Best Investment : 1 लाख रुपये से बन गया 4.30 करोड़ का फंड, हर साल मिलता रहा 22 फीसदी रिटर्न

Last Updated:October 09, 2026, 17:50 IST
Best Investment : अगर आप भी किसी ऐसे निवेश की तलाश में हैं, जो लंबी अवधि में स्थरिता के साथ रिटर्न दे सके तो निप्पॉन इंडिया के ग्रोथ फंड पर दांव आजमा सकते हैं. इस फंड ने बीते तीन दशक से करीब 22 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है और इसकी फेस वैल्यू कभी भी 10 रुपये से नीचे नहीं गई है.निप्पॉन मिड कैप फंड ने 22 फीसदी सालाना का रिटर्न दिया है.
नई दिल्ली. आपने भी निवेशकों को अक्सर यह कहते सुना होगा कि शेयर बाजार में पैसे लगाने से कई गुना फायदा मिलता है. लेकिन, यह कम ही लोगों को पता होगा कि कुछ ऐसे म्यूचुअल फंड भी हैं जो आपके थोड़े से पैसों को करोड़ों का पहाड़ बना सकते हैं. ऐसा ही एक फंड है ग्रोथ फंड, जो काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. पिछले कुछ साल से इस फंड ने 2 फीसदी के आसपास रिटर्न दिया है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) ने भी बताया है कि सितंबर में मिडकैप कैटेगरी में 6,940 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले साल सितंबर के मुकाबले करीब 37 फीसदी ज्यादा है. ग्रोथ फंड भी इसी कैटेगरी में आते हैं और इनका रिटर्न काफी जबरदस्त रहा है.
दरअसल, मिडकैप फंड में निवेशकों की दिलचस्पी की मुख्य वजह मिडकैप शेयरों में हालिया गिरावट है, जिससे मौजूदा स्तर पर यह कैटेगरी बहुत आकर्षक हो गई है. मिडकैप फंड भारत में सबसे पुराने तरह के म्यूचुअल फंड में से एक हैं और ये उन कंपनियों में निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हैं जिन्होंने अतीत में औसत से बेहतर ग्रोथ दिखाई है. इस कैटेगरी के म्यूचुअल फंड की मुख्य विशेषता नियमित डिविडेंड भुगतान के बजाय कैपिटल एप्रिसिएशन (पूंजी में बढ़ोतरी) पर जोर देना है. मिडकैप कैटेगरी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है.
1 लाख का निवेश बन गया पौने 5 करोड़ऐसे फंड का सबसे मजबूत उदाहरण है निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड, जो साल 1995 में शुरू हुए निप्पॉन इंडिया के शुरुआती म्यूचुअल फंड में से एक था. अगर किसी निवेशक ने फंड के लॉन्च के समय 1,00,000 रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता, तो आज उसकी कीमत 4,75,50,463 रुपये होती. इस दौरान फंड ने लगभग 22% का CAGR दिया है. यह फंड पिछले 3 दशकों में कभी भी अपने 10 रुपये के फेस वैल्यू से नीचे नहीं गया है. एडलवाइस और इनवेस्को म्यूचुअल फंड जैसे फंड हाउस के मिड-कैप फंड ने पिछले 10 वर्षों में 17% से 19% के बीच रिटर्न दिया है.
आकर्षक होती है मिड कैप कैटेगरीमिड-कैप कैटेगरी को हमेशा आकर्षक माना जाता है, क्योंकि यह ग्रोथ और स्टेबिलिटी के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती है. मिड-कैप कंपनियां (मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से 101 से 250 रैंक वाली) शुरुआती दौर की स्मॉल-कैप कंपनियों के अस्तित्व के जोखिमों से आगे निकल चुकी होती हैं. साथ ही मेच्योर, लार्ज-कैप ब्लू-चिप कंपनियों की तुलना में ज्यादा रेवेन्यू ग्रोथ रेट की संभावना देती हैं. इसके अलावा मिड-कैप कंपनियां अक्सर तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर—जैसे स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी में काम करती हैं. यहां अनऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स या पुराने मार्केट लीडर्स से तेजी से मार्केट शेयर हासिल कर रही हैं.
क्या है रिटर्न का पैटर्नअगर आप इनके रिटर्न को देखें तो ग्रोथ-ओरिएंटेड मिड-कैप फंड्स को 5 से 10 साल की अवधि में लंबी अवधि के लिए अच्छी वेल्थ बनाने वाला फंड्स माना जाता है. मिड-साइज कंपनियों की कमाई में तेजी से बढ़ोतरी के कारण ये अक्सर लार्ज-कैप बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करते हैं. 5 साल के रिटर्न पर नजर डालें तो इस कैटेगरी के टॉप 3 फंड्स ने 20% से ज़्यादा रिटर्न दिया है. निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड 22.62% के साथ सबसे आगे है. इसके बाद एडलवाइस और HDFC मिडकैप फंड का नंबर आता है, जिन्होंने क्रमशः 21.30% और 21.12% रिटर्न दिया है.
किन फंडों ने दिया है जबरदस्त मुनाफालार्ज-कैप स्टॉक्स के उलट मिड-कैप कंपनियां अक्सर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की नजर में आने से पहले सही वैल्यूएशन पर ट्रेड करती हैं. इससे फंड मैनेजरों को कंपनियों के बड़े होने पर अच्छा फायदा उठाने का मौका मिलता है. यही वजह है कि मिड-कैप फंड्स म्यूचुअल फंड्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कैटेगरी में शामिल हैं और इन्होंने पिछले 5 सालों में औसतन 15% CAGR दिया है. बीते 7 साल में सबसे अच्छा रिटर्न देने वाले फंड यहां दिए गए हैं.
निप्पॉन ने बीते 7 साल में 22.39% का सीएजीआर दिया है.
HDFC के फंड ने भी 7 साल में 21.82% का रिटर्न दिया है.
कोटक के फंड से भी 7 साल में 20.60% सालाना कमाई हुई.
SBI के फंड ने तो 7 साल में 19.56% का सालाना रिटर्न दिया.
आदित्य बिड़ला ने भी बीते 7 साल में 17.85% का रिटर्न दिया है.(स्रोत: वैल्यू रिसर्च)(Disclaimer: यहां बताए गए फंड ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 09, 2026, 17:49 IST



