थिएटर से बॉलीवुड, फिर ओटीटी पर जमाई धाक, एक्टिंग देख यकीन करना हो जाता है मुश्किल, 1995 से अब तक कायम है दबदबा

Last Updated:October 02, 2026, 04:01 IST
बॉलीवुड एक्टर केके मेनन अपनी दमदार एक्टिंग से हर किरदार में जान डाल देते हैं. फिल्मों से लेकर ओटीटी तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने महज 9 साल की उम्र में स्कूल के एक नाटक में सूरजमुखी का किरदार निभाया था? विज्ञापन की दुनिया से थिएटर और फिर बड़े पर्दे तक पहुंचे केके मेनन का सफर काफी दिलचस्प रहा है. आज वह अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में केके मेनन अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. वह जिस भी किरदार को निभाते हैं, उसमें पूरी तरह ढल जाते हैं. गंभीर भूमिका हो, नेगेटिव किरदार या फिर अपने स्वभाव से बिल्कुल अलग रोल, वह हर बार अपनी एक्टिंग से दर्शकों को हैरान कर देते हैं. फिल्मों के अलावा थिएटर, टीवी और ओटीटी पर भी उन्होंने अपने काम से ये साबित किया है कि वह हर रोल के लिए परफेक्ट हैं.
सूरजमुखी का किरदार निभाना उनके शुरुआती स्टेज अनुभवों में से एक था. उस वक्त शायद केके को भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि आगे चलकर वह अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएंगे. हालांकि, उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर विज्ञापन की दुनिया में भी काम किया, लेकिन एक्टिंग के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ.
केके मेनन का जन्म 2 अक्टूबर 1966 को केरल में हुआ था. उनकी परवरिश महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुई और उन्होंने वहीं से स्कूली पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से भौतिकी की पढ़ाई की और फिर एमबीए भी किया.पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एड एजेंसी में काम करना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने प्रोफेशनल जिंदगी की शुरुआत तो कर दी, लेकिन अभिनय का शौक उनके मन में बना रहा. आखिरकार उन्होंने विज्ञापन की दुनिया छोड़कर थिएटर का रास्ता चुना. यहीं से उनके अभिनय करियर को नई दिशा मिली.
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केके मेनन के करियर में थिएटर की अहम भूमिका रही है. मंच पर काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को समझना और उन्हें पर्दे पर जीवंत करना सीखा. उनके थिएटर सफर का जुड़ाव दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ भी रहा. थिएटर में मिले अनुभव ने आगे चलकर फिल्मों में उनके अभिनय को एक अलग पहचान दी.
केके मेनन ने साल 1995 में आई फिल्म ‘नसीम’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा. शुरुआत में उन्हें छोटे किरदार मिले, लेकिन धीरे-धीरे उनके अभिनय को पहचान मिलने लगी. साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म ‘भोपाल एक्सप्रेस’ में उनके काम की चर्चा हुई. इसके बाद उन्होंने ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘सरकार’, ‘कॉरपोरेट’, ‘लाइफ इन अ मेट्रो’, ‘गुलाल’, ‘हैदर’ और ‘द गाजी अटैक’ जैसी फिल्मों में काम किया.
इन फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और साबित किया कि वह हर बार अपने अभिनय से कुछ नया पेश कर सकते हैं.सिनेमाघरों में धाक जमाने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म का दायरा बढ़ा, तो केके मेनन ने इस माध्यम पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’ में रॉ अधिकारी हिम्मत सिंह के किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई.
इस भूमिका में उनके काम को काफी पसंद किया गया. इसके बाद वह ‘स्पेशल ऑप्स 1.5: द हिम्मत स्टोरी’ में भी नजर आए. वहीं, साल 2023 में आई वेब सीरीज ‘फर्जी’ में उन्होंने मंसूर दलाल का किरदार निभाया. इस तरह फिल्मों से लेकर ओटीटी तक, केके मेनन ने अपनी अभिनय क्षमता के दम पर दर्शकों के बीच खास जगह बनाई है.
स्कूल के मंच पर महज 9 साल की उम्र में सूरजमुखी का किरदार निभाने से शुरू हुआ उनका सफर आज कई यादगार भूमिकाओं तक पहुंच चुका है. केके मेनन की खासियत यही है कि वह हर किरदार में कुछ अलग लेकर आते हैं और अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं.
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October 02, 2026, 04:01 IST



