घर की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई का जुनून: CUSB से पढ़कर बने असिस्टेंट प्रोफेसर, जानें गिरिधर की कहानी

Last Updated:October 25, 2026, 08:45 IST
Success Story: पटना के गिरिधर ने संघर्षों के बाद सीयूएसबी से पॉलिटिकल साइंस में स्नातकोत्तर कर गोल्ड मेडल हासिल किया और यूजीसी नेट पास कर मोहनपुर डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बने. उनके पिता सरपंच व माता आंगनवाड़ी सहायिका हैं. जानें इनकी कहानी.
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Success Story: पटना के पालीगंज प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले गिरिधर गया जिले के मोहनपुर डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत है. इन्होंने वर्ग 6 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय पटना जिले से की है. उसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई इग्नू से और स्नातकोत्तर की पढ़ाई गया जिले में स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय से की है. इनके पिताजी सरपंच है जबकि माता आंगनवाड़ी सहायिका है. जानें इनकी कहानी.
जेएनवी से CUSB तक ऐसा रहा सफरइंटरमीडिएट तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद पटना में रहकर ग्रेजुएशन की पढाई के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी करने लगे. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरा होने तक सरकारी नौकरी में सफलता नहीं मिली तो इन्होंने स्नातकोत्तर करने की सोची. एमए के लिए इन्होंने दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में नामांकन ले लिया. 2022-24 सत्र में इन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की.
मिला गोल्ड मेडल, हैं एपीएमए के पढ़ाई के दौरान इनका परफॉर्मेंस बढ़िया रहा. डिपार्टमेंट में सबसे अच्छे अंक प्राप्त किया. जिस कारण दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पांचवे दीक्षांत समारोह में इन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. गिरिधर यूजीसी नेट क्वालिफाइड हैं और वर्तमान में मोहनपुर डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रुप में पद स्थापित है. इन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व तक इनके घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी पिताजी सामाजिक कार्य करते थे.
जानें सफलता का मंत्रगिरिधर बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे जिस कारण जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद ग्रेजुएशन इग्नू से की. ग्रेजुएशन के दौरान समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है? फिर सरकारी नौकरी की तैयारी में लग गया. सरकारी नौकरी में सफलता नहीं मिली तो एमए करने की सोची और सीयूएसबी से पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन में एमए की पढ़ाई पूरी की. नेट जेआरएफ क्वालीफाई होने के बाद अब गया के मोहनपुर डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हूं.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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October 25, 2026, 08:45 IST



