पंचायत चुनाव में किस जिले में किस नेता को मिली कमान? कांग्रेस की पूरी लिस्ट जारी, भाजपा भी एक्टिव

जयपुर. राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. गांवों की सत्ता पर कब्जा जमाने की रणनीति के तहत दोनों प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को सक्रिय करने और चुनावी प्रबंधन मजबूत करने में जुट गए हैं. कांग्रेस ने प्रदेश के सभी 41 जिलों में चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 9 अक्टूबर को पर्यवेक्षकों की सूची जारी की. वहीं, भाजपा ने भी पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए जिला चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है.
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर जारी सूची के पहले चरण में सात जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इनमें पाली, जोधपुर, जैसलमेर, जालोर, दौसा, अजमेर ग्रामीण और राजसमंद शामिल हैं. भाजपा की संशोधित सूची श्रवण सिंह बगड़ी ने जारी की है. दोनों दलों की इन नियुक्तियों को पंचायत चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर चुनावी गतिविधियों को गति देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है.
कांग्रेस ने 41 जिलों में तय की पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी. पर्यवेक्षकों को संबंधित जिलों में पंचायत चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी रणनीति की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों में तैनात कर चुनावी प्रबंधन पर नजर रखने की तैयारी की है. कांग्रेस की ओर से अजमेर में सुखराम विश्नोई, अलवर में वैभव गहलोत, भीलवाड़ा में डॉ. रघु शर्मा, बीकानेर में उदयलाल आंजना और जयपुर में प्रमोद जैन भाया को पर्यवेक्षक बनाया गया है. बाड़मेर और बालोतरा की जिम्मेदारी करण सिंह उचियारड़ा को दी गई है, जबकि डूंगरपुर और बांसवाड़ा में रफीक खान पर्यवेक्षक होंगे.
जोधपुर और फलोदी की इन्हें दी गई जिम्मेदारी
जोधपुर और फलोदी में हेम सिंह शेखावत, कोटा में डॉ. जितेंद्र सिंह, नागौर और डीडवाना-कुचामन में डॉ. कृष्णा पूनिया तथा उदयपुर और सलूंबर में रोहित बोहरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है. पाली में अनिल शर्मा, राजसमंद में अशोक चांदना, सिरोही में मनीषा पंवार, दौसा में अमीन कागजी और जालोर में गोविंद राम मेघवाल पर्यवेक्षक होंगे. इसके अलावा झालावाड़ में डूंगर राम गेदर, झुंझुनूं में ममता भूपेश, करौली में शकुंतला रावत, कोटपूतली-बहरोड़ में रामकेश मीणा, सीकर में परसादी लाल मीणा, बारां में प्रताप सिंह खाचरियावास और ब्यावर में हरसहाय यादव को जिम्मेदारी दी गई है.
भरतपुर और डीग का मुरारी लाल होंगे पर्यवेक्षक
भरतपुर और डीग में मुरारी लाल मीणा, बूंदी में कुलदीप इंदौरा, चित्तौड़गढ़ में भजनलाल जाटव, चूरू में सारिका चौधरी, धौलपुर में महेंद्र चौधरी, श्रीगंगानगर में उम्मेदाराम बेनीवाल और हनुमानगढ़ में एमडी चोपदार पर्यवेक्षक होंगे. खैरथल-तिजारा में धर्मेंद्र राठौड़, प्रतापगढ़ में सुमित भगासरा, सवाई माधोपुर में शाले मोहम्मद, टोंक में बृजेंद्र सिंह ओला और जैसलमेर में प्रहलाद गुंजल को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
भाजपा ने भी शुरू की नियुक्तियां, पहले चरण में 7 जिलों पर फोकस
भाजपा ने भी पंचायती राज चुनाव के लिए जिला चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है. प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर पहले चरण में सात जिलों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. सूची में पाली, जोधपुर, जैसलमेर, जालोर, दौसा, अजमेर ग्रामीण और राजसमंद शामिल हैं. संशोधित सूची श्रवण सिंह बगड़ी ने जारी की है. भाजपा की ओर से जिला चुनाव प्रभारियों को पंचायत चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी संगठन को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित करने पर जोर दे रही है.
गांवों की सत्ता के लिए दोनों दलों ने तेज की तैयारी
पंचायती राज चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों का राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण रहने वाला है. ऐसे में कांग्रेस ने सभी 41 जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त कर व्यापक स्तर पर चुनावी प्रबंधन की तैयारी की है, जबकि भाजपा ने पहले चरण में सात जिलों से प्रभारी नियुक्त करने की शुरुआत की है. आने वाले दिनों में दोनों दलों की संगठनात्मक सरगर्मी और तेज होने की संभावना है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों पार्टियां अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को किस तरह मैदान में उतारती है और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए क्या रणनीति अपनाती है.



