CJI सूर्यकांत ने विपक्ष से मिलने से क्यों किया इनकार? इन 5 वजहों से समझिए पूरा मामला

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CJI सूर्यकांत ने विपक्ष से मिलने से क्यों किया इनकार? इन 5 वजहों से समझें
Last Updated:October 12, 2026, 09:39 IST
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्ष के नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है.राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे सहित सभी विपक्षी नेता सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अन्य मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे. सीजेआई के इनकार के पीछे ये 5 संभावित वजहें बताई जा रही हैं. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्षी INDIA ब्लॉक के नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार क्यों किया? ये हैं पांच वजहें
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्ष से मिलने से इनकार कर दिया.राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य कांग्रेसी नेताओं ने सीजेआई से सोमवार, 12 अक्टूबर को मुलाकात का समय मांगा था. विपक्षी नेता सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा वोट चोरी सहित कई मुद्दों को उठाना चाहते थे हालांकि सीजेआई INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से मना कर दिया.
सीजेआई के कांग्रेसी नेताओं से न मिलने के पीछे की वजहों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि अब मीडिया एजेंसियों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इसकी वजहें सामने आ गई हैं. इन पांच प्रमुख वजहों की वजह से सीजेआई ने इंडी ब्लॉक के नेताओं को मिलने की अनुमति नहीं दी, हालांकि इनके पास अपने मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का अधिकार है.
कौन सी 5 वजहें हैं?
. पहली वजह सामने आई है कि विपक्षी नेता जिन मुद्दों को सीजेआई सूर्यकांत से मिलकर उठाना चाहते थे वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (सब ज्यूडिस) हैं. इन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है.
. दूसरी वजह है कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट अपनी तरफ से सरकार के प्रशासनिक कामकाज में दखल नहीं दे सकता.
. तीसरी वजह है कि ये सभी नेता अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक हिस्से में अपील कर सकते हैं. जहां न्यायिक नियमों के अनुसार कार्यवाही होगी. ऐसे में निजी रूप से सीजेआई को मिलने की कोई जरूरत नहीं थी.
. चौथी वजह है कि जिन आरोपों को लेकर राहुल गांधी और अन्य नेता सीजेआई से मिलना चाहते थे, लगभग ऐसे ही मामले मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं. ऐसे में नेताओं द्वारा दायर कोई भी याचिका उन मामलों के साथ ही सुनी जा सकती है.
. वहीं पांचवी वजह है कि कांग्रेस नेताओं की ओर से सौंपे जाने वाले ज्ञापन को लेकर CJI ने स्पष्ट किया कि ऐसे मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक पक्ष से कोई निर्देश नहीं दे सकता.हालांकि, नेता अपने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक पक्ष में याचिका दायर कर सकते हैं.
बता दें कि सीजेआई से मिलने और विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च की अनुमति से कोई संबंध नहीं है. सीजेआई को संबोधित कर दिए गए पत्र में सीजेआई से मार्च की अनुमति नहीं मांगी गई थी. ये विपक्ष का खुद का फैसला है.
About the Authorप्रिया गौतमSenior Correspondent
Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi..com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
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October 12, 2026, 09:39 IST



