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Kerala PSC Exam Scam: सरकारी नौकरी की परीक्षा में गंभीर लापरवाही, गूगल और स्टडी मटीरियल से चोरी हुए 45 सवाल

Last Updated:November 01, 2026, 08:17 IST

Kerala PSC Exam Scam: केरल पीएससी परीक्षाओं में बड़ा घपला सामने आया है. सहायक मोटर वाहन निरीक्षक परीक्षा में 45 सवाल ऑनलाइन स्टडी मटीरियल से कॉपी किए गए थे. मूल्यांकन में गड़बड़ी और भाई-भतीजावाद के आरोपों के बीच क्राइम ब्रांच ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है.सरकारी नौकरी की परीक्षा में गंभीर लापरवाही, यहां से चुरा लिए गए 45 सवालZoomKerala PSC Exam Scam; केरल की सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षा में बड़ी धांधली सामने आई है

नई दिल्ली (Kerala PSC Exam Scam). सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी की उम्मीद रखी जाती है. लेकिन जब सिस्टम के रखवाले ही इसमें सेंध लगाने लगें तो भरोसा टूटना लाजिमी है. कुछ ऐसा ही सनसनीखेज मामला दक्षिण भारत के एक प्रमुख राज्य से आया है. केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्तियों में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. कभी ऑनलाइन स्टडी मटीरियल से धड़ल्ले से सवाल छापने के आरोप लग रहे हैं तो कभी मूल्यांकन में भारी चूक सामने आ रही है.

इन कारनामों से रातों-रात टॉपर की किस्मत ही बदल जाती है. केरल क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की तह तक जाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. सहायक मोटर वाहन निरीक्षक से लेकर मत्स्य विभाग और राज्य योजना बोर्ड तक, सरकारी नौकरी की दौड़ में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं हैं. समझिए कैसे केरल लोक सेवा आयोग के रसूखदार लोग भी जांच के घेरे में आ गए. इसे बड़ा स्कैम माना जा रहा है.

केरल PSC का पूरा मामला क्या है?

केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती परीक्षाओं में धांधली, पक्षपात और नियमों में मनमाने बदलाव के गंभीर आरोप लगे हैं. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कई अलग-अलग केस दर्ज किए हैं. जांच का दायरा बढ़ने के बाद आयोग के अध्यक्ष एमआर बैजू और अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा चुकी है, जबकि 2 अफसरों को गिरफ्तार किया गया है. मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.

45 सवाल सीधे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कॉपी!

विवाद की शुरुआत तब हुई जब ‘सहायक मोटर वाहन निरीक्षक’ (Assistant Motor Vehicle Inspector) की परीक्षा के 45 प्रश्न इंटरनेट पर मौजूद स्टडी मटीरियल से हूबहू (Verbatim) छापे जाने का मामला सामने आया. आरोप है कि ‘स्कैमवेदा’ और ‘सैनफाउंड्री’ जैसी वेबसाइट्स से सवाल सीधे उठाकर पेपर में डाल दिए गए. इतना ही नहीं, जिन उम्मीदवारों के पास तय शारीरिक मानक नहीं थे, उन्हें भी नियमों में फेरबदल कर परीक्षा में शामिल कर लिया गया. इससे योग्य युवाओं का हक मारा गया.

मत्स्य विभाग की भर्ती में भाई-भतीजावाद के आरोप

क्राइम ब्रांच ने ‘मत्स्य विस्तार अधिकारी’ (Fisheries Extension Officer) भर्ती परीक्षा में भी गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी हैं. अगस्त 2020 में निकली इस वैकेंसी की रैंक लिस्ट नवंबर 2022 में आई थी. आरोप है कि केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओसियन स्टडीज (KUFOS) के कुछ खास उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इन्हें कथित तौर पर PSC के चेयरमैन और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों का करीबी बताया जा रहा है.

रातों-रात कैसे बदल गई टॉपर्स की किस्मत?

राज्य योजना बोर्ड (State Planning Board) की परीक्षा में ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम की तकनीकी गलती ने सबको चौंका दिया. अर्थशास्त्र के 10 वर्णनात्मक प्रश्नों (Descriptive Questions) के कुल 58 अंक सही मूल्यांकनकर्ताओं तक पहुंचे ही नहीं. इससे कॉपियां जांचे बिना ही रिजल्ट तैयार हो गया. जब शिकायत पर दोबारा कॉपियां जांची गईं तो जो श्याम कृष्णा पहले तीसरे स्थान पर थे, वे सीधे पहले नंबर पर पहुंच गए. वहीं, पहले स्थान पर काबिज अरुण जे प्रदीप फिसलकर पांचवें नंबर पर आ गए.

खादी बोर्ड और ग्राम तेल निरीक्षक की भर्तियां भी रडार पर

सिर्फ यही परीक्षाएं नहीं, बल्कि खादी बोर्ड और ग्राम तेल निरीक्षक (Village Oil Inspector) के पदों पर हुईं भर्तियों में भी भाई-भतीजावाद और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं. क्राइम ब्रांच की एसआईटी (SIT) अब इन सभी मामलों की परतें उधेड़ने में जुटी है. इससे पता लगाया जा सकेगा कि सरकारी नौकरी के नाम पर पर्दे के पीछे और क्या-क्या खेल चल रहा था.

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November 01, 2026, 08:17 IST

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