Kota Abheda Park Tigress Mehak

Last Updated:October 19, 2026, 08:26 IST
Kota Abheda Park Tigress Mehak: कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में 23 वर्षीय बाघिन महक को संतुलन बिगड़ने और चोट लगने के खतरे के चलते डिस्प्ले एरिया में न छोड़ने का फैसला लिया गया है. विशेषज्ञ समिति की सलाह पर मुख्य वन संरक्षक टी. मोहनराज और उप वन संरक्षक प्रमोद कुमार धाकड़ ने यह निर्णय लिया. महक ने 17 अक्टूबर को खाना नहीं खाया था, लेकिन 18 अक्टूबर को उसने 2.8 किग्रा चिकन खाया. अब उसे नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में रखकर लगातार मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा.
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कोटा में 23 साल की बाघिन महक को लेकर वन विभाग का बड़ा फैसला, डिस्प्ले एरिया में नहीं मिलेगी एंट्री
कोटा: कोटा के प्रसिद्ध अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रहने वाली 23 वर्षीय वृद्धा बाघिन महक की शारीरिक स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने उसे फिलहाल डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. हाल ही में किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में यह बात सामने आई कि महक के पिछले हिस्से की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है, जिससे उसे अपने शरीर का संतुलन बनाने में काफी परेशानी आ रही है. संतुलन बिगड़ने के कारण उसके गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा लगातार बना हुआ है.
बाघिन की अधिक उम्र और मौजूदा शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने उसे पर्यटकों के देखने वाले डिस्प्ले एरिया में नहीं रखने की अनुशंसा की थी. इसके बाद मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक टी. मोहनराज और उप वन संरक्षक (वन्यजीव) प्रमोद कुमार धाकड़ ने यह सुरक्षात्मक निर्णय लिया. सहायक वन संरक्षक पंकज मीणा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय और डॉ. त्रिलोक गोचर की समिति ने बाघिन का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया था.
खान-पान और स्वास्थ्य पर रखी जा रही नजरस्वास्थ्य संबंधी जानकारी के अनुसार, बाघिन महक ने 17 अक्टूबर को भोजन ग्रहण नहीं किया था, लेकिन 18 अक्टूबर को उसने करीब 2.8 किलोग्राम चिकन खाया. परीक्षण के दौरान राहत की बात यह रही कि उसके शरीर का तापमान और श्वसन दर पूरी तरह सामान्य सीमा में पाए गए.
नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में रहेगी महकवन विभाग के निर्णय के अनुसार, महक को अब नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में रखा जाएगा, ताकि उसे पर्याप्त आराम मिल सके और जरूरत के मुताबिक पूरी देखभाल दी जा सके. उसकी लगातार निगरानी के लिए केयरटेकर और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं. वन विभाग उसकी शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य पर लगातार पैनी नजर रखेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
October 19, 2026, 08:26 IST



