मुल्जिम को कोर्ट ले जा रहे 6 पुलिसकर्मी, पहली ट्रेन छूटी तो शालीमार मालाणी में चढ़े, टिकट को लेकर रेलकर्मियों से बहस

Last Updated:October 07, 2026, 19:36 IST
Dausa Railway Staff And Police Dispute: दौसा रेलवे स्टेशन पर मुल्जिम को ला रहे राजस्थान पुलिस के जवानों और रेलकर्मियों के बीच टिकट को लेकर विवाद हुआ. ट्रेन छूटने के बाद दूसरी ट्रेन में चढ़ने पर बिना टिकट की रसीद को लेकर बहस हुई. पुलिस के जवानों का कहना था कि वे किसी सामान्य यात्रा के लिए नहीं आ रहे थे, बल्कि दौसा कोर्ट में एक मुल्जिम को पेश करने के लिए लेकर जा रहे थे. उनका कहना था कि उनके पास भुज-बरेली ट्रेन का थर्ड AC टिकट था, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण दूसरी ट्रेन में सवार होना पड़ा.
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दौसा स्टेशन पर राजस्थान पुलिस और रेलकर्मियों में विवाद
दौसा. दौसा रेलवे स्टेशन पर राजस्थान पुलिस के जवानों और रेलकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है. मामला एक मुल्जिम को दौसा कोर्ट में पेश करने के लिए ला रहे राजस्थान पुलिस के 6 जवानों से जुड़ा है. ट्रेन में सफर के दौरान टिकट को लेकर CTI, TTE, RPF और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हुई. अब नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी है.
जानकारी के अनुसार राजस्थान पुलिस के 6 जवान एक मुल्जिम को लेकर दौसा आ रहे थे. पुलिस जवानों के पास भुज-बरेली ट्रेन का थर्ड AC टिकट था. इसी ट्रेन से उन्हें मुल्जिम को लेकर दौसा आना था, लेकिन किसी कारण से भुज-बरेली ट्रेन छूट गई. ट्रेन छूट जाने के बाद पुलिस के जवान मुल्जिम को लेकर शालीमार मालाणी एक्सप्रेस में सवार हो गए. बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों के पास शालीमार मालाणी एक्सप्रेस का टिकट नहीं था.
बिना टिकट की रसीद को लेकर शुरू हुई बहसशालीमार मालाणी एक्सप्रेस में टिकट की जांच के दौरान पुलिस के जवानों से टिकट मांगा गया. जब उनके पास इस ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो बिना टिकट की रसीद बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई. बताया जा रहा है कि इस दौरान CTI आलोक निमेष, TTE और राजस्थान पुलिस के जवानों के बीच बहस हो गई. पुलिसकर्मी लगातार यह कहते रहे कि उनके पास थर्ड AC का टिकट था, लेकिन भुज-बरेली ट्रेन छूट जाने के कारण उन्हें मजबूरी में शालीमार मालाणी एक्सप्रेस में सवार होना पड़ा.
दौसा स्टेशन पर भी हुआ विवाद
ट्रेन के दौसा जंक्शन पहुंचने के बाद बिना टिकट यात्रियों का मेमो दिया गया. आरोप है कि इस दौरान RPF इंचार्ज ने मेमो को फेंक दिया. इसके बाद एक बार फिर पुलिस जवानों और रेलकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई. पुलिस के जवानों का कहना था कि वे किसी सामान्य यात्रा के लिए नहीं आ रहे थे, बल्कि दौसा कोर्ट में एक मुल्जिम को पेश करने के लिए लेकर जा रहे थे. उनका कहना था कि उनके पास भुज-बरेली ट्रेन का थर्ड AC टिकट था, लेकिन ट्रेन छूट जाने के कारण दूसरी ट्रेन में सवार होना पड़ा.
RPF जवान की दलील पर भी बढ़ा मामलाविवाद के दौरान ट्रेन में ड्यूटी पर मौजूद RPF के एक हेड कांस्टेबल ने पुलिसकर्मियों से कहा कि अगर ट्रेन छूट गई थी तो वे निजी वाहन से चले जाते. RPF जवान ने तर्क देते हुए कहा, “ट्रेन छूट गई तो निजी वाहन करके जाते, ऐसे तो आप कहोगे कि मुलजिम पेश करने जा रहे हैं हेली जहाज से भेजो.” इसी दौरान ट्रेन ड्यूटी वाले RPF जवान की ओर से एक और बात कही गई. उसने कहा, “ऐसे तो घरवाली किसी दूसरे की लेकर चल दोगे क्या.” इस तरह की दलीलों को लेकर भी मौके पर विवाद बढ़ गया.
यूनियन ने जांच की मांग रखीपूरे मामले के सामने आने के बाद नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने जांच की मांग की है. यूनियन का कहना है कि मामले की पूरी जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि ट्रेन में टिकट को लेकर विवाद किस वजह से हुआ और दौसा जंक्शन पर मेमो के साथ क्या हुआ. फिलहाल मामला राजस्थान पुलिस के जवानों, CTI, TTE और RPF के बीच हुए विवाद से जुड़ा है. पुलिस के जवान दौसा कोर्ट में मुल्जिम को पेश करने के लिए उसे लेकर आ रहे थे. ट्रेन छूटने के बाद दूसरी ट्रेन में सफर करने और टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जांच की मांग तक पहुंच गया है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Dausa,Dausa,Rajasthan
First Published :
October 07, 2026, 19:36 IST



