरुआत में बिल्कुल वैसा ही खेल दिखाया. सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श और ट्रैविस हेड ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर करारा हमला बोलते हुए महज 17 ओवरों के भीतर पहले विकेट के लिए 130 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी कर डाली.
सलामी बल्लेबाजों का संघर्षदोनों सलामी बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों को निशाने पर लिया और आसानी से रन बटोरे. ट्रैविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श दोनों ने ही 84-84 रनों की शानदार पारियां खेलीं. ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया इस विशाल लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा. लेकिन जैसे ही स्पिनरों का आगमन हुआ, मैच का रुख पूरी तरह पलट गया.
स्पिनरों का जाल और निर्णायक मोड़दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर ब्योर्न फोर्टुइन ने मिचेल मार्श को बोल्ड करके इस खतरनाक होती साझेदारी का अंत किया. मार्श के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी की लय गड़बड़ा गई. पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम के बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के स्पिन आक्रमण के सामने बेबस नजर आए. दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में तीन स्पिनरों का इस्तेमाल किया, जिसमें बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज, ब्योर्न फोर्टुइन और पार्ट-टाइम ऑफ-स्पिनर एडन मार्करम शामिल थे. इन तीनों स्पिनरों ने अनुशासन के साथ गेंदबाजी करते हुए अपने-अपने कोटे के पूरे 10-10 ओवर डाले और बीच के ओवरों में रनों की गति पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया.
रोमांचक अंत और कप्तानों की प्रतिक्रियामध्यक्रम के चरमराने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने अंत तक हार नहीं मानी. निचले क्रम में जेवियर बार्टलेट ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 28 गेंदों में 50 रनों की तेज तर्रार पारी खेली और दक्षिण अफ्रीका के खेमे में थोड़ी हलचल पैदा की. हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में धैर्य बनाए रखा और ऑस्ट्रेलियाई टीम को 333 रनों पर समेट दिया.
मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने निराशा जताते हुए स्वीकार किया कि उनकी टीम शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रही. उन्होंने कहा कि उनकी टीम बीच के ओवरों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी, जो युवा खिलाड़ियों के लिए एक सीख की तरह है, लेकिन साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों की तारीफ भी की. वहीं दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने इस जीत को संपूर्ण टीम का प्रदर्शन बताया और डेविड मिलर की पारी की विशेष प्रशंसा की.



