विमल इलायची विवाद के बीच हाईकोर्ट पहुंचे अजय देवगन, FDA के नोटिस के खिलाफ उठाय कदम- ‘कंपनी को भेजना चाहिए’

Last Updated:October 31, 2026, 19:24 IST
विमल इलाइची का विज्ञापन करने की वजह से शाहरुख खान, टाइगर श्रॉफ और अजय देवगन सवालों के घेरे में हैं. तीनों सितारों के नाम महाराष्ट्र एफडीए ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था. अब अजय देवगन ने नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. एक्टर ने तर्क दिया है कि नोटिस उन्हें नहीं, बल्कि कंपनी को मिलना चाहिए था.
ख़बरें फटाफट
अजय देवगन ने FDA के नोटिस के खिलाफ एक्शन लिया. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: विमल इलाइची का विज्ञापन अजय देवगन के गले का फांस बन गया है. सुपरस्टार पर लोग विज्ञापन के जरिये तंबाकू के सेवन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे. ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के चलते उन्हें ‘महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ ने ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा था. अजय देवगन ने अब नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अजय देवगन ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि यह नोटिस उन्हें गलत तरीके से भेजा गया है, जबकि इसे बनाने वाली कंपनी को भेजा जाना चाहिए था. मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की बेंच 4 नवंबर को मामले की सुनवाई कर सकती है.
अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी करते हुए ‘फूड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ ने कहा कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापनों के जरिए परोक्ष रूप से ‘विमल पान मसाला’ का प्रचार किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र में बैन है. नोटिस में कहा गया है, ‘विज्ञापन की जांच करने पर लगता है कि यह ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार करता है. यह ब्रांड ‘पान मसाला’ से जुड़ा है, जिसको बनाने, इकट्ठा करने, डिस्ट्रिब्यूशन और बिक्री पर महाराष्ट्र में एक साल के लिए बैन है. यह बैन कानून के तहत 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुरूप लागू है.’ ये नोटिस अलग-अलग जगहों पर भेजे गए.
3 सितारों को मिला नोटिसअजय देवगन को नोटिस जुहू स्थित उनके घर पर मिला, जबकि शाहरुख खान को बांद्रा स्थित ‘मन्नत’ में नोटिस दिया गया. टाइगर श्रॉफ को नोटिस उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी’ के जरिए मिला. हालांकि, एफडीए के इन नोटिसों से काफी विवाद खड़ा हो गया, लेकिन किसी भी अभिनेता ने इस पर कोई बयान नहीं दिया. एफडीए ने ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006’ के सेक्शन 24 का हवाला दिया है, जो खाने के चीजों से जुड़े गुमराह करने वाले या भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती है. संस्था खाने-पीने की चीजों और दूध में मिलावट, स्कूलों के पास बिकने वाली चीजों और बैन गुटखा व तंबाकू-पान मसाले की बिक्री की जांच कर रही है. बीते कुछ महीनों में नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
October 31, 2026, 19:24 IST



