पुश्तैनी जमीन पर भाई ने कर लिया कब्जा, तो वकील से जानिए कानूनी रास्ता

फरीदाबाद: परिवार में जमीन-जायदाद का बंटवारा न होने पर कई बार एक भाई पूरी जमीन पर कब्जा कर लेता है. बाकी भाई-बहन अपना हिस्सा मांगते रह जाते हैं और उन्हें डर रहता है कि कहीं कब्जे की वजह से उनका मालिकाना हक खत्म न हो जाए. ऐसे मामलों में जमीन के कागजात, वारिसों का रिकॉर्ड और संपत्ति की स्थिति काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. सवाल यह भी है कि अगर कब्जा करने वाला भाई जमीन बेचने की कोशिश करे, तो बाकी वारिस क्या कदम उठा सकते हैं.
एक भाई पूरी जमीन पर कब्जा कर ले तो क्या करें?
एक भाई पूरी जमीन पर कब्जा करके बैठ गया तो बाकी भाई-बहन क्या करें. इस पर Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर 12 कोर्ट के वकील मोहन तिवारी बताते हैं कि कब्जा कर लेने मात्र से ही जमीन उस भाई की नहीं हो जाती. इसके लिए माननीय न्यायालय में पार्टीशन सूट फाइल किया जा सकता है. अगर कब्जा अवैध है तो संबंधित एसडीएम के न्यायालय में भी जा सकते हैं और पुलिस में शिकायत कर सकते हैं. ये सभी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं.
दूसरे वारिस अपने हिस्से के लिए क्या कानूनी कदम उठाएं?
इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि वारिस माननीय न्यायालय के सामने पार्टीशन सूट फाइल कर सकते हैं. अगर जमीन विवादित है और उसमें किसी एक वारिस का हिस्सा नहीं बताया जा रहा है तो पार्टीशन सूट के जरिए अपना हिस्सा मांगने का रास्ता अपनाया जा सकता है. जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया है तो उस मामले में भी पार्टीशन सूट दाखिल किया जा सकता है. पार्टीशन सूट के माध्यम से ही अपना जमीन का हक और हिस्सा लिया जा सकता है. हिस्सा मांगने के लिए यही कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.
जमीन के कागजात संभालकर रखना जरूरी
जमीन के कौन से दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए. इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि रजिस्ट्री होने के बाद इंतकाल यानी म्यूटेशन कराया जाता है. इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में जमाबंदी यानी Record of Rights अपडेट होती है. जमीन से जुड़े ये सभी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए. इसके अलावा खसरा नंबर और खाता-खतौनी भी अपने पास रखनी चाहिए. अगर आपके पास जमीन का नंबर है तो उससे संबंधित रिकॉर्ड भी निकलवाया जा सकता है.
भाई जमीन बेचने की कोशिश करे तो क्या करें?
अगर भाई जमीन बेचने की कोशिश करे तो बाकी वारिस क्या करें. इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि ऐसी स्थिति में माननीय न्यायालय के सामने इंटिरिम एप्लीकेशन यानी स्टे एप्लीकेशन दाखिल करनी होती है. इसमें जमीन की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जा सकती है. अगर भाई ने गलत तरीके से जमीन बेच दी है तो कोर्ट में इसकी जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की जा सकती है.
पहले जांचें कि किसके हिस्से की जमीन बेची गई
मोहन तिवारी बताते हैं कि सबसे पहले जमीन के दस्तावेज जरूर चेक करने चाहिए. यह देखना जरूरी है कि भाई ने अपने हिस्से की जमीन बेची है या दूसरे वारिस के हिस्से की जमीन. इसके बाद माननीय न्यायालय में जाकर स्टे की मांग की जा सकती है. स्टे मिलने के बाद जमीन को लेकर आगे की कार्रवाई पर न्यायालय के आदेश के मुताबिक रोक लग सकती है.
दस्तावेज नहीं हैं तो ऐसे हासिल करें जमीन की जानकारी
अगर दूसरे भाई या वारिस के पास जमीन से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं है तो भी जानकारी हासिल की जा सकती है. इस संबंधित तहसील में जाकर जमीन का दस्तावेज नंबर बताना चाहिए. वहां से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड निकलवाए जा सकते हैं. रजिस्ट्री नंबर भी होना चाहिए, जिससे संबंधित दस्तावेज की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है.



