Bharatpur News I जहां कभी लहलहाती थी गेहूं-सरसों की फसल, अब वहां खिल रहे फूल, बुरावई गांव बना नई पहचान

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गेहूं-सरसों छोड़ फूलों की खेती की राह पर किसान, बुरावई गांव की बदल रही तस्वीर
Last Updated:October 19, 2026, 20:22 IST
Bharatpur News: भरतपुर का बुरावई गांव अब ‘फूलों वाले गांव’ के रूप में पहचान बना रहा है, यहां किसान गेहूं-सरसों की पारंपरिक खेती छोड़ गेंदा सहित विभिन्न फूल उगा रहे हैं. करीब तीन साल पहले शुरू हुई इस पहल के तहत अब 100 बीघा से अधिक जमीन पर फूलों की खेती हो रही है, जिससे किसानों को कमाई का नया जरिया मिला है.
भरतपुर. जिले का बुरावई गांव फूलों की खेती को लेकर खास पहचान बना रहा है. कभी गेहूं और सरसों की खेती के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र के किसान अब फूलों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. यहां किसान 100 बीघा से अधिक जमीन पर गेंदा सहित विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती कर रहे हैं. फूलों की खेती से किसानों को अच्छी कमाई हो रही है, जिसके चलते अब धीरे-धीरे दूसरे किसान भी इस खेती को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं.
यही वजह है कि बुरावई गांव को अब फूलों वाले गांव के रूप में पहचान मिलने लगी है. भरतपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से किसान गेहूं और सरसों की खेती करते आ रहे हैं. लेकिन खेती की लागत और मुनाफे को लेकर आ रही चुनौतियों के बीच किसानों ने आय बढ़ाने के लिए नए विकल्प तलाशने शुरू किए. इसी क्रम में बुरावई गांव के किसानों ने करीब तीन साल पहले फूलों की खेती करना शुरू किया.
गांव की कृषि व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल रहा
शुरुआत में किसानों ने सीमित जमीन पर फूल उगाए लेकिन इससे होने वाली अच्छी कमाई को देखकर धीरे-धीरे खेती का रकबा बढ़ने लगा है. किसान कमल सिंह ने लोकल 18 को बताया कि पहले गांव के किसान मुख्य रूप से गेहूं और सरसों की खेती करते थे हालांकि इन फसलों से मुनाफा नहीं मिलने के कारण किसानों ने करीब तीन साल पहले फूलों की खेती की शुरुआत की. इसके बाद किसानों को इस खेती से अच्छी आमदनी होने लगी. अब गांव के किसान धीरे-धीरे फूलों की खेती का विस्तार कर रहे हैं. वर्तमान में क्षेत्र में 100 बीघा से अधिक जमीन पर विभिन्न प्रकार के फूल उगाए जा रहे हैं.
फूलों की खेती ने गांव के किसानों के सामने कमाई का एक नया रास्ता खोला है. किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ ऐसी खेती को भी महत्व दे रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके. गेंदा सहित अन्य फूलों की खेती से गांव की कृषि व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल रहा है. बुरावई गांव में फूलों की खेती का बढ़ता रकबा इस बात का उदाहरण है कि किसान बदलते समय के साथ खेती के नए तरीके अपना रहे हैं. यदि फूलों की मांग और किसानों को मिलने वाला उचित बाजार भाव बना रहता है तो आने वाले समय में इस क्षेत्र में फूलों की खेती का और विस्तार हो सकता है. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ बुरावई गांव की पहचान भी और मजबूत होगी.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 19, 2026, 20:22 IST



