Best Yoga Asanas for Winter: सर्दियों में शरीर की जकड़न और सुस्ती होगी छूमंतर, रोज करें ये 8 योगासन, दिनभर रहेंगे एक्टिव

Last Updated:October 29, 2026, 12:45 IST
Best Yoga Asanas for Winter: सर्दियों में ठंड की वजह से शरीर में अकड़न होने लगती है और लोग फिजिकल एक्टिविटी भी कम कर देते हैं. ऐसे में कुछ आसान योगासन शरीर को लचीला बनाए रखने और पीठ, कमर व कंधों की जकड़न कम करने में मदद कर सकते हैं. हलासन, भुजंगासन और अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे योगासन रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं. वहीं, पवनमुक्तासन पेट फूलने और गैस जैसी परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकता है. लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी कुछ योगासन फायदेमंद हो सकते हैं.
सर्दियों में हलासन करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इस आसन को करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और पीठ व कंधों की अकड़न कम होती है. इसे करने से स्ट्रेस भी कम होता है. सर्दियों में जब ठंड की वजह से लोग कम एक्टिव रहते हैं और शरीर में अकड़न आ जाती है और ज्यादा एक्सरसाइज करने का मन नहीं करता तब इस आसान से आसन को किया जा सकता है. इससे शरीर भी फिट रहता है.
अर्ध मत्स्येन्द्रासन बैठकर किया जाता है जिसमें शरीर को एक तरफ घुमाया जाता है. इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और कमर की अकड़न कम होती है. सर्दियों में ठंड के कारण शरीर में होने वाली जकड़न को कम करने के लिए भी यह आसन फायदेमंद माना जाता है. इस आसन को करते समय शरीर पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहिए, इससे शरीर की दिक्कत कम होने के बजाय बढ़ सकती है.
भुजंगासन करने से कमर और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे उनमें लचीलापन बढ़ता है. रोजाना भुजंगासन करने से छाती और कंधों की अकड़न और दर्द कम होता है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने और पोस्चर सुधारने में भी मदद करता है. जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन पीठ की जकड़न कम करने में मदद करता है.
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अश्व संचालनासन सूर्य नमस्कार में किए जाने वाले आसनों में से एक है.इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर आगे झुकें और दोनों हाथों को जमीन पर रखें. इसके बाद एक पैर को पीछे की ओर ले जाएं और दूसरे पैर को घुटने से मोड़कर आगे रखें. सामने की ओर देखते हुए छाती को ऊपर उठाएं और शरीर का संतुलन बनाए रखें. ये आसान शरीर का बैलेंस बनाने में मदद करता है.
अधोमुख श्वानासन में शरीर को उल्टे वी के पोस्चर में रखा जाता है. इस आसन को करने से हाथों, पैरों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और अगर किसी को इन अंगों में दर्द है तो वो भी कम होता है.इसके साथ ही, पिंडलियों और जांघों में खिंचाव आता है, जिससे शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है. यह आसन रीढ़ की हड्डी को लंबा खिंचाव देने और शरीर को बैलेंस करने में मदद करता है. इसे करने से पूरा दिन थकान कम महसूस होती और मन भी शांत रहता है.
पवनमुक्तासन करने के लिए पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं और दोनों पैरों को सीधा रखें. फिर धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़कर छाती के पास लाएं और दोनों हाथों से पैरों को पकड़ लें. इसके बाद सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर ठोड़ी को घुटनों के पास लाने की कोशिश करें. इसे करने से पेट की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों में राहत मिलती है और यह डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाने में भी मदद करता है.
बद्धकोणासन उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, जिन्हें लंबे समय तक बैठने के कारण कमर और जांघों के ऊपर अकड़न महसूस होती है. महिलाओं के लिए यह आसान ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इससे पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है. जो लोग वर्क फ्रॉम होम करते है या जिनकी फिजिकल एक्टिविटी कम होती है, उन्हें इस आसान को रोजाना करना चाहिए.
चक्रासन करने से शरीर की काफी सारी मांसपेशियों की अच्छी कसरत होती है. इस आसन में शरीर को पीछे की ओर मोड़ना पड़ता है, जिससे कमर, पीठ, कंधों और हाथों में लचीलापन आता है. इसे करने से छाती खुलती है और रीढ़ की हड्डी की लचक बनाए रखने में मदद मिलती है. अगर आप इसे रोज करते है तो शरीर की ताकत और बैलेंस दोनों बेहतर हो है. शुरुआत में यह आसन को करना थोड़ा मुश्किल लगता है, इसलिए इसे धीरे-धीरे करें ताकि शरीर पर ज्यादा प्रेशर न पड़ें.
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October 29, 2026, 12:45 IST



