सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट होंगे 3 चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने की सिफारिश, जानें पूरी प्रोफाइल

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सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट होंगे 3 चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने की सिफारिश
Last Updated:September 28, 2026, 21:48 IST
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत में प्रमोट करने की सिफारिश की है. इनमें गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं. सरकार की मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर होगी.कॉलेजियम ने निर्णय लिया.
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने देश की सबसे बड़ी अदालत के लिए एक बड़ा और बेहद अहम कदम उठाया है. सोमवार को हुई कॉलेजियम की इस हाई-लेवल बैठक में देश के तीन अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसको प्रमोट करके सीधे सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की गई है. गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया है.
तीन धुरंधर चीफ जस्टिस प्रमोटदेश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के पास कुल 38 जजों की सैंक्शन स्ट्रेंथ है. कॉलेजियम के इस धांसू फैसले से टॉप कोर्ट में खाली पड़ी जगहों को भरने में बड़ी मदद मिलेगी. सीजेआई के साथ-साथ इस कॉलेजियम पैनल में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा जैसे नाम शामिल हैं. इन सभी की सहमति के बाद 28 सितंबर 2026 को हुई मीटिंग में इन तीनों नामों पर मुहर लगाई गई. अब इन सिफारिशों को सेंट्रल गवर्नमेंट के पास प्रोसेस के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.
कौन हैं वे तीन नाम जो अब संभालेंगे सुप्रीम कोर्ट की कमान?
• न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल: साल 1990 में बतौर एडवोकेट इनरोल होने वाली जस्टिस अग्रवाल ने नवंबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी. इसके बाद जुलाई 2023 से वह गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के रूप में काम कर रही थीं. खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के 65 साल की रिटायरमेंट एज तक पहुंचने में उनके पास अभी करीब 5 साल का लंबा वक्त बाकी है.• न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय: जनवरी 2025 से दिल्ली हाईकोर्ट की कमान संभाल रहे जस्टिस उपाध्याय ने जुलाई 2023 से बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर भी शानदार काम किया है. साल 1991 में वकालत शुरू करने वाले जस्टिस उपाध्याय उत्तर प्रदेश के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल भी रह चुके हैं और नवंबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज बने थे.• न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह: वर्तमान में तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी संभाल रहे जस्टिस सिंह ने साल 2012 में झारखंड हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ली थी. इससे पहले वह त्रिपुरा हाईकोर्ट के भी चीफ जस्टिस रह चुके हैं और पटना तथा झारखंड हाईकोर्ट में वकालत का लंबा अनुभव रखते हैं.
आगे की प्रक्रिया और लीगल अपडेटकॉलेजियम द्वारा इन तीनों नामों पर मुहर लगने के बाद अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है. सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने और वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट जारी होने के बाद ये सभी जज सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे. इस नए कदम से देश के जुडिशल सिस्टम में पेंडिंग मामलों के निपटारे में तेजी आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
September 28, 2026, 21:48 IST



