World

धरती पर कहां है नरक का दरवाजा? पाताल से धधक रही ज्वाला लीलकर कर देगी भस्म

Last Updated:November 01, 2026, 13:57 IST

Darvaza Gas Crater Turkmenistan: धरती पर मौजूद कुछ जगहें किसी रहस्य से कम नहीं हैं. तुर्कमेनिस्तान का ‘नरक का दरवाजा’ भी ऐसी ही एक जगह है, जहां 50 साल से ज्यादा समय से आग धधक रही है. इसकी शुरुआत एक वैज्ञानिक अभियान के दौरान हुए हादसे से हुई थी. अब खबर है कि यहां आग की लपटें धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं. आखिर क्या है इस रहस्यमयी गड्ढे का पूरा सच?

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में जानकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. ऐसी ही एक जगह तुर्कमेनिस्तान के कराकुम रेगिस्तान में मौजूद है. इसे दुनिया गेट टू हेल यानी नरक का दरवाजा कहती है. यहां जमीन के बीचोंबीच एक विशाल गड्ढा है, जिसमें लगातार आग की लपटें उठती रहती हैं. रात के अंधेरे में इसका नजारा किसी दूसरी दुनिया जैसा दिखाई देता है.

इस रहस्यमयी जगह का असली नाम दारवाजा गैस क्रेटर है. यह तुर्कमेनिस्तान के दारवाजा गांव के पास स्थित है. स्थानीय स्तर पर इसे ‘शाइनिंग ऑफ कराकुम’ के नाम से भी जाना जाता है.यह कोई ज्वालामुखी नहीं है, बल्कि प्राकृतिक गैस के कारण जलता हुआ एक विशाल गड्ढा है. इसकी आग और रहस्यमयी रूप ने इसे दुनियाभर में मशहूर बना दिया है.

इस अनोखी जगह की कहानी साल 1971 से शुरू होती है. उस समय सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक कराकुम रेगिस्तान में प्राकृतिक गैस की तलाश कर रहे थे. इसी दौरान जमीन के नीचे मौजूद गैस का भंडार अचानक धंस गया. देखते ही देखते वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया. इस हादसे ने वैज्ञानिकों और आसपास के लोगों को हैरान कर दिया.

Add as Preferred Source on Google

गड्ढा बनने के बाद उससे लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकलने लगी. इससे आसपास के वातावरण में जहरीली गैस फैलने का खतरा पैदा हो गया. माना जाता है कि वैज्ञानिकों ने गैस को जलाने का फैसला किया, ताकि वह वातावरण में फैलने के बजाय आग में जल जाए. उन्हें उम्मीद थी कि कुछ सप्ताह में गैस खत्म हो जाएगी और आग अपने आप बुझ जाएगी.

वैज्ञानिकों का अनुमान गलत साबित हुआ. आग कुछ सप्ताह में बुझने के बजाय दशकों तक जलती रही. गड्ढे के अंदर से निकलने वाली प्राकृतिक गैस इसकी लपटों को लगातार ईंधन देती रही. रात के समय दूर से दिखाई देने वाली इसकी नारंगी लपटें ऐसा दृश्य बनाती हैं, मानो धरती के अंदर कोई आग का समुद्र धधक रहा हो.

दरवाजा गैस क्रेटर का आकार भी किसी को हैरान कर सकता है. यह करीब 60 से 70 मीटर चौड़ा और लगभग 30 मीटर गहरा है यानी इसकी गहराई करीब 98 फीट के आसपास है. इसके आसपास दूर-दूर तक फैला रेगिस्तान और बीच में जलती आग इसे बेहद अनोखा रूप देते हैं. यही वजह है कि पर्यटक इसे देखने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं.

इस रहस्यमयी जगह को लेकर हाल के वर्षों में एक नई जानकारी सामने आई है. रिपोर्टों के मुताबिक, तुर्कमेनिस्तान की सरकारी गैस कंपनी तुर्कमेंगैस ने बताया कि क्रेटर में आग की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो रही है यानी जिस जगह को दशकों तक कभी न बुझने वाली आग के लिए जाना गया, वहां अब लपटें कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं. (All Photos- AI GENERATED)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया देखें.First Published :

November 01, 2026, 13:57 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj