‘पिंजरे से बाहर आएगी इंडस्ट्री’, बंगाल की नई नीति से जागेगा बंद कारखानों का भाग्य, फिर गूंजेंगे मिलों के सायरन

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फिर गूंजेंगे मिलों के सायरन, बंगाल की नई नीति से जागेगा बंद कारखानों का भाग्य
Last Updated:November 05, 2026, 19:55 IST
West Bengal Industrial Policy: पश्चिम बंगाल में औद्योगिक पुनरुद्धार और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को रफ्तार देने के लिए प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति की सुगबुगाहट के बीच आसनसोल के औद्योगिक गलियारों में दशकों बाद उम्मीदों की नई रोशनी जगी है. बरसों से वीरान और जंग खा रही बंद फैक्ट्रियों के मुख्य द्वारों पर मजदूर, स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ एकत्र हुए और इसे राज्य के औद्योगिक पुनर्जन्म की आहट बताते हुए जश्न मनाया.आसनसोल में जश्न मनाकर बांटी गई मिठाइयां. (आईएएनएस)
West Bengal Industrial Policy: पश्चिम बंगाल में उद्योगों को बढ़ावा देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति की घोषणा से पहले आसनसोल में उत्साह का माहौल देखने को मिला. औद्योगिक क्षेत्र में लोग बंद पड़ी फैक्ट्रियों के गेट के बाहर इकट्ठा हुए और जश्न मनाया. लोगों ने लड्डू बांटे, एक-दूसरे को बधाई दी और उम्मीद जताई कि इस पहल से राज्य में उद्योगों में नई जान आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थिति खराब रही है. नई नीति से उन्हें उम्मीद है कि बंद पड़े कारखाने फिर से खुलेंगे और युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिलेगा. आसनसोल जैसे औद्योगिक शहर में इस घोषणा को लेकर खास उत्साह देखा गया क्योंकि यहां कई कारखाने लंबे समय से बंद पड़े हैं.
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता नीरज चंद्र दास ने कहा कि कोलकाता में औद्योगिक नीति को लेकर बैठक हो रही है और उसी खुशी में यहां के सभी लोग इकट्ठा हुए हैं. उनकी आशा है कि अब बंगाल में कारखाने खुलेंगे और नगरवासियों को रोजगार मिलेगा.
नीरज चंद्र दास ने कहा कि पिछले पंद्रह साल तक तृणमूल कांग्रेस की सरकार रही और उससे पहले पैंतीस साल तक वामपंथी सरकार रही लेकिन इस दौरान उद्योगों को लेकर न कोई गंभीर चर्चा हुई, न खोलने का कोई ठोस निर्णय लिया गया और न ही कोई आवाज उठाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा राजनीतिक माहौल बना दिया गया था कि कोई भी उद्योगपति यहां आना नहीं चाहता था.
उन्होंने कहा कि अब केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है और राज्य में भी भाजपा सरकार है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के प्रयासों से लोगों के चेहरों पर खुशी लौटी है. अब पूरा बंगाल आशावादी है कि कारखाने फिर से खुलेंगे.
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता प्रदीप बावरी ने कहा कि लोगों की यह खुशी सिर्फ जश्न नहीं है बल्कि पीढ़ियों की उम्मीद का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि कम से कम पचास साल से पश्चिम बंगाल को जैसे एक पिंजरे में बंद करके रख दिया गया था. उद्योगों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई और किस तरह उद्योग लगाए जाएं, इस पर कोई गंभीर विचार नहीं हुआ.
प्रदीप बावरी ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार आई और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की सरकार बनी, तब डबल इंजन की सरकार का गठन हुआ. डबल इंजन की सरकार आने के बाद देखा जा रहा है कि जितने भी निवेशक और उद्योगपति हैं, वे सभी पश्चिम बंगाल की ओर आ रहे हैं.
About the Authorराकेश रंजन कुमार
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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Asansol,Barddhaman,West Bengal
First Published :
November 05, 2026, 19:55 IST



