Business Idea | kadaknath poultry farming | 30 का अंडा, मीट ₹1000 किलो, 60 हजार से शुरू करें कड़कनाथ मुर्गी पालन

Kadaknath Poultry Farming Business Idea: अगर आप कम जगह में कोई ऐसा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, जिसमें धीरे-धीरे अपनी कमाई बढ़ाने का मौका मिले, तो कड़कनाथ मुर्गी पालन एक अच्छा विकल्प हो सकता है. कड़कनाथ नस्ल अपने काले रंग और अलग पहचान के लिए जानी जाती है. इसके अंडे और मीट की बाजार में सामान्य मुर्गियों के मुकाबले अलग मांग रहती है. यही वजह है कि छोटे स्तर पर मुर्गी पालन शुरू करने वाले लोग भी कड़कनाथ को कारोबार के तौर पर देख रहे हैं.
इस बिजनेस की खास बात यह है कि इसे बहुत बड़े फार्म से शुरू करना जरूरी नहीं है. फिरोजाबाद कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह के मुताबिक कड़कनाथ पालन शुरू करने से पहले ट्रेनिंग लेना जरूरी है. कृषि विज्ञान केंद्र से इसके पालन की जानकारी ली जा सकती है. सही जगह, चूजे, दाना-पानी और देखभाल की व्यवस्था करके इसे छोटे स्तर पर शुरू किया जा सकता है.
करीब 60 हजार रुपये में हो सकती है शुरुआत
डॉ. ओमकार सिंह के मुताबिक कड़कनाथ के चूजे करीब 20 से 25 रुपये प्रति चूजे की दर से मिल जाते हैं. अगर कोई व्यक्ति छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करता है तो शुरुआती खर्च चूजों की संख्या के हिसाब से तय होगा. बताई गई लागत में करीब 25 हजार रुपये चूजों पर, करीब 20 हजार रुपये टीन शेड तैयार करने और करीब 15 हजार रुपये दाना-पानी जैसी शुरुआती जरूरतों पर खर्च होगा. हालांकि चूजों की संख्या, शेड, चारे और स्थानीय कीमत के हिसाब से वास्तविक लागत कम या ज्यादा हो सकती है.
1000 चूजों के लिए करीब 2000 वर्गफुट जगह
अगर बड़े स्तर पर करीब 1000 चूजों से पालन करना है तो लगभग 2000 वर्गफुट जगह की जरूरत होती है. फार्म ऐसी जगह होना चाहिए जहां साफ-सफाई और हवा का अच्छा इंतजाम हो. चूजों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था भी लगातार रखनी होगी. शुरुआत करने वाले व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं कि वह सीधे 1000 चूजों से ही काम शुरू करे. अपनी जगह, बजट और बाजार की मांग के हिसाब से कम संख्या से शुरुआत करके धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जा सकती है.
5 से 6 महीने बाद अंडे और बिक्री से कमाई
कड़कनाथ मुर्गी को तैयार होने में करीब 5 से 6 महीने का समय लगता है. इसके बाद अंडे मिलने शुरू होते हैं. साथ ही आप तैयार मुर्गों को मीट के लिए बाजार में भी बेच सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक के मुताबिक कड़कनाथ के अंडे बाजार में करीब 25 से 30 रुपये प्रति अंडे तक बिकते हैं. हालांकि स्थानीय बाजार और बिक्री के स्थान के हिसाब से कीमत बदल सकती है. इसलिए फार्म शुरू करने से पहले अपने आसपास अंडे और मीट की मांग और कीमत की जानकारी जरूर ले लें.
मीट भी सामान्य चिकन से महंगा बिकता है
कड़कनाथ की एक खास पहचान इसके मीट की बाजार कीमत है. इसका मीट करीब 800 से 1000 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. इस वजह से किसान के पास कमाई के लिए अंडे के साथ मीट बेचने का भी विकल्प रहता है. हालांकि कीमत मिलने वाली जगह, ग्राहक और बाजार की मांग के हिसाब से बदल सकती है. इसलिए बिजनेस शुरू करने से पहले स्थानीय दुकानदारों, होटल, रेस्टोरेंट और सीधे ग्राहकों से बाजार की जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा.
आधे मुर्गे और आधी मुर्गियों का अनुमान
मुर्गी पालन में आमतौर पर चूजों में नर और मादा का अनुपात अलग-अलग हो सकता है. आप 50 प्रतिशत मुर्गे और 50 प्रतिशत मुर्गियों को शामिल करें. अगर पालन के दौरान ऐसा अनुपात रहता है तो किसान को मीट और अंडे दोनों से कमाई का रास्ता मिल सकता है. अंडे देने वाली मुर्गियों को आगे रखकर अंडों की बिक्री की जा सकती है, जबकि मुर्गों को वजन और बाजार की मांग के अनुसार मीट के लिए बेचा जा सकता है.
सिर्फ चूजे खरीदना काफी नहीं, बाजार भी पहले देखें
कड़कनाथ पालन शुरू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपके इलाके में इसके अंडे और मीट की कितनी मांग है. स्थानीय दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट और ग्राहकों से जानकारी लेकर बिक्री का रास्ता तय किया जा सकता है. अगर बाजार में अच्छी मांग है तो छोटे स्तर से शुरू करके कारोबार को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है. इससे किसान या नया कारोबारी एक साथ बहुत बड़ा निवेश करने के बजाय पहले बाजार को समझ सकता है.
ट्रेनिंग लेकर शुरू करें कड़कनाथ का बिजनेस
कड़कनाथ पालन में सिर्फ चूजे खरीदकर उन्हें बड़ा करना ही पर्याप्त नहीं है. दाना, पानी, साफ-सफाई, तापमान, बीमारी से बचाव और समय पर देखभाल भी जरूरी है. इसलिए पहली बार यह काम शुरू करने वाले व्यक्ति को पहले प्रशिक्षण लेना चाहिए. कड़कनाथ मुर्गी पालन में कमाई की संभावना अंडे और मीट की बिक्री से बनती है, लेकिन वास्तविक मुनाफा चूजों की कीमत, दाना, दवा, शेड, मृत्यु दर और बाजार भाव पर निर्भर करेगा. इसलिए इसे शुरू करने से पहले अपने बजट और स्थानीय बाजार के हिसाब से पूरा हिसाब बनाना जरूरी है.
Disclaimer: खबर में बताए गए लागत, अंडे और मीट के दाम स्थानीय बाजार और समय के अनुसार बदल सकते हैं. कड़कनाथ मुर्गी पालन से होने वाली कमाई भी चूजों की संख्या, दाना, देखभाल, बिक्री और बाजार भाव पर निर्भर करती है. इसे निश्चित मुनाफे की गारंटी न माना जाए. इसलिए बिजनेस शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या संबंधित विशेषज्ञ से जानकारी जरूर लें.



