Rajasthan

Pali Gulab Halwa: दिवाली से पहले बढ़ी मांग, विदेशों में रहने वाले भारतीय भी रिश्तेदारों से मंगवा रहे यह खास मिठाई

Last Updated:October 20, 2026, 15:28 IST

Pali Favourite Diwali Sweet Gulaab Ka halwa: पाली का 60 साल पुराना प्रसिद्ध गुलाब हलवा अपनी अनूठी महक और स्वाद के लिए जाना जाता है. दिवाली पर इसकी मांग काफी बढ़ गई है, और अब यह दुबई, लंदन और अमेरिका तक पहुंच रहा है. पाली का प्रसिद्ध गुलाब हलवा भी इस मौके पर लोगों की पसंद बना हुआ है. दिवाली नजदीक आने के साथ ही इसकी मांग में तेजी आई है.

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पाली. दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में खुशियों और उमंग के साथ मिठाइयों की खुशबू भी घुलने लगी है. बात जब राजस्थान के पाली की हो, तो यहां के प्रसिद्ध ‘चैन सिंह के गुलाब हलवे’ के बिना त्योहारों की रौनक अधूरी मानी जाती है. दिवाली नजदीक आते ही इस पारंपरिक और लजीज हलवे की मांग बढ़ गई है. दुकान पर खरीदारों की लंबी कतारें लग रही हैं. खास बात यह है कि पाली की यह पारंपरिक मिठास अब सरहदें पार कर चुकी है. दुबई, लंदन और अमेरिका तक में रहने वाले लोग अपने परिवारजनों और रिश्तेदारों के जरिए इस खास गुलाब हलवे को मंगवा रहे हैं.

दिवाली का त्योहार शुरू होते ही घरों में खुशियों और उमंग के साथ मिठाइयों की सौंधी खुशबू घुलने लगती है. पाली का प्रसिद्ध गुलाब हलवा भी इस मौके पर लोगों की पसंद बना हुआ है. दिवाली नजदीक आने के साथ ही इसकी मांग में तेजी आई है. इस पारंपरिक मिठाई का स्वाद चखने के लिए दुकान पर खरीदार पहुंच रहे हैं.

दुबई, लंदन और अमेरिका में भी क्रेजइस बार दिवाली पर खास बात यह है कि पाली की यह पारंपरिक मिठास अब विदेशों तक पहुंच रही है. दुबई, लंदन और अमेरिका जैसे देशों में रहने वाले लोग भी इस हलवे को पसंद कर रहे हैं. वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय अपने रिश्तेदारों के जरिए पाली से गुलाब हलवा मंगवा रहे हैं. इस तरह यह मिठाई विदेशों में रहने वाले लोगों को भी अपने शहर और पारंपरिक स्वाद से जोड़ रही है.

विदेशियों और NRI की पसंद क्यों है यह हलवा?पाली का गुलाब हलवा अपनी अनूठी महक, सौंधे स्वाद और मैरून रंग के लिए जाना जाता है. यही खासियत इसे दूसरी मिठाइयों से अलग बनाती है. विदेशों में रहने वाले कई भारतीय दिवाली के मौके पर अपने पारंपरिक खानपान को याद करते हैं. ऐसे में पाली का गुलाब हलवा उन्हें अपने देश और यहां की मिठाइयों के स्वाद से जुड़ने का मौका देता है. अमेरिका, लंदन और दुबई में रहने वाले लोग अपने परिवारजनों और रिश्तेदारों के जरिए इसे मंगवाते हैं.

60 साल पुराना इतिहास और दिलचस्प कहानीपाली के गुलाब हलवे का इतिहास भी काफी दिलचस्प है. करीब 60 साल पहले पाली के भीतरी बाजार में जैन मार्केट के पास मूलचंद कास्टिया की मिठाई की दुकान पर इस अनोखी मिठाई की शुरुआत हुई थी. उस समय दुकान पर केवल रबड़ी बनाई जाती थी. वहीं काम करने वाले गुलाब पुरी ने एक दिन बचे हुए दूध में शक्कर डालकर उसे धीमी आंच पर पकाना शुरू किया. धीरे-धीरे दूध गाढ़ा होकर मावे में बदलने लगा और उसका रंग खूबसूरत मैरून हो गया.

मिठाइयों से अलग है इसका स्वादजब इस मिश्रण को ठंडा करके चखा गया, तो इसका स्वाद दूसरी मिठाइयों से अलग लगा. बताया जाता है कि इसे बनाने वाले गुलाब पुरी के नाम और इसकी खास खुशबू व रंग के कारण इसका नाम गुलाब हलवा पड़ा. आज यही मिठाई पाली की पहचान बन चुकी है और दिवाली के मौके पर इसकी मांग और भी बढ़ जाती है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Pali,Pali,Rajasthan

First Published :

October 20, 2026, 15:28 IST

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