Business Idea: मात्र 2-3 रुपए में तैयार होगा उत्पाद, 100 रुपए तक खुशी-खुशी देते ग्राहक, अब लगा लें मुनाफे का अंदाजा

Last Updated:September 20, 2026, 08:01 IST
Business Idea: नर्सरी का बिजनेस कम लागत में मोटी कमाई का जरिया बन रहा है. खुद कलम (ग्राफ्टिंग) तैयार करने पर एक पौधे की लागत महज 2 से 3 रुपये आती है. यही पौधा बाजार में 10 से 100 रुपये तक बिकता है. फल और फूलों की नर्सरी में नुकसान का जोखिम न के बराबर है.
ख़बरें फटाफट
भागलपुरः आज के दौर में युवा नौकरी के पीछे भागने के बजाय खुद का बिजनेस शुरू करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. व्यापार का सीधा सा नियम है कम लागत और ज्यादा मुनाफा. हालांकि, कई बार सही रणनीति न होने के कारण स्टार्टअप शुरू होते ही बंद हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप किसी ऐसे बिजनेस की तलाश में हैं जो साल के बारह महीने चले और जिसमें नुकसान का जोखिम बेहद कम हो, तो नर्सरी का बिजनेस आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. भागलपुर में नर्सरी के बिजनेस से लोग कम पूंजी लगाकर हर महीने तगड़ी कमाई कर रहे हैं. इस व्यापार की सबसे खास बात यह है कि इसमें उत्पाद तैयार करने की लागत महज 2 से 3 रुपये आती है. जबकि बाजार में इसकी बिक्री 10 से लेकर 100 रुपये तक होती है.
ग्राफ्टिंग (कलम) तकनीक से बढ़ता है मुनाफालंबे समय से नर्सरी का काम कर रहे स्थानीय विशेषज्ञ अशोक चौधरी बताते हैं कि नर्सरी बिजनेस में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है अपना खुद का प्रोडक्ट तैयार करना. यानी दूसरे स्थानों से पौधे खरीदकर बेचने के बजाय अगर आप खुद कलम (ग्राफ्टिंग) तैयार करके बेचते हैं, तो आपकी लागत न के बराबर आती है. एक पौधा या कलम तैयार करने में मुश्किल से 2 से 3 रुपये का खर्च आता है. शुरुआत में अगर यह पौधा ₹10 में भी बिकता है, तो प्रति पौधा सीधे 7 से 8 रुपये का शुद्ध मुनाफा होता है. यदि आप दिन भर में सिर्फ 100 पौधे भी बेच लेते हैं, तो रोजाना अच्छी-खासी बचत हो जाती है. वहीं जब यही पौधा बढ़कर दो से ढाई फीट का हो जाता है, तो बाजार में इसकी कीमत 75 से 100 रुपये तक पहुंच जाती है.
किस नर्सरी में है सबसे कम जोखिमअशोक चौधरी ने बतलाया कि बाजार में मुख्य रूप से तीन तरह की नर्सरी लगाई जाती हैं. पहली फूलों व बागवानी की नर्सरी. इसमें सजावटी पौधे और तरह-तरह के फूल शामिल होते हैं. दूसरी फलों के पौधों की नर्सरी. इसमें आम, अमरूद, नींबू जैसे सदाबहार फलदार पौधे होते हैं. तीसरी सीजनल सब्जियों की नर्सरी. जैसे मिर्च, पपीता या अन्य मौसमी सब्जियों के पौधे. हालांकि, मौसमी सब्जियों या पपीते की नर्सरी में नुकसान का खतरा थोड़ा ज्यादा रहता है. अगर समय पर पौधे नहीं बिकी तो वे खराब हो जाती हैं. इसके विपरीत, फल और फूलों के पौधों की नर्सरी में नुकसान की गुंजाइश न के बराबर होती है. यदि फलदार पौधे समय पर नहीं भी बिकते, तो वे बड़े होकर और अधिक कीमत में बिकते हैं. सही तरीके और देखरेख से किया जाए, तो यह बिजनेस आपको कम समय में लखपति बना सकता है.
About the AuthorPrashun Singh
प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
और पढ़ेंLocation :
Bhagalpur,Bihar
First Published :
September 20, 2026, 08:01 IST



