रतनगढ़ में संत की मौत या हत्या? 50 घंटे बाद समाधि से निकाला शव, अब पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

Last Updated:October 09, 2026, 08:20 IST
Ratangarh Saint Death Case: राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील क्षेत्र के गांव सांगासर में एक संत की मौत के मामले में करीब 50 घंटे बाद शव को समाधि से बाहर निकाला गया. उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर मेडिकल और एफएसएल टीम की मौजूदगी में शव को निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. अब पोस्टमार्टम के जरिए मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा. मृतक बन्नानाथ के भाई हंसराज ने आरोप लगाया कि उसके भाई के साथ मारपीट कर हत्या की गई और सबूत छिपाने के लिए बिना किसी को सूचना दिए समाधि दे दी गई. पुलिस ने बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूणनाथ, लक्ष्मीनारायण समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सालासर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया था. पुलिस की समझाइश के बाद जाम खुलवाकर यातायात बहाल कराया गया.चूरू के गांव सांगासर में संत की मौत के मामले में करीब 50 घंटे बाद शव को समाधि से बाहर निकाला गया
चूरू. राजस्थान के चूरू जिला अंतर्गत रतनगढ़ तहसील के गांव सांगासर में दो संतों के बीच हुए झगड़े के बाद एक संत की हुई मौत मामले में गुरुवार को करीब 50 घंटे बाद शव को समाधि से बाहर निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है. इस घटना को लेकर बवाल भी मच गया था तथा आक्रोशित लोगों ने सालासर सड़क मार्ग को जाम कर दिया था. मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब एक घंटे की समझाइश के बाद आवागमन को दुरुस्त करवाया गया.
हरियाणा के सिरसा जिले के गांव धौलपालिया निवासी हंसराज पुत्र मोहनलाल ने पुलिस को दी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि उसका छोटा भाई बन्नानाथ वर्ष 2004 में सन्यास लेकर साधु बन गया था तथा दो वर्षों से रावतसर में बालकनाथ के आश्रम में रह रहा था. 30 सितंबर को बन्नानाथ गांव आया था. इसी दौरान दो अक्टूबर को उन्हें बालकनाथ का फोन आया तथा सत्संग में चलने के लिए कहा, जिस पर वह तीन अक्टूबर को रावतसर आ गया.
सबूत छिपाने के लिए हत्या के बाद समाधि दे दी गई
चार अक्टूबर को पता चला कि बालकनाथ उसके भाई को रतनगढ़ तहसील के गांव सांगासर स्थित बजरंगनाथ के पास छोड़कर आ गया और एक सप्ताह बाद पुनः उसे लेने आएगा. इसके बाद बन्नानाथ से कोई संपर्क नहीं हुआ. जब इस संबंध में बालकनाथ से बात की, तो उसने संतोषप्रद जबाब नहीं दिया. इसके बाद पता चला कि उसके भाई का बालकनाथ के साथ झगड़ा हुआ है और उसकी मृत्यु हो गई है. रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि बन्नानाथ के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी तथा सबूत छिपाने के लिए इन लोगों ने उसे बिना किसी की जानकारी के समाधि दे दी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
पुलिस ने बालकनाथ, बजरंगनाथ, मुकेशनाथ, लूणनाथ, लक्ष्मीनारायण एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. प्रकरण में उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश एवं तहसीलदार अंकित मिमानी के निर्देशन में मेडिकल एवं एफएसएल टीम की मौजूदगी में शव को तीन दिनों बाद समाधि से निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां पर पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. इस दौरान सीआई संदीप कुमार सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा वहीं मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Churu,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 08:18 IST



