North Korea Missile Test: जापान सागर में पहुंची किम जोंग की पनडुब्बी, एक के बाद एक दागी दो मिसाइलें, हिले कई देश- North Korea Missile

Last Updated:October 15, 2026, 13:12 IST
North Korea News: उत्तर कोरिया ने बुधवार को पूर्वी सागर, जिसे जापान सागर भी कहा जाता है, में पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली दो तरह की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया. सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA के मुताबिक, इसका मकसद समुद्री लड़ाकू प्रणालियों की तैयारी परखना था. यह परीक्षण दक्षिण कोरिया के साथ बढ़ते तनाव के बीच हुआ है. दोनों देश हाल के दिनों में मिसाइल और हाइपरसोनिक हथियारों के परीक्षण कर चुके हैं.पनडुब्बी से लॉन्च की गई मिसाइल. (Reuters)
Kim Jong Un Missile Test: उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच किम जोंग की सेना ने अपनी सैन्य ताकत दिखाई है. उसने समुद्र के अंदर से दागी जाने वाली दो तरह की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण टेस्ट किया है. उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. एजेंसी के मुताबिक, ये मिसाइलें बुधवार को पूर्वी सागर में दागी गईं, जिसे जापान सागर भी कहा जाता है. यह टेस्ट ऐसे समय हुआ है, जब दोनों कोरियाई देशों के बीच सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट और मिसाइल परीक्षणों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.
उत्तर कोरिया ने क्या कहा?
KCNA के मुताबिक, मिसाइल परीक्षण का मकसद समुद्र के भीतर तैनात लड़ाकू प्रणालियों की मौजूदा तैयारी को परखना था. इसे नौसेना के प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा बताया गया. उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी ने दावा किया कि टेस्ट से देश की रक्षा और दुश्मन को हमले से रोकने की क्षमता की विश्वसनीयता साबित हुई है. एजेंसी ने यह भी कहा कि मिसाइलें दागने से पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा. KCNA की ओर से जारी तस्वीरों में एक मिसाइल समुद्र से सीधे ऊपर उठती दिखाई दी, जिसके पीछे धुएं का घना गुबार था. दूसरी तस्वीर में एक प्रोजेक्टाइल पानी से करीब 45 डिग्री के कोण पर निकलता नजर आया. अन्य तस्वीरों में समुद्र के ऊपर क्षैतिज दिशा में उड़ती मिसाइल और पानी की सतह पर चलती एक पनडुब्बी भी दिखाई गई.
सीमा पर माइन विस्फोट के बाद बढ़ा तनाव
मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव बढ़ रहा है. 21 सितंबर को कोरियाई सीमा के पास माइंस विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे. यह घटना असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) के उस हिस्से में हुई, जो सियोल के नियंत्रण में है. इसके बाद दोनों देशों ने अपनी मिसाइल तकनीक को और बेहतर बनाने की दिशा में टेस्ट किए हैं. अक्टूबर में दोनों तरफ से लगातार मिसाइल टेस्ट हुए हैं. इनमें हाइपरसोनिक हथियारों के परीक्षण भी शामिल हैं.
दक्षिण कोरिया ने पिछले सप्ताह अपनी पहली स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट किया था. इससे कुछ दिन पहले प्योंगयांग ने दावा किया था कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से चलने वाली मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च की है.
पनडुब्बी से मिसाइल दागने की क्षमता क्यों अहम है?
पनडुब्बी से मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता किसी भी देश की सैन्य ताकत को बढ़ा सकती है. समुद्र में छिपी पनडुब्बी से मिसाइल दागे जाने पर विरोधी देश के लिए लॉन्च की जगह का पता लगाना मुश्किल हो सकता है. हालांकि, उत्तर कोरिया की समुद्र से मिसाइल लॉन्च करने की वास्तविक क्षमता कितनी विकसित है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. उत्तर कोरिया पिछले कुछ वर्षों में पनडुब्बी से कई मिसाइल टेस्ट कर चुका है. क्रूज मिसाइल आमतौर पर जेट इंजन की मदद से उड़ती हैं और बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में कम ऊंचाई पर जा सकती हैं. इस वजह से कुछ परिस्थितियों में उन्हें रडार से पकड़ना और रोकना ज्यादा मुश्किल हो सकता है.
About the AuthorYogendra Mishra
Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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October 15, 2026, 13:06 IST



