Health

सुबह नाश्ते से रात के डिनर तक, प्रेगनेंट महिलाओं के लिए डॉक्टर ने बताई हेल्दी डाइट

Last Updated:October 05, 2026, 19:42 IST

Women Health Tips: मौसम में बदलाव के साथ खानपान का ध्यान रखना हर किसी के लिए जरूरी होता है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए. गर्भावस्था में शरीर को प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. ठंड के मौसम में मौसमी फल और पौष्टिक भोजन डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. कई गर्भवती महिलाओं को यह समझ नहीं आता कि सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक क्या खाना चाहिए. इसी को लेकर Local 18 से बातचीत में निमाड़ की फेमस गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रीति गुर्जर ने गर्भवती महिलाओं के लिए संतुलित डाइट पर जरूरी बातें बताईं.

डॉक्टर प्रीति गुर्जर के अनुसार गर्भावस्था में डाइट ऐसी होनी चाहिए जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट का संतुलन बना रहे. सिर्फ वजन बढ़ाने के लिए ज्यादा खाना सही तरीका नहीं है. भोजन ऐसा होना चाहिए जिससे मां को पर्याप्त पोषण मिले और बच्चे के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व मिल सकें. डॉक्टर के मुताबिक रोजाना बहुत ज्यादा मीठा खाने या जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से बचना चाहिए. गर्भावस्था में वजन कितना बढ़ना चाहिए, यह हर महिला के शुरुआती वजन और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, इसलिए वजन बढ़ने की निगरानी डॉक्टर की सलाह से करनी चाहिए.

दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करें. नाश्ते में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है. शाकाहारी महिलाएं स्प्राउट्स, मूंगफली डालकर बनाया गया उपमा या दूसरे पौष्टिक विकल्प ले सकती हैं. जो महिलाएं अंडा खाती हैं, वे डॉक्टर की सलाह के अनुसार अंडे को डाइट में शामिल कर सकती हैं. इसके साथ मौसम के अनुसार फल और छाछ जैसे विकल्प भी लिए जा सकते हैं. नाश्ता ऐसा हो जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहे और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिले.

डॉक्टर प्रीति के अनुसार लंच में प्लेट को ज्यादा संतुलित रखना चाहिए. इसमें हरी या दूसरी मौसमी सब्जी, दही, सलाद और रोटी शामिल की जा सकती है. जरूरत और डाइट प्लान के अनुसार दाल या दूसरे प्रोटीन स्रोत भी शामिल किए जा सकते हैं. सिर्फ रोटी या चावल खाने के बजाय खाने में सब्जी, प्रोटीन और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों का संतुलन रखना जरूरी है.

Add as Preferred Source on Google

गर्भावस्था में दिन के बीच में भूख लगना सामान्य हो सकता है. ऐसे में बहुत ज्यादा तला-भुना या मीठा खाने की बजाय भुना चना, मखाना, फल या सीमित मात्रा में ड्राई फ्रूट जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं. कितनी मात्रा में क्या लेना है, यह महिला की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और गर्भावस्था की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है.

डॉक्टर के मुताबिक रात में बहुत ज्यादा भारी भोजन करने से बचना चाहिए. डिनर में दाल, राजमा, चना या बीन्स जैसे प्रोटीन स्रोत के साथ जरूरत के अनुसार रोटी या थोड़े चावल लिए जा सकते हैं. अगर महिला को डायबिटीज है या गर्भावस्था में ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है तो डाइट डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए. ऐसे मामलों में मीठे और शुगर वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष नियंत्रण जरूरी हो सकता है. डॉक्टर प्रीति गुर्जर का कहना है कि स्वस्थ प्रेगनेंसी की तैयारी गर्भधारण से पहले ही शुरू हो जाए तो बेहतर रहता है. अगर महिला का वजन बहुत कम है या ज्यादा है, तो प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेकर उसे स्वस्थ स्तर पर लाने की कोशिश करनी चाहिए.

कई महिलाओं में प्रेगनेंसी के समय आयरन, विटामिन डी या विटामिन बी12 की कमी सामने आती है. ऐसे में जांच के बाद डॉक्टर जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्री दे सकते हैं. बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के कोई सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए. मौसम बदलने पर आंवला, अमरूद और सेब जैसे फल डाइट में शामिल किए जा सकते हैं. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाना चाहिए. प्रेगनेंसी में किसी एक चीज को ज्यादा मात्रा में लेने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में लेना बेहतर रहता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

October 05, 2026, 19:42 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj