SNCU के वार्मर में लगी आग, जन्म के कुछ देर बाद झुलसा नवजात, गंभीर हालत में जयपुर रेफर

दौसा. जिले के बांदीकुई शहर स्थित कट्टा अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया. वार्मर मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से जन्म के कुछ देर बाद ही एक नवजात झुलस गया. हादसे के बाद अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में अफरा-तफरी मच गई. अस्पताल स्टाफ ने तत्काल नवजात को वार्मर मशीन से बाहर निकाला और उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया. नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए जयपुर के जेके लोन अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है.
घटना की सूचना मिलते ही बांदीकुई और बसवा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली. पुलिस ने वार्मर मशीन सहित एसएनसीयू वार्ड में मौजूद अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई. इधर, हादसे के बाद नवजात के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि जिस वार्मर मशीन में नवजात को सुरक्षित रखने के लिए रखा गया था, उसी में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लगना गंभीर मामला है. हालांकि वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट किस वजह से हुआ और हादसे के समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
डिलीवरी के बाद वार्मर मशीन में नवजात को रखा गया था
जानकारी के अनुसार खुंटला निवासी महिला की गुरुवार दोपहर करीब 12:45 बजे कट्टा अस्पताल में डिलीवरी हुई थी. डिलीवरी के बाद जन्मे नवजात को अस्पताल प्रशासन की ओर से एसएनसीयू वार्ड में वार्मर मशीन में रखा गया था. बताया जा रहा है कि इसी दौरान अचानक वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसमें आग लग गई. आग की चपेट में आने से नवजात झुलस गया. हादसा होते ही एसएनसीयू वार्ड में मौजूद स्टाफ में हड़कंप मच गया. अस्पताल कर्मियों ने तत्काल नवजात को वार्मर मशीन से बाहर निकाला और उपचार शुरू किया. नवजात की स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर करने का निर्णय लिया. इसके बाद नवजात को जेके लोन अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है.
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जुटाई जानकारी
हादसे की सूचना मिलने के बाद बांदीकुई और बसवा थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची. पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ से घटना के संबंध में जानकारी ली. साथ ही उस वार्मर मशीन के बारे में भी जानकारी जुटाई गई, जिसमें नवजात को रखा गया था. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मशीन में शॉर्ट सर्किट किस कारण हुआ और घटना के समय वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम मौजूद थे.
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद नवजात के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि नवजातों को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली वार्मर मशीन में इस तरह आग लगना गंभीर लापरवाही का मामला है. उनका सवाल है कि यदि मशीन की समय पर जांच और मेंटेनेंस किया जाता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था या नहीं. परिजनों ने अस्पताल में नवजातों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि एसएनसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में बिजली के उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है. इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद अन्य वार्मर मशीनों और विद्युत उपकरणों की जांच की मांग भी उठ रही है.
जांच के बाद साफ होगी जिम्मेदारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है. वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट किस वजह से हुआ, मशीन की स्थिति कैसी थी, उसका मेंटेनेंस कब हुआ था और हादसे के समय अस्पताल स्टाफ की क्या भूमिका थी, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा सकती है. घटना में अस्पताल प्रबंधन या किसी अन्य की जिम्मेदारी बनती है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. हादसे के बाद नवजात के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि नवजातों को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली वार्मर मशीन में इस तरह आग लगना गंभीर मामला है. उनका आरोप है कि यदि मशीन और वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो इस तरह का हादसा नहीं होता. परिजनों ने घटना की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से घटना को लेकर क्या कारण सामने आता है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा.



