कांग्रेस ने देश के संविधान को बार-बार तोड़ने का काम किया, आपातकाल पर बोले अरुण चतुर्वेदी

जयपुर. न्यूज18 इंडिया के डायमंड स्टेट समिट में राजस्थान की वित्तीय स्थिति, पानी, बिजली और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. कार्यक्रम में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए नए-नए प्रयोग किए गए हैं. उन्होंने राजस्थान में डबल इंजन सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि इसका प्रदेश को काफी फायदा मिला है.
अरुण चतुर्वेदी ने पिछले तीन साल में प्रदेश में हुए कामों का उल्लेख किया. उन्होंने खास तौर पर पानी और बिजली की समस्या को लेकर सरकार के प्रयासों की बात कही. उनका कहना था कि राजस्थान के सामने लंबे समय से पानी की चुनौती रही है, लेकिन अब इस दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं.
ERCP को आगे बढ़ाया, यमुना के पानी का रास्ता साफ कियाअरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्थान में पानी हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है. पूर्व में बीजेपी सरकार के समय ERCP परियोजना तैयार की गई थी, लेकिन बीच में कांग्रेस सरकार के दौरान यह अटक गई. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार दोबारा आने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने और जमीन पर उतारने का काम किया गया. उन्होंने यमुना के पानी का रास्ता साफ होने का भी जिक्र किया. चतुर्वेदी के मुताबिक, प्रदेश में पानी की जरूरत को देखते हुए सरकार ने इस दिशा में काम किया है. राजस्थान जैसे राज्य में पानी का सवाल सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में पानी से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है.
बिजली उत्पादन बढ़ाया, 26 जिलों में दिन-रात आपूर्ति का दावाबिजली के मुद्दे पर भी अरुण चतुर्वेदी ने सरकार के काम गिनाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की समस्या को खत्म करने के लिए उत्पादन बढ़ाया गया है. अब राजस्थान में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश के 26 जिले ऐसे हैं, जहां दिन-रात बिजली रहती है. यानी इन जिलों में लगातार बिजली उपलब्ध है. चतुर्वेदी ने कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ने से प्रदेश में आपूर्ति की स्थिति बेहतर हुई है. राजस्थान में उद्योग, खेती और घरेलू जरूरतों के लिए बिजली की उपलब्धता अहम मुद्दा रही है. ऐसे में सरकार की ओर से उत्पादन बढ़ाने को बड़ा कदम बताया गया.
राइजिंग राजस्थान से निवेशकों को जोड़ने की कोशिशराज्य में निवेश को लेकर अरुण चतुर्वेदी ने राइजिंग राजस्थान का भी जिक्र किया. उन्होंने इसे बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इसके जरिए निवेशकों का ध्यान राजस्थान की ओर आया है. उनके अनुसार, अब निवेशक प्रदेश में आ रहे हैं. राजस्थान में निवेश बढ़ने से उद्योग और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद रहती है. समिट में चतुर्वेदी ने इस पहल को प्रदेश के विकास से जोड़कर पेश किया. उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए भी नए प्रयोग किए गए हैं. सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के विकास के लिए संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो.
Gen Z के मुद्दे पर बोले- कुछ भटके हुए युवा जंतर-मंतर पर जुटे थेकार्यक्रम के दौरान Gen Z और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर भी अरुण चतुर्वेदी ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि देश का युवा ऊर्जावान है. हालांकि, जंतर-मंतर के मामले में उन्होंने कहा कि वहां कुछ भटके हुए युवा एकत्र हुए थे. उनके मुताबिक, वह वास्तविक आंदोलन नहीं था, बल्कि आंदोलन के लिए आंदोलन था.
SIR पर कांग्रेस को घेराSIR के मुद्दे पर अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. चतुर्वेदी ने इसे देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास बताया.



