असली मावा या नकली? त्योहारी सीजन में मिठाई खरीदने से पहले जान लें पहचान का तरीका

Last Updated:October 17, 2026, 12:33 IST
Bhilwara Food Safety Department Action: दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए भीलवाड़ा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है. खाद्य सुरक्षा टीमें दुकानों और गोदामों का निरीक्षण कर रही हैं. CMHO डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने लोगों से मिठाई खरीदते समय पैकेट की तारीख और गुणवत्ता जांचने की अपील की है. साथ ही उन्होंने असली और नकली मावे, तीखी खुशबू वाली मिठाइयों और सिंथेटिक रंगों की पहचान करने के आसान तरीके बताए हैं, ताकि लोग मिलावटी खाद्य पदार्थों से बच सकें.
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Bhilwara: दिवाली के पावन और बड़े त्योहार को देखते हुए राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है. त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में मिठाइयों, दूध, मावे और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग में भारी बढ़ोतरी हो जाती है, जिसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं. ऐसे में मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें जिलेभर में लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं. फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा बाजारों की प्रमुख दुकानों, मिष्ठान भंडारों और गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है. इस अभियान के दौरान विशेष तौर पर एक्सपायरी डेट के उत्पादों, खराब खाद्य सामग्रियों और नकली व मिलावटी सामानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि त्योहारों के इस सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय बेहद सावधानी बरतें. उन्होंने कहा कि मिठाई का रंग, उसकी प्राकृतिक खुशबू और स्वाद देखकर भी मिलावट का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है. खासकर मावे और दूध से बनी मिठाइयां खरीदते समय अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है. थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम त्योहार की खुशियों को किसी भी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बचा सकते हैं. डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर भीलवाड़ा शहर सहित पूरे जिले में स्वास्थ्य टीमों द्वारा लगातार औचक कार्रवाई की जा रही हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों का मुख्य उद्देश्य आमजन को पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, साथ ही अवधिपार (Expiry Date) खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करना है. विभाग ने आमजन से यह भी अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर लिखी निर्माण तिथि (Manufacturing Date), उपयोग की अंतिम तिथि (Expiry Date), पैकिंग और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें. यदि किसी भी दुकान पर मिलावट या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई अनियमितता नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर पर दें.
असली और नकली मिठाइयों की पहचान करने के आसान तरीकेत्योहारी सीजन में बाजार से मिठाई खरीदते वक्त मिलावट से बचने के लिए सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा ने कुछ खास और आसान तरीके बताए हैं:
खुशबू की जांच: असली मिठाइयों की खुशबू बहुत ही सौम्य और प्राकृतिक होती है, जो मुख्य रूप से शुद्ध दूध, शुद्ध घी और असली केसर जैसी सामग्रियों से आती है. यदि किसी मिठाई से बहुत तेज या तीखी अप्राकृतिक खुशबू आ रही है, तो समझ लें कि उसमें हानिकारक एसेंस या आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल किया गया है.
स्वाद और मावे की पहचान: खोया यानी मावे से बनी मिठाइयों में मिलावट सबसे आम मानी जाती है. असली मावे को अपनी उंगलियों के बीच मसलने पर उसमें से हल्की सी चिकनाहट और दूध जैसी भीनी खुशबू आती है, जबकि नकली मावा मसलने पर थोड़ा रबड़ जैसा या दानेदार महसूस होता है और उसमें से अजीब सी बदबू आ सकती है. नकली मावे से बनी मिठाइयां खाने से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
रंगों की मिलावट का परीक्षण: अगर किसी मिठाई का रंग जरूरत से ज्यादा गहरा, तेज या अस्वाभाविक रूप से चमकीला दिखाई दे, तो उसमें सिंथेटिक रंगों की मिलावट हो सकती है. खासकर पीले, नारंगी और गुलाबी रंग की मिठाइयों में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसकी जांच के लिए मिठाई का थोड़ा सा टुकड़ा पानी में डालकर देखें, यदि रंग पानी में घुल जाए तो समझिए कि उसमें हानिकारक रंगों की मिलावट की गई है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan
First Published :
October 17, 2026, 12:33 IST



