Cyclone Arnab Live Updates। Cyclone Arnab Mobile Alert। मौसम कल। कुछ घंटों में बंगाल की खाड़ी में तांडव मचाएगा चक्रवात अर्नब

बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठा चक्रवात ‘अर्नब’ अब एक बेहद गंभीर रूप धारण कर चुका है. मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान 12 से 18 घंटे 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के यानम के पास तटीय इलाकों से टकराने वाला है. तूफान की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने कमर कस ली है. एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने जानकारी दी है कि प्रभावित होने वाले राज्यों में राहत और बचाव कार्यों के लिए 31 टीमों को तैनात कर दिया गया है. आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह तूफान पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए बुधवार की सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच) को पार कर सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटे रह सकती है, जो झटकों के साथ 140 से 180 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश और तेज आंधी का रेड अलर्ट जारी किया है.
चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव और बासंती पूर्णिमा के हाई टाइड के चलते दक्षिण 24 परगना के बासंती ब्लॉक स्थित राधावल्लभपुर गांव में तटबंध का लगभग 350 फीट हिस्सा ढह गया है. इस घटना से इलाके में भारी दहशत का माहौल है और उफनती नदियां गांवों की तरफ बढ़ रही हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बासंती थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है और कई स्थानीय परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके और प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिल सके.
कहां स्कूल-कॉलेज बंद?तूफान अर्नब को लेकर मौसम विभाग के हाई और ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. सुरक्षा के मद्देनजर जमशेदपुर और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. जमशेदपुर के उपायुक्त और चाईबासा के जिला शिक्षा अधिकारियों ने मूसलाधार बारिश और तेज तूफान की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया है. प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और सतर्क रहें.
मीटिंग्स का दौर और फुलप्रूफ स्ट्रैटेजीचक्रवात ‘अर्नब’ के खतरे को देखते हुए रविवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तहत एक अहम समन्वय बैठक हुई. इसके बाद सोमवार को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सभी हितधारकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गई, जिसमें तूफान से निपटने और नुकसान को कम से कम करने की पूरी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश यानम में NDRF की टीमें अलर्ट पर हैं.
आंध्र प्रदेश में 2,000 से ज्यादा शेल्टर तैयार, मोबाइल अलर्ट जारीआंध्र प्रदेश इस चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है. इसे देखते हुए प्रशासन ने राज्य के 20 जिलों में 2,131 चक्रवात शेल्टर बनाए हैं. तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और लगभग 2.07 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं को चक्रवात की चेतावनी वाले मैसेज भेजे गए हैं. इसमें से 6.9 लाख तटीय इलाकों के लोगों को विशेष रूप से ऊंची लहरों के खतरे से सतर्क रहने को कहा गया है. समुद्र में 1.0 से 2.0 मीटर तक तूफानी लहरें उठने की आशंका है, जिसका असर काकीनाडा और यानम के पास सबसे अधिक दिखेगा.
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह, सभी नावें लौटींप्रशासन ने सख्त हिदायत देते हुए मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है. राहत की बात यह है कि सभी 30,043 मछली पकड़ने वाली नावें सुरक्षित किनारे पर लौट आई हैं. प्रमुख बंदरगाहों पर खतरे के चेतावनी संकेत लगा दिए गए हैं. आंध्र प्रदेश और यानम के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी इस चक्रवात का असर देखने को मिलेगा.
फर्जी खबरों और अफवाहों पर ओडिशा सरकार की सख्त एडवाइजरीइस बीच, ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर (SRC) ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही फर्जी खबरों पर चिंता जताई है. कुछ गैर-प्रमाणित मौसम विशेषज्ञ लैंडफॉल की गलत तारीखें और रास्ते का अंदाजा लगाकर अफवाहें फैला रहे थे. सरकार ने ऐसी भ्रामक खबरों से बचने और केवल IMD की आधिकारिक चेतावनियों पर भरोसा करने की अपील की है.



