बारिश से प्रभावित हुई नावां नमक मंडी, कच्चे नमक के भाव 185 से घटकर 130 रुपये प्रति क्विंटल हुए

Last Updated:October 19, 2026, 19:29 IST
Nagaur Namak Mandi Ground Report: नागौर जिले की नावां नमक मंडी गुजरात से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा और महंगे कच्चे नमक के कारण मुश्किल दौर से गुजर रही है. गुजरात में नमक सस्ता मिलने से नावां के कारोबारियों की लागत बढ़ गई है. नावां नमक मंडी से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में नमक की आपूर्ति होती है. पहले गुजरात से इन राज्यों तक नमक पहुंचाने में अधिक माल भाड़ा लगता था.
ख़बरें फटाफट
नागौर. नागौर जिले की नावां नमक मंडी पिछले दो वर्षों से मुश्किल दौर से गुजर रही है. पहले लगातार बारिश से नमक उत्पादन प्रभावित होने के कारण कच्चे नमक के भाव 150 रुपये से बढ़कर 185 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे. दूसरी तरफ, गुजरात में कच्चा नमक करीब 65 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई. इस बार नवरात्र के बाद उत्पादन शुरू होने पर नावां में भाव घटकर 130 रुपये प्रति क्विंटल रह गए. गुजरात में सस्ता नमक मिलने के कारण नावां के कई व्यापारियों ने वहां रिफाइनरी लगा ली है. अब बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए स्थानीय रिफाइनरी संचालक घाटे में रिफाइंड नमक बेचने को मजबूर हैं.
इस वर्ष नमक उत्पादन के शुरुआती दौर में लगातार बारिश होने से उत्पादन की रफ्तार धीमी रही. इसके चलते नावां में कच्चे नमक की उपलब्धता कम हो गई और भाव 150 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 185 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए. दूसरी ओर, गुजरात में कच्चे नमक के भाव करीब 65 रुपये प्रति क्विंटल रहे. दोनों राज्यों में नमक के भाव में बड़े अंतर के कारण नावां के कारोबारियों के लिए गुजरात के व्यापारियों से प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया.
नमक व्यापारी ने क्या बतायानमक व्यापारी विष्णु मोदी ने बताया कि नवरात्र के बाद नावां में नमक उत्पादन शुरू होने से बाजार में कुछ राहत मिली है. वर्तमान में कच्चे नमक के भाव घटकर करीब 130 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए हैं. इसके बावजूद गुजरात की तुलना में यहां नमक महंगा पड़ रहा है. प्रतिस्पर्धा के चलते नावां के कई व्यापारियों ने गुजरात में भी अपनी रिफाइनरी स्थापित कर ली है. अब इनमें से कई व्यापारी नावां के बजाय गुजरात से अधिक कारोबार कर रहे हैं.
महंगे स्टॉक से बढ़ी लागत, फिर भी नहीं बढ़े बिक्री भावनावां के रिफाइनरी संचालकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी पुराने महंगे स्टॉक की है. कारोबारियों के अनुसार, नावां में कच्चे नमक का पुराना स्टॉक करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध है, जबकि गुजरात के व्यापारियों के पास लगभग 65 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नमक मौजूद है. सामान्य परिस्थितियों में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कच्चा नमक मिलने पर कारोबार में बेहतर गुंजाइश रहती है. महंगे स्टॉक के कारण नावां के रिफाइनरी संचालकों की उत्पादन लागत बढ़ गई है. इसके बावजूद बाजार में ग्राहकों को बनाए रखने के लिए रिफाइंड नमक के बिक्री भाव में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की जा रही है. व्यापारियों के मुताबिक, वर्तमान में नावां में रिफाइंड नमक करीब 320 रुपये प्रति क्विंटल बेचना पड़ रहा है, जबकि गुजरात के व्यापारी सस्ता कच्चा नमक खरीदकर करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल में रिफाइंड नमक बेच रहे हैं. इससे नावां के कारोबारियों के लिए लागत निकालना और मुनाफा कमाना चुनौती बन गया है.
माल भाड़े का फायदा घटा, गुजरात की ओर जा रहे खरीदारनावां नमक मंडी से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में नमक की आपूर्ति होती है. पहले गुजरात से इन राज्यों तक नमक पहुंचाने में अधिक माल भाड़ा लगता था. इस कारण वहां के कई व्यापारी नावां से नमक खरीदना पसंद करते थे. लेकिन नावां में कच्चे नमक के भाव बढ़ने से दोनों क्षेत्रों के बीच कीमतों का अंतर कम हो गया है. इससे नावां से खरीदारी करने पर मिलने वाला माल भाड़े का फायदा भी घट गया है. अब कई खरीदार गुजरात से नमक मंगवाने लगे हैं. ऐसे में नावां के कारोबारियों के सामने अपने पुराने बाजार और ग्राहकों को बचाए रखने की चुनौती है. व्यापारियों को उम्मीद है कि उत्पादन बढ़ने और कच्चे नमक के भाव में स्थिरता आने से कारोबार को राहत मिलेगी. फिलहाल सस्ते नमक की प्रतिस्पर्धा, महंगे स्टॉक और सीमित मुनाफे के कारण नावां की नमक मंडी के कारोबार पर दबाव बना हुआ है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
October 19, 2026, 19:29 IST



