Jaipur News: जयपुर की मिट्टी ने रचा इतिहास, टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन को मिला राष्ट्रीय कला पुरस्कार

Last Updated:October 06, 2026, 11:44 IST
Terracotta artist Chandrashekhar Sain: जयपुर के टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2026 में उनकी कृति ‘माय एंटायर वर्ल्ड-I’ के लिए ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. राजस्थान की मिट्टी, लोक परंपराओं और प्रकृति को अपनी कला में उकेरने वाले सैन का यह सम्मान जयपुर और राजस्थान की टेराकोटा कला के लिए गौरव का विषय है.
जयपुर के कलाकार अपनी कला के हुनर से दुनियाभर में अपना नाम रोशन कर रहे हैं, ऐसे ही मिट्टी और टेराकोटा कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले जयपुर के टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन, जिन्हें हालही में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2026 में उनके टेराकोटा शिल्प ‘माय एंटायर वर्ल्ड-I’ के लिए ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इस साल ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय में सिर्फ जयपुर के चंद्रशेखर सैन को यह अवार्ड मिला हैं.
टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन मिला राष्ट्रीय पुरस्कार उनकी वर्षों की कला साधना और समर्पण का सम्मान है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति और टेराकोटा परंपरा के लिए भी अत्यंत गौरव का विषय है. चंद्रशेखर सैन लंबे समय से टेराकोटा और दृश्य कला के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सैन की कला में राजस्थान की लोक एवं पुरातात्विक परंपराओं, कालीबंगा और मोलेला की कला परंपराओं की झलक दिखाई देती है, जिनमें उनकी कृतियों में प्रकृति, स्मृतियां, जैविक आकृतियां, पक्षी, पशु, पेड़ जैसे विषय बार-बार दिखाई देते हैं.
ललित कला अकादमी द्वारा कलाकार चंद्रशेखर सैन को उनकी कृति ‘माय एंटायर वर्ल्ड-I’ के लिए यह खास अवार्ड मिला हैं. ‘माय एंटायर वर्ल्ड-I’ का अर्थ है, ‘मेरी पूरी दुनिया’ या ‘मेरा संपूर्ण ब्रह्मांड’, इस कृति के माध्यम से सैंन ने केवल अपने व्यक्तिगत संसार को अभिव्यक्त करने की कोशिश नहीं की, बल्कि प्रकृति, जीव-जगत, स्मृतियों, कल्पना और मनुष्य के आंतरिक संसार से मिलकर बने एक व्यापक और आपस में जुड़े हुए ब्रह्मांड को सामने रखा है.
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टेराकोटा कला में जयपुर के कलाकार चंद्रशेखर सैन को अपनी टेराकोटा कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान लिए कई महत्वपूर्ण अवार्ड और सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका हैं. इनमें 2014 में राज्य कला पुरस्कार, कौसा ट्रस्ट कला अवॉर्ड्स, लोक कला रत्न सम्मान सहित राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका हैं.
कलाकार चंद्रशेखर सैन राजस्थान की मिट्टी, संस्कृति और समृद्ध कला टेराकोटा की कला को राजस्थान ही नहीं बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्धि दिला चुके हैं. सैन ने देशभर में 10 से अधिक एकल प्रदर्शनियां भी की हैं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से स्पेन के वलाडोलिड स्थित कासा डे ला इंडिया में प्रदर्शनी लगाने के साथ व्याख्यान भी दे चुके हैं.
हाल ही में जयपुर के टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन को अफ्रीकन मून विश्वविद्यालय द्वारा दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका की ओर से मानद उपाधि प्रदान की गई थी. इसके अलावा उन्हें राजस्थान की टेराकोटा परंपराओं पर शोध के लिए CCRT जूनियर फेलोशिप और CSIR-UGC जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्राप्त हुई है और वह राजस्थान ललित कला अकादमी की वित्त समिति के सदस्य और कोषाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
आपको बता दें टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर सैन ने साल 2007 में कोटा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कला शिविर में करीब 5 से 7 करोड़ रुपए मूल्य की कलाकृतियां तैयार की गई थी. इन कलाकृतियों को बाद में राजस्थान ललित कला अकादमी के माध्यम से सरकार को दान किया. यह योगदान सैन की कला के महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल है.
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October 06, 2026, 11:44 IST



