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बीकानेर में 17 घंटे बेड के लिए तरसता रहा मरीज, इलाज के दौरान मौत, अस्पताल में लापरवाही के आरोप

Last Updated:October 14, 2026, 10:18 IST

राजस्थान के बीकानेर स्थित प्रतिष्ठित पीबीएम (PBM) अस्पताल से खराब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मामला सामने आया है. अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की कथित अनदेखी के कारण एक मरीज को कागजों में भर्ती करने के बावजूद 17 घंटे तक बेड नहीं दिया गया. आखिरकार समय पर सही इलाज न मिलने से मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद मरीज 17 घंटे तक अटेंडेंट के बैठने वाले साइड बेड पर ही तड़पता रहा. काफी मशक्कत के बाद 13 अक्टूबर की शाम 7 बजे उसे बेड दिया गया.Amazon Prime DayTop Deals Insideबीकानेर में 17 घंटे बेड के लिए तरसता रहा मरीज, इलाज के दौरान मौतZoom

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर जिले के पीबीएम अस्पताल में एक मरीज को करीब 17 घंटे तक बेड नहीं मिलने का मामला सामने आया है. बाद में उसकी हालत बिगड़ी और आईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि मरीज को भर्ती करने के बावजूद उसे अटेंडेंट के लिए रखे साइड बेड पर लिटाया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक ने जांच कमेटी गठित की है.

जानकारी के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर निवासी राधेश्याम को 12 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे पीबीएम अस्पताल की नई मेडिसिन विंग के जी वार्ड में भर्ती किया गया था. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर विजय तुंडवाल की यूनिट में भर्ती होने के बावजूद उन्हें करीब 17 घंटे तक बेड नहीं मिला. मरीज को अटेंडेंट के लिए रखे साइड बेड पर ही रखा गया. परिवार के मुताबिक, कई बार शिकायत करने के बाद शाम करीब 7 बजे बेड मिला.

सीने में दर्द के बाद हालत बिगड़ी

परिजनों ने बताया कि 13 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे राधेश्याम ने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की. आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद रेजिडेंट डॉक्टर ने इसे वहम बताते हुए टाल दिया और एक इंजेक्शन लगाकर चले गए. इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ने लगी.

आईसीयू में वेंटिलेटर पर किया गया शिफ्ट

परिजनों का कहना है कि उन्होंने मरीज को आईसीयू में शिफ्ट करने की मांग की, लेकिन स्टाफ ने बेड खाली नहीं होने की बात कही. बाद में राधेश्याम को आईसीयू-2 के बेड नंबर 3 पर वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया. हालांकि, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी. 13 अक्टूबर की दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

राधेश्याम के भाई विष्णु दत्त ने अस्पताल अधीक्षक को पत्र देकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है. अस्पताल अधीक्षक ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है. अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि मरीज के इलाज में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं.

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Bikaner,Rajasthan

First Published :

October 14, 2026, 10:18 IST

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