SI भर्ती-2022 पेपरलीक मामले का हैंडलर अब SOG की गिरफ्त में, अब तक 156 गिरफ्तार

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के फर्जीवाड़े पर SOG का एक्शन, 8 लाख में बैठाए डमी कैंडिडेट; SI पेपरलीक केस में भी हैंडलर गिरफ्तार
जयपुर. राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पहले मामले में RPSC वरिष्ठ अध्यापक सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाने की व्यवस्था करने वाले दलाल राजमोहन मीना को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा की जगह परीक्षा में दो डमी कैंडिडेट बैठाने की व्यवस्था की थी. इसके लिए 8 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था.
दूसरी कार्रवाई SI भर्ती-2022 पेपरलीक मामले में हुई है, जिसमें SOG ने आरोपी सुनील भादू को गिरफ्तार किया है. जांच के अनुसार, वह सॉल्व्ड पेपर पढ़ने वाली साइट का हैंडलर था और उसका संबंध पेपरलीक के आरोपी भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के गिरोह से बताया जा रहा है.
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में 8 लाख में बैठाए गए डमी कैंडिडेटSOG के मुताबिक, RPSC की वरिष्ठ अध्यापक सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में राजमोहन मीना की भूमिका सामने आई है. यह परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को हुई थी. सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय की परीक्षा पेपरलीक के चलते निरस्त कर दी गई थी. इसके बाद 29 जनवरी 2023 को पुनर्परीक्षा आयोजित की गई. आरोप है कि इस पुनर्परीक्षा में मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा की जगह दो डमी कैंडिडेट बैठाए गए. इन दोनों को परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था दलाल राजमोहन मीना ने की थी. इसके बदले 8 लाख रुपए में व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है. इस फर्जीवाड़े के जरिए अरुण कुमार मीणा विज्ञान विषय का सरकारी शिक्षक बन गया था. अब SOG इस मामले में डमी अभ्यर्थियों की भूमिका और पूरी व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
राजमोहन मीना को 21 अक्टूबर तक पुलिस रिमांडSOG ने राजमोहन मीना को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया. कोर्ट ने उसे 21 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. जांच एजेंसी अब उससे पूछताछ कर डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था, पैसे के लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी. SOG के एडीजी विशाल बंसल ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है. राजमोहन मीना का नाम SI भर्ती-2021 में भी सामने आ चुका है. जानकारी के अनुसार, वह इस भर्ती में डमी कैंडिडेट के जरिए पास हुआ था. SOG उसे पहले भी इसी मामले में गिरफ्तार कर चुकी है. इस वजह से जांच एजेंसी के लिए राजमोहन की भूमिका अहम मानी जा रही है. अब पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उसने किन लोगों के संपर्क में रहकर डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था की और क्या दूसरे भर्ती परीक्षा मामलों में भी उसकी भूमिका रही है.
SI भर्ती-2022 पेपरलीक मामले में सुनील भादू गिरफ्तारदूसरी ओर, SI भर्ती-2022 पेपरलीक मामले में SOG ने सुनील भादू को गिरफ्तार किया है. जांच के मुताबिक, सुनील सॉल्व्ड पेपर पढ़ने वाली एक साइट का हैंडलर था. उसका संबंध पेपरलीक मामले के आरोपी भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के गिरोह से बताया जा रहा है. पेपरलीक मामलों में सॉल्व्ड पेपर और परीक्षा से जुड़ी सामग्री किस तरह अभ्यर्थियों तक पहुंचाई गई, इसकी जांच अहम है. सुनील भादू की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उसकी भूमिका से जुड़े विस्तृत आरोपों और गिरफ्तारी के बाद की पूछताछ का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है.
SI भर्ती पेपरलीक मामले में अब तक 156 गिरफ्तारSOG के मुताबिक, SI भर्ती-2022 पेपरलीक मामले में अब तक कुल 156 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि एजेंसी इस मामले में पेपरलीक से जुड़े लोगों और उनके नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है. राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों को बैठाने और पेपरलीक से जुड़े मामलों ने लंबे समय से सवाल खड़े किए हैं. वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के आरोप और SI भर्ती-2022 मामले में कथित पेपरलीक नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी, दोनों अलग-अलग मामलों में SOG की कार्रवाई है. फिलहाल राजमोहन मीना से 21 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ होगी. वहीं, सुनील भादू की गिरफ्तारी के बाद SI भर्ती पेपरलीक मामले में जांच आगे बढ़ेगी. अब नजर इस बात पर रहेगी कि पूछताछ में इन मामलों से जुड़े दूसरे लोगों और नेटवर्क को लेकर क्या जानकारी सामने आती है.


