आगरा की निशात मिर्जा ने कोरोना काल में नौकरी जाने के बाद शुरू की ऑनलाइन फैशन डिजाइनिंग की क्लास, देश-विदेश बनाई पहचान

आगराः आगरा की रहने वाली निशात मिर्जा आज अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं. उनकी कहानी एक ऐसी महिला की है. जिसने कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद भी हार नहीं मानी, बल्कि मुश्किलों को अपने लिए नए अवसर में बदल दिया. कभी आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से जूझने वाली निशात आज भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन फैशन डिजाइनिंग की शिक्षा दे रही हैं.
कोरोना काल में चली गई नौकरी
निशात मिर्जा कोरोना महामारी से पहले नौकरी करके अपना जीवनयापन कर रही थीं. सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन लग गया. इस दौरान उनकी नौकरी छूट गई और उनके सामने परिवार की जिम्मेदारियों के साथ भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गईं. यह उनके जीवन का कठिन दौर था. हालांकि, उन्होंने परिस्थितियों के सामने घुटने टेकने के बजाय कुछ नया करने का फैसला लिया. निशात ने अपने हुनर को ही अपनी ताकत बनाया और ऑनलाइन फैशन क्लास शुरू कर दीं. शुरुआत आसान नहीं थी. उनके पास न तो पर्याप्त संसाधन थे और न ही काम को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाएं. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. निशात के मुताबिक, शुरुआती एक साल तक उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखीं. धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने लगी और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया.
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से मिली उड़ान
निशात मिर्जा के जीवन में उस समय नया मोड़ आया, जब लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्हें सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने इस योजना का लाभ उठाया और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ऋण प्राप्त किया. निशात के अनुसार, उन्हें इस योजना के तहत कारोबार के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण मिला. इस आर्थिक मदद ने उनके काम को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. निशात का कहना है कि सरकारी योजना से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का रास्ता आसान किया. जिस काम को उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया था, वही आज उनकी पहचान बन चुका है. उनके लिए यह सिर्फ रोजगार शुरू करने की कहानी नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को पूरा करने की मिसाल भी है….
भारत से दुबई, कनाडा तक पहुंचा हुनर
निशात मिर्जा बताती हैं कि उन्हें अपने इस सफर में अब छह साल हो चुके हैं. इन वर्षों में उन्होंने ऑनलाइन फैशन डिजाइनिंग की शिक्षा के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है. आज वह भारत के विद्यार्थियों के साथ-साथ दुबई, कतर, कनाडा, न्यूजीलैंड और नेपाल जैसे देशों में रहने वाले बच्चों और विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रही हैं. उनकी कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थी घर बैठे फैशन डिजाइनिंग की बारीकियां सीख रहे हैं. ऑनलाइन माध्यम ने उनके काम को देश की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाने में मदद की है. निशात आज भी अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के विद्यार्थियों को फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कराती हैं और अपने हुनर को दूसरों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं.
मुश्किलों को बनाया कामयाबी का रास्ता
निशात मिर्जा की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो नौकरी छूटने, आर्थिक परेशानियों या संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से पीछे हट जाते हैं. उनका सफर बताता है कि सही दिशा में लगातार मेहनत की जाए और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जाए, तो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का रास्ता बनाया जा सकता है. कोरोना काल में नौकरी छूटने से शुरू हुई चुनौतियों का सामना करते हुए निशात ने अपने हुनर को रोजगार में बदला और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं. उनकी यह यात्रा दिखाती है कि आत्मविश्वास, धैर्य और मेहनत के साथ सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. निशात ने कहा कि आज उनके हाथ के बनी आकृषित पैटिंग भी दुनिया भर में काफ़ी मशहूर हो रही हैं. उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल लेवल पर इसकी मांग काफी अच्छी है.



