Kanika Tekriwal Success Story | कैंसर से जंग जीतकर बनाई 420 करोड़ की कंपनी

Last Updated:November 05, 2026, 15:23 IST
Kanika Tekriwal Success Story: झुंझुनूं के बड़ागांव की कनिका टेकड़ीवाल ने 20 साल की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर 24 साल की उम्र में ‘जेटसेटगो’ कंपनी शुरू की. आज वह 420 करोड़ रुपए के एविएशन साम्राज्य की मालकिन और देश की सफलतम महिला उद्यमी हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो हर मुश्किल को पार करके सफलता के नए शिखर छुए जा सकते हैं.
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झुंझुनूं: सपने देखने वालों की कमी नहीं होती, लेकिन मुश्किलों से लड़कर उन्हें हकीकत में बदलने वाले ही मिसाल बनते हैं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बड़ागांव की बेटी कनिका टेकड़ीवाल ऐसी ही एक अद्वितीय मिसाल हैं, जिन्होंने जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई जीतने के बाद आसमान में सफलता की नई इबारत लिखी. महज 20 साल की उम्र में जब उन्हें स्टेज-2 हॉजकिन लिंफोमा (कैंसर) होने का पता चला, तब उनके सामने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती थी. लेकिन उन्होंने इस गंभीर बीमारी को अपने सपनों के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया. कैंसर से जंग जीती और फिर ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज उनका नाम देश की सबसे सफल महिला उद्यमियों में गर्व से लिया जाता है. कनिका आज करीब 420 करोड़ रुपए के एविएशन कारोबार की संस्थापक और सीईओ हैं.
कनिका ने महज 24 साल की उम्र में वर्ष 2014 में ‘जेटसेटगो’ की शुरुआत की थी. उनकी यह कंपनी प्राइवेट जेट और हेलिकॉप्टर चार्टर सेवाएं उपलब्ध कराती है. कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है और इसके माध्यम से देश-विदेश में एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट हवाई यात्रा की पारदर्शी सुविधा दी जाती है. सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह सफर आज एक बड़े एविएशन कारोबार में बदल चुका है. शुरुआती दिनों में अपनी कंपनी को पहचान दिलाने के लिए कनिका खुद ग्राहकों से संपर्क करती थीं. यहां तक कि अलग-अलग नामों से फोन कर सम्भावित ग्राहकों तक अपनी सेवाओं की जानकारी पहुंचाती थीं. धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और कंपनी का कारोबार भी तेजी से विस्तार लेने लगा.
पायलट बनने का सपना और एविएशन सेक्टर में क्रांतिकनिका को बचपन से ही विमानों और एविएशन क्षेत्र में गहरी रुचि थी. उनकी शुरुआती पढ़ाई ऊटी के प्रतिष्ठित लॉरेंस स्कूल में हुई और इसके बाद मुंबई में उन्होंने कॉलेज की शिक्षा पूरी की. बचपन में उनका सपना एक पायलट बनने का था, लेकिन पढ़ाई के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि एविएशन इंडस्ट्री में विमान उड़ाने के अलावा भी कई बड़े अवसर हैं. इसी रुचि के चलते उन्होंने मुंबई की एक कंपनी के एविएशन विभाग में पार्ट-टाइम काम शुरू किया. यहां उन्हें इस क्षेत्र की बारीकियां समझने का मौका मिला. इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि भारत में प्राइवेट जेट बुक करना आसान नहीं था. इसकी प्रक्रिया बेहद जटिल थी और पारदर्शिता की भारी कमी थी. उन्होंने इस पूरी व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से आसान और पारदर्शी बनाने का फैसला किया, जिससे जेटसेटगो की नींव पड़ी.
सम्मान, उपलब्धियां और भविष्य का विजनकनिका की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोटक प्राइवेट बैंकिंग-हुरुन की भारत की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में वह सबसे कम उम्र की उद्यमियों में शामिल हैं. उनकी कुल संपत्ति करीब 420 करोड़ रुपए है और हाल के वर्षों में इसमें 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. भारत सरकार ने उन्हें ई-कॉमर्स क्षेत्र में नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड से सम्मानित किया है. इसके अलावा फोर्ब्स ने उन्हें एशिया की 30 अंडर 30 सूची में भी स्थान दिया. वर्ष 2022 में कनिका का विवाह शरत चंद्र रेड्डी से हुआ. अब कनिका का ध्यान भारत में विमान प्रबंधन, लीजिंग, एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
November 05, 2026, 15:23 IST



