Crocodile Rescue:बांसवाड़ा में आधी रात को खाट पर सो रहा था परिवार, घर में घुसने पहुंचा मगरमच्छ,ऐसे बची जान

Last Updated:October 10, 2026, 12:16 IST
Crocodile Rescue: बांसवाड़ा के गढ़ी क्षेत्र के बोरी गांव में रात 3 बजे करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ घर में घुसने की कोशिश करने लगा. घर के बाहर खाट पर सो रहे परिवार को स्थानीय युवाओं ने आवाज देकर जगाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर नदी में छोड़ दिया.
बांसवाड़ा. जिले के गढ़ी क्षेत्र के आदर्श गांव बोरी में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मोहल्ले में करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया. रात करीब 3 बजे मगरमच्छ एक घर में घुसने की कोशिश कर रहा था. हैरानी की बात यह थी कि घर के बाहर ही एक परिवार खाट पर सो रहा था. गनीमत रही कि समय रहते स्थानीय युवाओं की नजर मगरमच्छ पर पड़ गई और उनकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया.
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात गांव के एक मोहल्ले में मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई. मगरमच्छ धीरे-धीरे एक घर की ओर बढ़ रहा था और अंदर घुसने का प्रयास कर रहा था. इसी दौरान घर के बाहर खाट पर सो रहे परिवार की जान खतरे में पड़ सकती थी. मगरमच्छ को देखते ही स्थानीय युवाओं ने आवाज लगाकर परिवार को जगाया और सतर्क किया. इसके बाद लोगों ने मामले की सूचना संबंधित रेस्क्यू टीम को दी.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना फोन के जरिए मिलने पर परतापुर गौशाला की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना गढ़ी, पुलिस थाना अरथुना, स्थानीय युवाओं और मोहल्लेवासियों ने भी सहयोग किया. सभी की मदद से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया. आबादी वाले क्षेत्र में मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण रेस्क्यू अभियान के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई. टीम ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया. इसके बाद उसे नदी में छोड़ दिया. मगरमच्छ के पकड़े जाने और आबादी क्षेत्र से हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.
युवाओं की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
इस रेस्क्यू अभियान में राहुल पंचाल, परेश डिंडोर, कृष्णा खराड़ी, नयन डाबी, नितेश कलाल, रामा, गिरीश खांट और पार्षद गायत्री खांट सहित मोहल्लेवासियों तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा. रात के समय मगरमच्छ के रिहायशी इलाके में पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया था. हालांकि, स्थानीय युवाओं की सतर्कता और रेस्क्यू टीम की तत्परता से परिवार को समय रहते सचेत कर दिया. मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर नदी में छोड़ने की कार्रवाई पूरी होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की. इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि संकट के समय सतर्कता और सामूहिक सहयोग से बड़े हादसों को टाला जा सकता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Banswara,Rajasthan
First Published :
October 10, 2026, 12:16 IST



