गाय-भैंस को पहले बुखार, फिर शरीर पर निकलें गांठें तो हो जाएं सतर्क, लंपी के हो सकते हैं ये लक्षण

Last Updated:September 29, 2026, 22:19 IST
प्रदेश के कुछ जिलों में लंपी स्किन डिजीज के मामले सामने आने के बाद जौनपुर का पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है. हालांकि जिले में अभी तक कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने पशुपालकों से बुखार, गांठ और सूजन जैसे लक्षणों पर तुरंत ध्यान देने, समय पर टीकाकरण कराने और पशुशाला की साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है.
जौनपुर: अगर आपके घर या पशुशाला में गाय या अन्य गोवंशीय पशु हैं, तो इस समय थोड़ी सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है. प्रदेश के कुछ जिलों में लंपी स्किन डिजीज (LSD) के मामले सामने आने के बाद जौनपुर का पशुपालन विभाग भी सतर्क हो गया है. हालांकि जिले में अभी तक इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन बचाव के लिए टीकाकरण और जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है.
लोकल 18 से बातचीत में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए जिले में लगातार निगरानी की जा रही है. गांवों में पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है और पशुपालकों को बीमारी के लक्षण और बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो घबराने के बजाय तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.
डॉ. संजय कुमार के अनुसार, लंपी स्किन डिजीज में शुरुआत में पशु को बुखार आ सकता है. इसके बाद शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छोटी-छोटी गांठें या चकत्ते दिखाई देने लगते हैं. बीमारी बढ़ने पर इनमें घाव भी बन सकते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ पशुओं के पैरों में सूजन आ सकती है और चलने में परेशानी हो सकती है. अगर पशु चारा-पानी कम कर दे या अचानक कमजोर दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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डॉ. संजय कुमार ने सलाह दी कि बीमार पशु को तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग रखें. पशुशाला की नियमित सफाई करें और वहां गंदगी या कीचड़ जमा न होने दें. गोशाला या पशु बांधने की जगह को समय-समय पर साफ और कीटाणुरहित करना भी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि पहले स्वस्थ पशुओं की देखभाल करें और सबसे आखिर में बीमार पशु के पास जाएं, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका कम हो. पशुशाला में चूने का छिड़काव और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि लंपी बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. समय पर पहचान और पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार शुरू होने पर अधिकांश पशु स्वस्थ हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि विभाग के पास जरूरी दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध हैं.
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September 29, 2026, 22:19 IST



