शादी के बाद नहीं ठहर रहा गर्भ? डॉक्टर ने बताई 5 वजहें, इन समस्याओं को न करें नजरअंदाज

Last Updated:October 02, 2026, 16:07 IST
मऊ: महिलाओं में गर्भधारण में परेशानी कई कारणों से हो सकती है. PCOD, थायराइड, ओवरी में सिस्ट, फाइब्रॉइड, बढ़ता वजन और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं इसके पीछे कारण हो सकती हैं. महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शाहीन खान ने बताया कि ऐसी स्थिति में समय पर जांच कराकर योग्य चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है.
मऊ: महिलाओं में निसंतानता की समस्या कई कारणों से हो सकती है. ऐसे में समय पर जांच और योग्य चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है. अक्सर छोटी लगने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आगे चलकर गर्भधारण में परेशानी का कारण बन सकती हैं. शाहीन क्लिनिक की महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शाहीन खान ने महिलाओं को निसंतानता से जुड़े कारणों और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी.
लोकल 18 से बातचीत में डॉक्टर शाहीन खान ने बताया कि वर्तमान में महिलाओं में निसंतानता की समस्या देखने को मिल रही है. इसके पीछे बढ़ती उम्र में शादी, खान-पान और रहन-सहन से जुड़ी आदतें समेत कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि लाइफस्टाइल में बदलाव और वजन बढ़ने की वजह से भी महिलाओं को हार्मोन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जो गर्भधारण में परेशानी पैदा कर सकती हैं.
उन्होंने बताया कि कम उम्र में फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक सेवन तथा शारीरिक गतिविधि पर ध्यान न देने से भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. खान-पान में जंक फूड और अधिक ऑयली खाना स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. अगर ओवरी में सिस्ट या फाइब्रॉइड जैसी समस्या हो तो कुछ महिलाओं को कंसीव करने में परेशानी हो सकती है.
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डॉक्टर शाहीन खान के अनुसार, अगर ओवरी में सिस्ट बड़ा हो जाए तो हार्मोनल समस्या शुरू हो सकती है और गर्भधारण में परेशानी बढ़ सकती है. महिलाओं को हार्मोनल समस्या, PCOD या थायराइड जैसी समस्या होने पर समय पर जांच करानी चाहिए और योग्य चिकित्सक से इलाज शुरू कराना चाहिए. समय पर जांच और उपचार से गर्भधारण की संभावना बेहतर करने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में ओव्यूलेशन और प्रजनन क्षमता में बदलाव हो सकते हैं, जिससे गर्भधारण में परेशानी आ सकती है. इसलिए महिलाओं को अपनी प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. डॉक्टर शाहीन खान ने बताया कि अधिक वजन और मोटापा भी हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है. वजन को नियंत्रित रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है.
अगर किसी महिला को गर्भधारण में परेशानी हो रही है तो सबसे पहले जरूरी जांच करानी चाहिए. जांच के बाद समस्या के कारण का पता लगाया जा सकता है और उसी के अनुसार उपचार किया जाता है. इसके साथ ही खान-पान और लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, सही समय पर जांच और उपचार शुरू होने पर कई मामलों में गर्भधारण की संभावना बेहतर हो सकती है.
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October 02, 2026, 16:07 IST



