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काम करते-करते मेंटली ओवरस्टिमुलेटेड तो नहीं हो गए आप? बिना छुट्टी लिए 7 आसान तरीकों से तुरंत करें ‘माइंड को रीसेट’

How To Calm Overactive Mind : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का प्रेशर, लगातार बजती फोन की रिंगटोन, व्हाट्सएप-ईमेल के नोटिफिकेशन्स, गाड़ी घर का लोन, बच्‍चों का भविष्‍य और आसपास का शोर… ये सब मिलकर कई बार हमारे दिमाग का दही बना देते हैं. ऑफिस में बैठे-बैठे कई बार ऐसा लगता है जैसे सिर भारी हो गया है, कुछ समझ नहीं आ रहा और सोचने-समझने की ताकत खत्म हो गई है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो समझ लीजिए कि आपका दिमाग मेंटली ओवरस्टिमुलेटेड (Mentally Overstimulated) हो चुका है.

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क्या होता है ओवरस्टिमुलेशन?हेल्थलाइन के मुताबिक, ओवरस्टिमुलेशन तब होता है जब हमारे दिमाग को एक ही समय में जरूरत से ज्यादा चीज़ों को संभालना पड़ता है. लगातार स्क्रीन देखना, बहुत ज्यादा शोर, बार-बार लोगों का टोकना, काम की डेडलाइन और एक साथ दस चीज़ों के बारे में सोचना—इन सब वजहों से दिमाग थक जाता है.

ऐसी स्थिति में छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ आना, दिमागी थकान, उलझन, बात-बात पर झुंझलाहट और कोई भी फैसला लेने में दिक्कत होना आम बात है. कई बार तो ऐसा लगता है कि अब दिमाग में एक भी नई बात घुसने की जगह नहीं बची है. अच्छी बात यह है कि इसका मतलब कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह सिर्फ इस बात का इशारा है कि आपका दिमाग थक चुका है और उसे रीसेट होने की जरूरत है.

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अब सवाल यह उठता है कि जब ऑफिस में काम का ढेर लगा हो, तो लंबा ब्रेक कैसे लें? जवाब है—ब्रेक लेने की बिल्कुल जरूरत नहीं है! आप अपनी डेस्क पर बैठे-बैठे ही बिना काम रोके अपने दिमाग को तुरंत शांत और रीसेट कर सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 आसान उपाय:

दिमाग को तुरंत शांत कर रीसेट करने का अचूक तरीका – 

गुनगुना पानी या चाय की चुस्की लें (Sip a Warm Drink)जब भी लगे कि दिमाग काम नहीं कर रहा, तो अपनी सीट पर ही थोड़ा सा बदलाव लाएं. एक कप हल्की चाय, ग्रीन टी या फिर ऑफिस में आसानी से मिलने वाला गुनगुना पानी लें. पानी या चाय पीते वक्त सारा ध्यान उसकी गर्मी और उसके अहसास पर लगाएं. जब आप अपना ध्यान ड्रिंक के तापमान पर लगाते हैं, तो दिमाग तुरंत ओवरसोचिंग की मोड से हटकर शांत होने लगता है.

एक समय में एक ही काम करें (Switch To Single Task)-एक साथ कई काम करने यानी ‘मल्टीटास्किंग’ की आदत दिमाग की पूरी एनर्जी सोख लेती है और उसे थका देती है. जैसे ही ओवरस्टिमुलेशन महसूस हो, तुरंत मल्टीटास्किंग बंद कर दें. जो काम सबसे जरूरी है, बस उसी पर ध्यान लगाएं. आसपास फैली गैर-जरूरी चीज़ों और फोन को थोड़ी देर के लिए किनारे हटा दें ताकि दिमाग को एक्स्ट्रा तनाव न मिले.

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सांस लेने का तरीका बदलें (Change Your Breathing Pattern)यह तरीका आपकी नर्वस सिस्टम को तुरंत सिग्नल देता है कि सब कुछ ठीक है. इसके लिए ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ (Box Breathing) तकनीक अपनाएं-

4 सेकंड तक गहरी सांस अंदर खींचें,
4 सेकंड तक सांस रोककर रखें,
4 सेकंड में धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें,
और फिर 4 सेकंड तक रुकें.
3-4 बार ऐसा करने से दिमाग को सेफ्टी सिग्नल मिलता है और हार्ट रेट सामान्य हो जाती है.

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ठंडे पानी का शॉक दें (Use Cold Shock)अगर दिमाग बहुत ज्यादा भारी महसूस हो रहा हो, तो तुरंत वॉशरूम जाकर चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारें या फिर बर्फ/ठंडी बोतल को 30 सेकंड के लिए अपने हाथों में पकड़ें. ऐसा करने से शरीर का ‘पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम’ तुरंत एक्टिव हो जाता है, जो दिल की धड़कन को धीमा करके दिमाग को पलभर में रीफ्रेश और तरोताजा कर देता है.

दिमाग में घूम रही बातों को कागज पर उतारें (Externalise Your Thoughts)जब दिमाग में ढेरों काम और उलझनें एक साथ घूम रही हों, तो उन्हें बाहर निकालना जरूरी है. एक डायरी या पेन-पेपर लें और जो भी पेंडिंग काम हैं, उन्हें लिखना शुरू कर दें. जब आप चीज़ों को कागज पर लिख लेते हैं, तो दिमाग की वर्किंग मेमोरी खाली हो जाती है और आप एक-एक करके कामों को प्राथमिकता (Priority) दे पाते हैं.

आसपास का माहौल थोड़ा बदलें (Change Your Sensory Backdrop)सिर के ठीक ऊपर जल रही तेज लाइट्स आपके दिमाग को और थका सकती हैं. अगर संभव हो तो तेज लाइट को थोड़ा कम करें या बंद कर दें. इसके साथ ही, आप इयरफोन लगाकर हल्की ‘ब्राउन नॉइज़’ (Brown Noise) या हल्का इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक सुन सकते हैं. अगर बहुत देर से एक ही पोजीशन में बैठे हैं, तो थोड़ा सा शरीर को हिलाएं-डुलें.

मसल्‍स टेंशन रिलीज करें (Practice Muscle Tension Release)अपनी डेस्क पर बैठे-बैठे ही शरीर के किसी एक हिस्से, जैसे पैरों की पिंडलियों (Calves) की मांसपेशियों पर ध्यान दें. एक गहरी सांस लें और 5 से 10 सेकंड के लिए उस हिस्से की मांसपेशियों को पूरी ताकत से भींचें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए मांसपेशियों को एकदम ढीला छोड़ दें. यह एक छोटी सी एक्सरसाइज शरीर और दिमाग से जमा हुआ सारा तनाव झटके में बाहर निकाल देती है.

अगली बार जब भी काम के बोझ या शोर-शराबे की वजह से आपको लगे कि दिमाग ओवरलोड हो रहा है, तो काम छोड़कर भागने के बजाय इनमें से कोई भी एक उपाय आजमाएं. काम अपनी जगह रहेगा, लेकिन इन आसान तरीकों से आप बिल्कुल साफ, शांत और नए फोकस के साथ अपने काम पर वापस लौट पाएंगे.

डिस्क्लेमर: इस लेख में बताए गए उपाय सामान्य जानकारी के लिए हैं. चिड़चिड़ापन, बेचैनी, मानसिक थकान या ध्यान लगाने में परेशानी के कई कारण हो सकते हैं. अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करें, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें. यह लेख किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है.

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