1 रुपये में इडली और 3 तरह की चटनी, हर दिन भरते हैं सैकड़ों का पेट

Last Updated:October 19, 2026, 18:20 IST
Andhra Pradesh Ram Babu Story: आंध्र प्रदेश के 61 वर्षीय रामबाबू पिछले ढाई दशकों से महज 1 रुपये में इडली और तीन तरह की चटनी का नाश्ता परोस रहे हैं. उनका यह स्टॉल गरीबों और मजदूरों के लिए वरदान साबित हो रहा है. रामबाबू सिर्फ 1 रुपये में एक इडली बेचते हैं. इतना ही नहीं, वे इडली के साथ ग्राहकों को तीन तरह की पारंपरिक चटनियां भी परोसते हैं. स्वाद और गुणवत्ता का ध्यान रखने के कारण सुबह से ही उनके स्टॉल पर नाश्ता करने वालों की भीड़ जुटने लगती है.
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Andhra Pradesh Stories. आज के समय में जब रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तब आम आदमी के लिए कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है. ऐसे में आंध्र प्रदेश से एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है, जहां पिछले ढाई दशकों से लोगों को महज 1 रुपये में स्वादिष्ट और गरमा-गरम नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है. सेवा और समर्पण की यह मिसाल 61 वर्षीय रामकृष्ण पेश कर रहे हैं, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार और सम्मान से रामबाबू कहकर बुलाते हैं.
रामबाबू आंध्र प्रदेश में नाश्ते का एक छोटा सा स्टॉल चलाते हैं. आज के समय में जहां एक कप चाय की कीमत भी 10 से 15 रुपये तक होती है, वहीं रामबाबू सिर्फ 1 रुपये में एक इडली बेचते हैं. इतना ही नहीं, वे इडली के साथ ग्राहकों को तीन तरह की पारंपरिक चटनियां भी परोसते हैं. स्वाद और गुणवत्ता का ध्यान रखने के कारण सुबह से ही उनके स्टॉल पर नाश्ता करने वालों की भीड़ जुटने लगती है.
परिवार भी काम में बंटाता है हाथइस स्टॉल को चलाने में रामबाबू का पूरा परिवार उनका साथ देता है. परिवार के सदस्य सुबह तड़के से ही इडली तैयार करने, चटनी पीसने और ग्राहकों को भोजन परोसने में जुट जाते हैं. यहां आने वाले ग्राहकों में स्कूल जाने वाले बच्चे, दिहाड़ी मजदूर, कॉलेज के छात्र और बुजुर्ग शामिल हैं. कई स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 20 से 30 सालों से इसी दुकान पर नाश्ता करने आ रहे हैं. कम कीमत पर भोजन मिलने के कारण यह स्टॉल इलाके के हर वर्ग के लोगों के लिए खास बन गया है.
कमाई से ज्यादा लोगों की सेवा पर ध्यानजब रामबाबू से इतनी कम कीमत पर नाश्ता बेचने की वजह पूछी जाती है, तो वे सादगी से जवाब देते हैं कि उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना नहीं है. उनका मानना है कि इंसान को अपनी इच्छाशक्ति मजबूत रखनी चाहिए और अगर नीयत साफ हो, तो समाज के लिए काम करना मुश्किल नहीं है. बताया जाता है कि वे किसी सरकारी सब्सिडी या बाहरी मदद के बिना यह काम करते हैं. सीमित आमदनी में ही संतोष के साथ अपना जीवन बिताते हैं.
छोटी पहल से पेश की मिसालआज के व्यावसायिक दौर में रामबाबू की यह पहल बताती है कि समाज सेवा के लिए बड़े-बड़े दान करना ही जरूरी नहीं है. ईमानदारी और मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करके भी समाज में योगदान दिया जा सकता है. महज 1 रुपये में इडली उपलब्ध कराने का उनका प्रयास उन लोगों के लिए राहत का जरिया है, जो कम खर्च में अपना पेट भरना चाहते हैं.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
October 19, 2026, 18:20 IST



