Jalore Lakh Chaurasi: 84 लाख योनियों से मुक्ति की मान्यता, जालोर के इस चक्र की परिक्रमा करने उमड़ते हैं श्रद्धालु

Last Updated:October 31, 2026, 18:54 IST
Jalore Lakh Chaurasi: जालोर के लख चौरासी स्थल पर बने विशेष चक्र की परिक्रमा को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है. मान्यता है कि यहां फेरे लगाने से 84 लाख योनियों के जन्म-मरण चक्र से मुक्ति मिलती है. पूर्णिमा, अमावस्या और दिवाली जैसे विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर पहुंचते हैं.
जालौर. हिंदू धर्म में 84 लाख योनियों का उल्लेख मिलता है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जीव जन्म और मृत्यु के चक्र से गुजरता है और मनुष्य जीवन को इस चक्र से मुक्ति पाने का अवसर माना गया है. इसी मान्यता से जुड़ा जालोर का लख चौरासी स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र है. यहां बने लख चौरासी के चक्र की परिक्रमा को लेकर मान्यता है कि इसके फेरे लगाने से 84 लाख योनियों के बंधन से मुक्ति मिलती है. धार्मिक मान्यताओं में परिक्रमा को केवल चक्कर लगाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा और संकल्प से जुड़ा माना गया है. मान्यता है कि व्यक्ति जब यहां परिक्रमा करता है तो उसे अपने मन में सकारात्मक भाव रखना चाहिए और किसी के प्रति गलत विचार या भावना नहीं रखनी चाहिए. इसी वजह से लख चौरासी की परिक्रमा को आस्था, पुण्य और मोक्ष की कामना से जोड़कर देखा जाता है.
मुक्ति धाम के अध्यक्ष कालूराम ने लोकल18को बताया कि लख चौरासी की परिक्रमा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिलती है. पूर्णिमा और अमावस्या के अवसर पर यहां लोग पहुंचते हैं और चक्र की परिक्रमा करते हैं. दिवाली के आसपास भी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ती है और इस दौरान लोग लख चौरासी में भी आस्था के साथ फेरे लगाते हैं. द्वारिका धाम में भी लख चौरासी से जुड़ी धार्मिक परंपरा है. इसी तर्ज पर राजस्थान में जालोर में भी लख चौरासी का चक्र बनाया गया है, यहां श्रद्धालु इस चक्र की परिक्रमा करते हैं और मोक्ष की कामना करते हैं. धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति की कामना से जुड़ा हुआ है.
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोक्ष का अर्थ जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाकर परमात्मा में लीन होना माना जाता है. इसी विचार के कारण लख चौरासी की परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है. यहां आने वाले लोग अपनी आस्था के अनुसार चक्र के फेरे लगाते हैं और ईश्वर से सुख-शांति तथा मोक्ष की कामना करते हैं. लख चौरासी फेरा धार्मिक स्थल स्थानीय आस्था के साथ-साथ यहां की धार्मिक परंपराओं को भी सामने लाता है. द्वारिका धाम से जुड़ी लख चौरासी की परंपरा की तर्ज पर जालोर में बने इस चक्र को लेकर श्रद्धालुओं की अपनी धार्मिक मान्यताएं हैं. पूर्णिमा, अमावस्या और विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां पहुंचने वाले लोग परिक्रमा करते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jalor,Rajasthan
First Published :
October 31, 2026, 18:54 IST



