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Agriculture News I बारिश से पहले फसल समेटने की होड़, अलवर में रीपर मशीनों की बढ़ी मांग

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बारिश की आहट के बीच किसानों ने बदला तरीका, मशीन से झटपट कट रहा बाजरा

Last Updated:September 08, 2026, 13:20 IST

Agriculture News: अलवर-खैरथल-तिजारा में बारिश की आशंका के बीच बाजरे की कटाई तेज हो गई है. मजदूरों की कमी से परेशान किसानों के लिए टोंक से पहुंची करीब 1000 ट्रैक्टर रीपर मशीनें राहत बनी हैं. मशीन महज एक घंटे में एक बीघा बाजरे की कटाई कर रही है, जिससे किसानों का समय और मजदूरी का खर्च दोनों बच रहे हैं.

अलवर. खैरथल-तिजारा जिले में लगातार मौसम बदलने से किसान खेतों में व्यस्त नजर आ रहे हैं. बाजरे की फसल पककर तैयार हो गई है और इसकी कटाई जोरों पर चल रही है. बारिश की आशंका को देखते हुए किसान जल्द से जल्द फसल समेटने में जुटे हैं. वहीं, एक साथ कटाई शुरू होने से मजदूरों की कमी हो गई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में फसल को मंडी तक पहुंचाने में भी विलंब होता है. बाजरे की कटाई की समस्याओं से निजात पाने के लिए अलवर के किसानों ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है, जिससे उनकी निर्भरता मजदूरों पर कम हुई है. हाल ही में, राजस्थान के टोंक जिले से लगभग 1000 ट्रैक्टर रीपर मशीनें अलवर पहुंची हैं, जो बाजरे की कटाई का कार्य तेजी से कर रही हैं. ये मशीनें न केवल समय की बचत करती हैं, बल्कि लागत को भी कम करती है.

रीपर मशीन लेकर पहुंचे संजय गुर्जर ने बताया कि वह टोंक जिले के मालपुर से ट्रैक्टर लेकर पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि टोंक जिले से करीब 1000 ट्रैक्टर लेकर वह अलवर जिले में पहुंचे हैं. यह ट्रैक्टर इस समय बाजरे की कटाई कर रहे हैं. किसानों की फसल की जल्दी कटाई करने वह ₹1300- 1500 रुपए बीघा बाजरे की कटाई के रूपए लेते हैं. राजेंद्र चौधरी ने बताया की बारिश का मौसम चल रहा है, किसान जल्दी-जल्दी बाजरे की कटाई करने में लगे हुए हैं. ट्रैक्टर से बाजरे की कटाई की जारी है जो 1 घंटे में एक बीघा खेत की कटाई कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि खेत में 10 मजदूर काम करते हैं, जिसके लिए किसानों को करीब ₹10000 का खर्च आता है, लेकिन मशीन से जल्दी और कम बजट में यह मशीन अकेली काम करती है.

जिसके कारण किसानों के पैसे और समय की बचत हो रही है. एक रीपर मशीन मशीन एक घंटे में एक बीघा खेत की कटाई कर सकती है. इसकी गति और दक्षता ने किसानों की परेशानियों को काफी हद तक कम किया है. रीपर मशीन की खासियत यह है कि इसका उपयोग केवल बाजरे तक सीमित नहीं है. यह ज्वार, ग्वार, तिल जैसी खरीफ फसलों के साथ-साथ गेहूं जैसी रबी फसलों की कटाई में भी प्रभावी है. इसकी बहुमुखी प्रतिभा और किफायती लागत ने इसे किसानों के बीच लोकप्रिय बना दिया है.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Alwar,Rajasthan

First Published :

September 08, 2026, 13:20 IST

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