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Ajmer News: रामदेवरा जैसा आस्था का केंद्र है अजमेर का ये मंदिर, भादवा में होते हैं खास आयोजन

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अजमेर के इस मंदिर में विराजते हैं बाबा रामदेव, 250 साल पुराना है इतिहास

Last Updated:September 06, 2026, 07:07 IST

Ajmer Ramdev Temple: अगर जैसलमेर के प्रसिद्ध रामदेवरा धाम जाना संभव नहीं है तो अजमेर का 250 साल पुराना रामदेव मंदिर भी श्रद्धा और आस्था का खास केंद्र है. पुष्कर रोड पर स्थित यह मंदिर ‘पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी’ के नाम से जाना जाता है. भादवा माह शुरू होते ही यहां धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो जाता है और एकम को होने वाला विशाल जागरण व भजन संध्या विशेष आकर्षण रहती है. बाबा की दूज पर अलग-अलग स्थानों से झंडे लेकर श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं. मंदिर में बाबा रामदेव जी के साथ खाटू श्याम, राधा-कृष्ण, राम दरबार और दक्षिणमुखी हनुमान जी की छह फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन किए जा सकते हैं. शांत वातावरण और प्राचीन धार्मिक परंपरा के कारण यह स्थान अजमेर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खास है.

अजमेर. भादवा माह शुरू होते ही राजस्थान में लोकदेवता बाबा रामदेव जी की भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई देने लगता है. दूर-दूर से लाखों लोग बाबा रामदेव जी के प्रसिद्ध धाम रामदेवरा में दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन अगर आप किसी कारणवश जैसलमेर के रामदेवरा धाम नहीं जा सकते तो अजमेर में पुष्कर मार्ग पर स्थित 250 वर्ष पुराने रामदेव मंदिर में दर्शन कर सकते हैं. इस मंदिर को पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है.

वर्षों से यह मंदिर न केवल अजमेर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि भादवा माह में कई आयोजन होते है. यहां विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है. जिसमें राजस्थान सहित विभिन्न जगहों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, दीपों की रोशनी और जयकारों से भक्तिमय वातावरण में रंग जाता है. बाबा की दूज पर कई अलग अलग जगहों से झंडा आता है.

आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति प्राप्त होती है

पुजारी आगे बताते है कि मंदिर परिसर में बाबा रामदेव के साथ भगवान खाटू श्याम जी, राधा-कृष्ण, राम दरबार और छह फीट ऊंची दक्षिणमुखी हनुमान जी की भव्य प्रतिमा के दर्शन करने को मिलते हैं. इन सभी देव प्रतिमाओं के दर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति प्राप्त होती है.

ऐसे पहुंच सकते हैं यहां

अगर आप अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे है हैं, तो इस मंदिर के दर्शन अवश्य करें. यह मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से 7 किलोमीटर की दूरी पर पुष्कर रोड पर स्थित है. यहां बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है. प्राचीन आस्था, शांत वातावरण और भव्य मंदिर परिसर इस स्थान को श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी एक विशेष धार्मिक आकर्षण बनाते हैं.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Ajmer,Rajasthan

First Published :

September 06, 2026, 07:07 IST

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