कान दर्द होने पर क्या करें और क्या नहीं? इन गलतियों से बढ़ सकती है परेशानी

कान में दर्द होना काफी परेशान करने वाला हो सकता है. कई बार इसकी वजह कान में संक्रमण, वैक्स जमा होना, सर्दी-जुकाम के कारण कान में दबाव या कान के पर्दे से जुड़ी समस्या हो सकती है. ऐसे में लोग तुरंत कान में तेल डालने या ईयरबड से सफाई करने लगते हैं, लेकिन कुछ घरेलू तरीके परेशानी को और बढ़ा सकते हैं. इसलिए कान दर्द होने पर यह जानना जरूरी है कि क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए.
अगर कान में हल्का दर्द है, तो सबसे पहले कान को आराम दें और उसे सूखा रखें. नहाते समय कोशिश करें कि कान के अंदर पानी या शैंपू न जाए. कान दर्द में बाहर से हल्की गर्म सिकाई भी कुछ लोगों को आराम दे सकती है. दर्द ज्यादा होने पर पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी सामान्य दर्द निवारक दवाएं मदद कर सकती हैं, लेकिन इन्हें लेने से पहले अपनी उम्र, दूसरी दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है. बच्चों को दवा देते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए.
अगर दर्द 2 से 3 दिन में ठीक नहीं होता या बार-बार कान दर्द की समस्या होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है. इसका कारण पता किए बिना खुद से इलाज करना सही नहीं है.
कान में ईयरबड या पिन बिल्कुल न डालें
कान दर्द होने पर सबसे आम गलती ईयरबड, माचिस की तीली, पिन या किसी दूसरी चीज से कान साफ करना है. इससे वैक्स और अंदर जा सकता है और कान की नली या पर्दे को चोट भी लग सकती है. इसलिए कान के अंदर कोई चीज डालकर सफाई करने से बचें.
बिना सलाह के तेल या ईयर ड्रॉप न डालें
कान दर्द होने पर कई लोग सरसों का तेल, लहसुन का तेल या दूसरे घरेलू नुस्खे आजमाते हैं. लेकिन दर्द का कारण जाने बिना कान के अंदर कोई भी चीज डालना उचित नहीं है. खासकर अगर कान के पर्दे में छेद होने की आशंका हो, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ईयर ड्रॉप्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
कान में पानी जाने से बचाएं
अगर कान में इंफेक्शन है या कान से पानी, पस या खून निकल रहा है, तो कान को गीला करने और तैराकी से बचना चाहिए. कान से निकलने वाले द्रव को बाहर से हल्के हाथ से साफ किया जा सकता है, लेकिन कान के अंदर कुछ नहीं डालना चाहिए.
इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
अगर कान दर्द के साथ सुनाई देने में कमी, कान से पानी या पस निकलना, खून आना, कान के आसपास सूजन, तेज बुखार या दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करें. अचानक सुनाई कम होना भी ऐसी स्थिति है जिसमें तुरंत मेडिकल जांच जरूरी हो सकती है.



